पुणे, मई (जिमाका)
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में सभी एजेंसियों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त प्रयास करना चाहिए; पिंपरी-चिंचवड़ के सह पुलिस आयुक्त संजय शिंदे ने निर्देश दिया कि यदि कोई दवा का उत्पादन या आपूर्ति कर रहा है तो समय रहते सख्त कार्रवाई की जाए।
वह जिलास्तरीय नशीले पदार्थ विरोधी नियंत्रण समिति की बैठक में बोल रहे थे। यहां केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग की हिमानी दामिजा, नारकोटिक्स कंट्रोल विभाग के विजय शिंदे, जिला सर्जन महादेव कंकवले, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के महेश कावटिकवार, राज्य उत्पाद शुल्क के उपाधीक्षक युवराज शिंदे, डाक विभाग के वी. एस. कुलकर्णी आदि उपस्थित थे।
श्री शिंदे ने कहा कि नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक ड्रग्स एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की कार्रवाई की जानी चाहिए। नशीली दवाओं की आपूर्ति को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाई जानी चाहिए। यदि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक क्षेत्रों में नशीले पदार्थों का उत्पादन किया जा रहा है, तो इसका अध्ययन किया जाना चाहिए और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। पदार्थ की जांच किट का उपयोग करके जांच की जाए।
नशा करने वालों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। नशीले पदार्थों का सेवन करने से प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास के लिए उन्हें नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति एवं खपत पर अंकुश लगाने के लिए विभागों द्वारा किये जा रहे कदमों की जानकारी दी।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में सभी एजेंसियों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त प्रयास करना चाहिए; पिंपरी-चिंचवड़ के सह पुलिस आयुक्त संजय शिंदे ने निर्देश दिया कि यदि कोई दवा का उत्पादन या आपूर्ति कर रहा है तो समय रहते सख्त कार्रवाई की जाए।
वह जिलास्तरीय नशीले पदार्थ विरोधी नियंत्रण समिति की बैठक में बोल रहे थे। यहां केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग की हिमानी दामिजा, नारकोटिक्स कंट्रोल विभाग के विजय शिंदे, जिला सर्जन महादेव कंकवले, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के महेश कावटिकवार, राज्य उत्पाद शुल्क के उपाधीक्षक युवराज शिंदे, डाक विभाग के वी. एस. कुलकर्णी आदि उपस्थित थे।
श्री शिंदे ने कहा कि नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोपिक ड्रग्स एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की कार्रवाई की जानी चाहिए। नशीली दवाओं की आपूर्ति को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाई जानी चाहिए। यदि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ औद्योगिक क्षेत्रों में नशीले पदार्थों का उत्पादन किया जा रहा है, तो इसका अध्ययन किया जाना चाहिए और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। पदार्थ की जांच किट का उपयोग करके जांच की जाए।
नशा करने वालों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। नशीले पदार्थों का सेवन करने से प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास के लिए उन्हें नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और कॉलेजों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति एवं खपत पर अंकुश लगाने के लिए विभागों द्वारा किये जा रहे कदमों की जानकारी दी।

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