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फर्जी ‘एसएमएस’ के जरिए बिजली उपभोक्ताओं से आर्थिक धोखाधड़ी

व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों के संदेशों का जवाब न दें : महावितरण
पुणे, मई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
बिजली उपभोक्ताओं को निजी नंबर से फर्जी ‘एसएमएस’ भेजकर निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा, फिर एक लिंक भेजना या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए कहना और अगर उपभोक्ता इस तरह से प्रतिक्रिया करता है तो यह वित्तीय धोखाधड़ी का एक रूप है। इसलिए, किसी भी परिस्थिति में व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से प्राप्त नकली ‘एसएमएस’ का जवाब नहीं दें। यह अपील महावितरण द्वारा की गई है।
इस बीच, सोमवार (23 दिसंबर) को पुणे शहर में एक ग्राहक से फर्जी ‘एसएमएस’ भेजकर कथित तौर पर ऑनलाइन 22,000 रुपये लूट लिए गए। संबंधित ग्राहक ने साइबर सेल पुलिस स्टेशन (शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन) में शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा महावितरण पहले भी फर्जी एसएमएस को लेकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा चुकी है।
पिछले माह का बिजली बिल अपडेट नहीं होने से आज रात साढ़े नौ बजे बिजली आपूर्ति काट दी जाएगी। नागरिकों को संलग्न व्यक्तिगत मोबाइल नंबर’, फर्जी’ एसएमएस’ पर नागरिकों से तत्काल संपर्क किया जाना चाहिए। हालांकि, महावितरण ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ‘एसएमएस’ और व्हाट्सएप संदेश किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से नहीं भेजे जाते हैं।
महावितरण केवल मोबाइल नंबर के साथ पंजीकृत ग्राहकों को सिस्टम के माध्यम से ‘एसएमएस’ भेजता है और इसकी प्रेषक आईडी ’ महावितरण’ (जैसे- VM-MSEDCL, VK-MSEDCL ) है। साथ ही, इस आधिकारिक संदेश से उपभोक्ताओं या नागरिकों को अपने निजी मोबाइल नंबर पर किसी महावितरण अधिकारी से संपर्क करने की सूचना नहीं दी जाती है।
विभिन्न निजी मोबाइल नंबरों से संदेश भेजे जा रहे हैं कि बिजली बिलों का भुगतान न करने के कारण आज रात बिजली आपूर्ति काट दी जा रही है। इस मैसेज के बाद निजी मोबाइल नंबर से बिजली बिल भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान का फर्जी लिंक भेजा जा रहा है। ग्राहकों से अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा रहा है। यदि ग्राहक जवाब देता है, तो मोबाइल खाता हैक हो जाएगा और बैंक खाते में शेष राशि चोरी हो जाएर्गीें इसलिए उपभोक्ताओं को इन फेक मैसेज और लिंक को पूरी तरह से नजरअंदाज करना चाहिए।
एमएसईडीसीएल से अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराने वाले ग्राहक ही एसएमएस के माध्यम से पूर्व नियोजित रखरखाव और मरम्मत, तकनीकी या अन्य कारणों से बिजली गुल होने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल कर सकेंगे। यूनिट नंबर, बिजली बिल की राशि की जानकारी, देय तिथि, डिस्कनेक्शन आदि की प्रथागत सूचना भेजी जाती है। हालांकि, फिलहाल निजी मोबाइल नंबरों से नागरिकों को भेजे गए संदेश फर्जी हैं। इसका जवाब न दें। बिल भुगतान के लिए लिंक या कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें। साथ ही मैसेज में बताए गए किसी भी पर्सनल मोबाइल नंबर पर कॉल न करें। किसी भी प्रश्न के मामले में, उपभोक्ताओं को टोल फ्री नंबर 1912, 18001023435 या 18002333435 या निकटतम कार्यालय जो 24 घंटे खुले रहते हैं, पर संपर्क करना चाहिए।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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