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खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक्सपायरी चॉकलेट का उपयोग करने वाले गुड़ उत्पादक के खिलाफ की कार्रवाई

पुणे, जून (जिमाका)
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने दौंड तालुका के एक गुड़ उत्पादक उस्मान मयूर से एक्सपायरी चॉकलेट का उपयोग करने के लिए नमूने लिए और उस पर जब्ती की कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 महाराष्ट्र सहित पूरे देश में 2011 से लागू है और अधिनियम का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, स्वस्थ और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। पिछले कुछ वर्षों में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से पता चला है कि कुछ गुड़ उत्पादक गलत तरीके से गुड़ का उत्पादन कर रहे हैं। इस संबंध में कार्यशाला आयोजित कर मार्गदर्शन करने के बाद भी गलत प्रकार से गुड़ बनाने की सूचना मिलने पर मु. पो. राहु में कार्रवाई की गई।
गुड़ बनाने वाली जगह पर अचानक छापेमारी से पता चला कि अखाद्य चॉकलेट का उपयोग करके बिना लाइसेंस के गुड़ का उत्पादन किया जा रहा था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए इनके पास से 898 किलो 28 हजार 736 रुपये मूल्य का गुड़ व एक्सपायरी चॉकलेट के दो सैंपल और 52 हजार 688 रुपये मूल्य की 998 किलो एक्सपायरी चॉकलेट जब्त की गई। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय  नारागुडे के मार्गदर्शन में की गई।
इस मामले में जांच में पाई गई त्रुटियों के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त (खाद्य) शिवाजी देसाई ने सभी गुड़ उत्पादक और मालिकों से अपील की है कि वे लाइसेंस प्राप्त करने और अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन करने के बाद ही गुड़ का उत्पादन करें।

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