मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

परम अनंत सुपरकंप्यूटर आईआईटीए गांधीनगर में कमीशन किया गया

    इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाईतथा विभाग एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटीकी एक संयुक्त पहल राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएमके तहत राष्ट्र को समर्पित गांधीनगर के आईआईटी का एक अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर परम अनंत आईआईटीगांधीनगर के कार्यवाहक निदेशक प्रोअमित प्रशांतपुणे स्थित सी-डैक के कार्यकारी निदेशक कर्नल ए. के. नाथ (सेवा निवृत्त), एमईआईटीवाई के एनएसएम-एचपीसी प्रभाग के श्री नवीन कुमारएनएसएम के मिशन निदेशक डॉहेमंत दरबारीडीएसटी के एसोसिएट प्रमुख /वैज्ञानिक एफ डॉनम्रता पाठकसी-डैक के वरिष्ठ निदेशक श्री संजय वांधेकरसी-डैक के एसोसिएट निदेशक श्री प्रशांत डिन्डेसी-डैक के संयुक्त निदेशक श्री बी एस वी रमेश तथा एमईआईटीवाईडीएसटीआईआईटीगांधीनगर और सी-डैक के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति में ग्रुप कोर्डिनेटर तथा एमईआईटीवाई की वैज्ञानिक जी. श्रीमती सुनीता वर्मा द्वारा 30 मई, 2022 को कमीशन किया गया। परम अनंत सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी की स्थापना एनएसएम के चरण के तहत की गई है जहां इस प्रणाली को बनाने के लिए प्रयुक्त अधिकांश कंपोनेंट का विनिर्माण और असेंबल मेक इन इंडिया की तर्ज पर सी-डैक द्वारा विकसित स्वदेशी सॉफ्टवेयर स्टैक के साथ-साथ देश में किया गया है।
    एनएसएम के तहत इस 838 टेराफ्लॉप्स सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी की स्थापना करने के लिए 12 अक्तूबर 2020 को आईआईटीगांधीनगर और एडवांस कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैकके बीच समझौता ज्ञापन (एमओयूपर हस्ताक्षर किए गए। यह प्रणाली सीपीयू नोड्सजीपीयू नोड्सहाई मेमोरी नोड्सहाई थौरोपुट स्टोरेज एवं हाई परफार्मेंस इनफिनीब के मिक्स सुसज्जित है तथा विभिन्न वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों की कंपूटिंग आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए इंटरकनेक्ट है।
    परम अनंत सिस्टम हाई पावर उपयोग प्रभावशीलता प्राप्त करने के लिए डायरेक्ट कांटैक्ट लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इस प्रकार प्रचालनगत लागत को कम करती है। मौसम तथा जलवायुबायोइंफार्मेटिक्सकंप्यूटेशनल कैमिस्ट्रीमोलेक्यूलर डायनैमिक्समैटेरियल साईंसकंप्यूटेशनल फ्लुड डायनैमिक्स आदि जैसे विभिन्न वैज्ञानिक डोमैन से मल्टीपल ऐप्लीकेशंस को शोधकर्ताओं के लाभ के सिस्टम पर संस्थापित किया गया है। यह हाई एंड कंप्यूटिंग सिस्टम शोधकर्ता समुदाय के लिए एक बड़ा मूल्य वर्धन साबित होगी।
    परम अनंत सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी संस्थान में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विविध विषगत क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डीगतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटीगांधीनगर के लिए काफी लाभप्रद होगा। इसके अतिरिक्तयह कृत्रिम आसूचना (एआई), मशीन लर्निंग (एमएलएवं डाटा साईंसकंप्यूटेशनल फ्लुड डायनैमिक्स (सीएफडी), जीनोम सेक्वेसिंग तथा डीएनए अध्ययन के लिए बायो इंजीनियरिंगजीन नेटवर्क के पूर्वानुमान तथा पता लगाने में प्रयुक्त कंप्यूटेशनल बायोलॉजी तथा बायोइंफार्मेटिक्सएटोमिक एवं मोलेक्यूलर विज्ञान जो यह समझने में मदद करता है कि किस प्रकार कोई ड्रग किसी विशेष प्रोटीन को बांधता हैउग्र मौसम पूर्वानुमानों तथा मॉडलों के सिमुलेशन के लिए जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण अध्ययन जो किसी तूफान के आने का पूर्वानुमान लगा सकता हैऊर्जा अध्ययन जो डिजाइन सिमुलेशन को आगे बढ़ाने तथा विभिन्न परिमाणों पर ऊर्जा रूपांतरण उपकरणों को ईष्टतम बनाने में सहायता करेगाफायर डायनैमिक्स सिमुलेशननैनोटेक्नोलॉजीरोबोटिक्सएप्लॉयड गणितखगोल विज्ञान तथा खगोल भौतिकीसामग्री विज्ञानक्वांटम यांत्रिकीभवनोंसेतुओं तथा जटिल संरचना के गतिशील व्यवहार को समझने के लिए सिविल इंजीनियरिंग तथा संरचनात्मक यांत्रिकी के लिए भी लाभदायक सिद्ध होगी।
    कुल कंप्यूट शक्ति का एक हिस्सा एनएसएम के अधिदेश के अनुरूपनिकटस्थ शैक्षणिक तथा अनुसंधान संस्थानों के साथ भी साझा किया जाएगा। इसके अतिरिक्तएनएसएम ने भारतीय तथा अन्य सस्थानों एवं उद्योगों से जुड़े शोधकर्ताओं के लिए इस सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी का उपयोग करते हुएकई अनुप्रयोग शोध परियोजनाओं को प्रायोजित किया है। कुल मिला करयह सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी वैश्विक सम्मान की स्थिति तक पहुंचने के लिए भारतीय शिक्षा क्षेत्र तथा उद्योगों में अनुसंधान एवं विकास पहलों को बड़ा प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा। 
    एनएसएम के तहतअभी तक 24 पेटाफ्लॉप की संचयी कंप्यूटिंग क्षमता के साथ देश भर में 15 सुपरकंप्यूटर संस्थापित किए जा चुके हैं। इन सभी सुपरकंप्यूटरों का विनिर्माण भारत में किया गया है और ये स्वदेशी तरीके से विकसित सॉफ्टवेयर स्टैक पर प्रचालन कर रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ