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उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री की कुर्सी के साथ-साथ विधान परिषद की सदस्यता से भी त्यागपत्र

मुंबई, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को होने वाला फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इन्कार का फैसला सुनाया तो उसके तुरंत बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का ऐलान कर दिया। विधान परिषद से भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। देर रात वे अपने निवास मातोश्री से निलकर राजभवन गए। उद्धव ठाकरे खुद कार को ड्राईव करते दिखे। उन्होंने आधिकारिक तौर पर राज्यपाल को इस्तीफा दे दिया।
लाइव ब्रॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि शिवसैनिकों का खून बहे इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूं। आप चाहें तो इसकी खुशी मना सकते हैं। आपको बता दें कि राज्यपाल ने 30 जून को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था। 29 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसी बीच उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि रिक्शा वाला, पान वाला न जाने कितनों को मंत्री बनाया बाला साहेब ने, आज वो लोग उन्हें भूल गए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को धन्यवाद, जो 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया। उनका कहना था कि बागियों को मनाने के लिए वो सब कुछ करने को तैयार थे। यहां तक कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने सरकार से बाहर जाने की भी पेशकश की थी।
उद्धव ठाकरे अपने संबोधन के दौरान इमोशनल होते भी दिखे। वो बोले कि जिन्हें सब कुछ दिया वो साथ छोड़ गए, जिन्हें कुछ नहीं दिया वो साथ हैं। लेकिन वो खुद को मजबूत दिखाने की भी कोशिश में दिखे। वो बोले कि ‘मेरे पास शिवसेना है, जो कोई छीन नहीं सकता। मैं विधान परिषद से भी इस्तीफ़ा देता हूं।
उन्होंने कहा कि मैं आया भी अनपेक्षित रूप से था और जा भी अनपेक्षित रूप से रहा हूं। मतलब हमेशा के लिए नहीं जा रहा हूं। मैं यहीं रहूंगा और शिवसेना भवन में फिर जा कर बैठूंगा। अपने सभी लोगों को एकत्र करूंगा।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मुझे इसका संतोष है कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव किया गया है। बालासाहेब ठाकरे ने जिन शहरों का जो नाम रखा था, आज हमने उनको वे नाम आधिकारिक तौर पर दिए हैं। वे बोले कि राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मेरा साथ दिया। शिवसेना से सिर्फ मैं, अनिल परब, सुभाष देसाई और आदित्य ये चार ही लोग उस प्रस्ताव के पास होने के समय मौजूद रहे।
जेल में बंद अनिल देशमुख और नवाब मलिक को फ्लोर टेस्ट में वोटिंग की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दोनों ईडी और सीबीआई से जुड़े मामलों में जेल में बंद हैं। लिहाजा दोनों एजेंसी उन्हें अपने साथ लेकर असेंबली में जाएंगी। उसके बाद फिर से जेल में लाकर दोनों को बंद कर दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान शिवसेना की तरफ से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सारी दुनिया को पता है कि महाराष्ट्र का मामला अदालत में लंबित है। लेकिन गवर्नर ने फिर भी फ्लोर टेस्ट कराने के अपने आदेश में इसका कहीं पर भी जिक्र नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिंदे गुट के वकील संजय किशन कौल ने कहा कि मौजूदा हालात में महाराष्ट्र राजनीतिक उठापटक देख रहा है। ऐसे में फ्लोर टेस्ट ही हार्स ट्रेडिंग को रोक सकता है। शिंदे गुट के वकील संजय किशन कौल ने कहा कि एकनाथ शिंदे का गुट शिवसेना नहीं छोड़ रहा। 55 में से 39 विधायक हमारे साथ हैं। हम ही असली शिवसेना हैं।
उद्धव ठाकरे की पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने फ्लोर टेस्ट कराने के सवाल पर कहा कि कल अगर ऐसा नहीं हुआ तो आसमान नहीं टूटने वाला है। उनका कहना था कि सुपरसॉनिक स्पीड से फ्लोर टेस्ट का आदेश जारी किया गया है।

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