सरकार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अगले पांच वर्ष तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। अब यह कार्यक्रम पन्द्रहवें वित्त आयोग की अवधि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक जारी रहेगा। इसके लिए लगभग तेरह हजार पांच सौ 54 करोड रुपये का परिव्यय स्वीकृत किया गया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय इस कार्यक्रम को लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में छोटे उद्यम लगाकर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। वर्ष 2008-09 में यह कार्यक्रम लागू होने के बाद से सात लाख 80 हजार सूक्ष्म उद्यमों को 19 हजार 995 करोड रुपये की सब्सिडी दी गई है। इससे लगभग 64 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

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