बेटी बचाओ अभियान के जनक डॉ. गणेश राख को ‘भीमरत्न पुरस्कार’ से सम्मानित करते हुए महाराष्ट्र राज्य के गृहमंत्री श्री दिलीप वलसे पाटिल उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, मई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
धर्मात्मा फाउंडेशन की ओर से दिया जानेवाला ‘भीमरत्न पुरस्कार’ महाराष्ट्र राज्य के गृहमंत्री श्री दिलीप वलसे पाटिल के शुभ हाथों बेटी बचाओ अभियान के जनक डॉ. गणेश राख को प्रदान किया गया है। इस अवसर पर यहां धर्मात्मा फाउंडेशन के अध्यक्ष मिलिंद जगताप, सचिव पंकज चंदनशिवे, धर्मात्मा फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बेटी बचाओ अभियान की पहल की नीव रखी गई तब डॉ. गणेश राख ने बेटी के जन्म के बाद डिलीवरी का एक भी पैसा न लेने का फैसला लिया था। उससे पहले एक परिस्थिति यह थी कि बेटी के जन्म होने पर पिता को चिंता होती थी कि एक बेटी का जन्म हुआ है? अब हमारा वंश आगे कैसे बढ़ेगा? उसकी परवरिश व शिक्षा कैसे पूरी होगी? उसकी शादी के लिए पैसे कैसे जुटाएं? ऐसे एक या अनेक प्रश्न उठते थे? और यह तथ्य कि एक लड़की का जन्म अनजाने में हुआ है, निराशाजनक है? यह भावना मन में आती थी। आज के समय में देखा जाए तो डॉ. गणेश राख के अभियान का समाज की व्यवस्था पर इतना गहरा प्रभाव हो चुका है कि आज के समय में बेटी के जन्म पर उसका घर घर में स्वागत किया जा रहा है, यह सब बेटी बचाओ अभियान के जनक डॉ. गणेश राख की मेहनत का नतीजा है। बेटी बचाओ अभियान में 13,000 सेे अधिक सामाजिक संगठनों, 25 लाख स्वयंसेवक बेटी बचाओ आंदोलन में भाग लेकर अपना योगदान दे रहे हैं। उनकी इस महान क्रांति को सराहने के लिए उन्हें पुरस्कार से नवाजा गया है।

0 टिप्पणियाँ