
भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन ने ''भारत में निर्मित और डिजाइन की गई 5 जी नैरोबैंड-आईओटी - कोआला चिप,"के बड़े पैमाने पर उत्पादन को सक्षम करने के लिए समझौता ज्ञापन की घोषणा की
10 लाख एकीकृत एनएवीआईसी और जीपीएस रिसीवर की तैनाती और रखरखाव के लिए सिग्नलचिप इनोवेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और सी-डैक के बीच समझौता ज्ञापन की घोषणा
सेमीकॉन इंडिया के बारे में बोलते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग, साझेदारी के मामले में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भारत की महत्वाकांक्षाएं एकदम स्पष्ट हैं। यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अवसरों की भूमि है और यही भविष्य है कि हम भारत के टेकेड के लिए सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं।
मंत्री महोदय ने उल्लेख किया कि हमारी सेमीकॉन नीति के लाभार्थी वर्तमान और भविष्य के स्टार्टअप्स और भारत की प्रतिभाशाली मानव पूंजी होंगे। हम अवसरों का लाभ उठाने के लिए उन्हें सक्षम और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "अतीत में, दुनिया ने इंटेल इनसाइड को सुना, भविष्य में दुनिया को डिजिटल इंडिया इनसाइड सुनाई देना चाहिए।"
सेमीकॉन इंडिया 2022 सम्मेलन के दौरान आज निम्नलिखित समझौता ज्ञापनों की घोषणा की गई:
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने "भारत में निर्मित और डिजाइन किए गए 5 जी नैरोबैंड-आईओटी- कोआला चिप"के बड़े पैमाने पर उत्पादन को सक्षम करने के लिए साइएंट, विसिग नेटवर्क्स और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी हैदराबाद के बीच एक समझौता ज्ञापन की घोषणा की है।
- सिग्नल चिप इनोवेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) के बीच न केवल डिजाइन और निर्माण के लिए बल्कि 10 लाख एकीकृत एनएवीआईसी (भारतीय नक्षत्र के साथ नेविगेशन) और जीपीएस रिसीवर की तैनाती और रखरखाव के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। सिग्नलचिप, एक भारतीय फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनी ने 5जी/4जी नेटवर्क के लिए बेसबैंड, मॉडेम और रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) चिपसेट की "अगुम्बे"श्रृंखला विकसित की है, जिसमें एनएवीआईसी सहित वैश्विक नेविगेशन उपग्रह प्रणालियों के लिए एकीकृत समर्थन है।
- भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अंतर्गत एक वैज्ञानिक समिति, सीडेक द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) उपकरण और डिजाइन समाधान उपलब्ध कराने के लिए सिनोप्सिस, कैडेंस डिजाइन सिस्टम, सीमेंस ईडीए और सिल्वाको के साथ 5 वर्ष के लिए 100 से अधिक संस्थानों के लिए साझेदारी की घोषणा की गई थी।
- सेमीकंडक्टर अनुसंधान निगम (एसआरसी) यूएसए और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी बंबई के बीच एक समझौता ज्ञापन की घोषणा की गई थी ताकि एसआरसी के उद्योग विशेषज्ञों और भारत की अनुसंधान तथा विकास प्रतिभा को उद्योग संचालित विश्व स्तरीय अनुसंधान और विकास कार्यक्रम बनाने के लिए एक साथ लाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की कि जॉर्जिया टेक यूनिवर्सिटी, यूएसए के प्रो. राव तुम्माला ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन की सलाहकार समिति का हिस्सा बनने के लिए सहमति प्रदान की है।
· वर्ष 1993 में जॉर्जिया टेक में शामिल होने से पहले, वह आईबीएम फेलो और एडवांस्ड पैकेजिंग लैब (एपीटीएल) के निदेशक थे, उन्होंने उद्योग के पहले प्लाज्मा डिस्प्ले जैसी प्रमुख तकनीकों का नेतृत्व किया।
· वह उद्योग द्वारा सिस्टम-ऑन-पैकेज (एसओपी) अवधारणा बनाम सिस्टम-ऑन-चिप (एसओसी) के जनक हैं।
· एक शिक्षक के रूप में, प्रो. तुम्मला ने एनएसएफ़ द्वारा वित्त पोषित सबसे बड़े और सबसे व्यापक शैक्षणिक केंद्र की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो जॉर्जिया टेक में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पैकेजिंग में पहला और एकमात्र एनएसएफ़ इंजीनियरिंग अनुसंधान केंद्र है।
· उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और अनगिनत पुरस्कार तथा सम्मान प्राप्त किए हैं।
· वे भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलौर और इलिनोइस विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और जॉर्जिया टेक के विशिष्ट संकाय सदस्य भी रहे हैं।
· वह कई फॉर्च्यून 500 सेमीकंडक्टर और सिस्टम कंपनियों के परामर्शदाता और सलाहकार रहे हैं।
- वैश्विक इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (आईईईई इंडिया) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) के बीच वीएलएसआई डिजाइन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस (ईएमआई) / इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी (ईएमसी) पर ध्यान केंद्रित करते हुए सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स में कौशल और तकनीकी मानकों के विकास के लिए समझौता ज्ञापन की घोषणा की गई।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अटल सामुदायिक नवाचार केंद्र -कलासलिंगम इनोवेशन फाउंडेशन (एसीआईसी-केआईएफ) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद विकास और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन आदि के क्षेत्रों में प्रशिक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन की घोषणा की।


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