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तीनों बिजली कंपनियों के समक्ष है आर्थिक स्थिति सुधारने की चुनौती : ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत

प्रकाशगढ़ मुख्यालय में मनाई गई महावितरण की 17वीं वर्षगांठ
मुंबई, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
ऊर्जा प्रगति का इंजन है। बिजली कंपनी के कर्मचारी इस इंजन को गति और ईंधन देने की चुनौती का सामना जरूर करेंगे। यह विश्वास राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत ने व्यक्त किया। वह मुंबई स्थित महावितरण के प्रकाशगढ़ मुख्यालय में आयोजित महावितरण की 17वीं वर्षगांठ के अवसर पर बोल रहे थे। 
6 जून को राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन मराठी मिट्टी में उगे स्वराज्य के सूर्य ने ऐसी ऊर्जा पैदा की है जो राज्य और देश के लिए हजारों साल तक चलेगी। उसी दिन महावितरण, महानिर्मिति और महापारेषण की स्थापना की गई थी। ऊर्जा की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है क्योंकि ऊर्जा का प्रगति से सीधा संबंध है। तीनों कंपनियों को आज आर्थिक स्वास्थ्य में सुधार, बिजली आपूर्ति की औसत लागत में कमी, कृषि उपभोक्ताओं को बिजली की दैनिक आपूर्ति, गुणवत्तापूर्ण बिजली के प्रावधान का सामना करना पड़ रहा है। स्थायी आधार पर उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने, कोयला संकट का स्थायी समाधान, औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के क्रॉस-सब्सिडी के बोझ को कम करने के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाने के लिए, अक्षय ऊर्जा की मात्रा में वृद्धि करना ताकि कार्बन पदचिह्न को काफी कम किया जा सके। ये कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करने और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होंगी।  
जल्द ही लगने वाले स्मार्ट मीटर प्री-पेड और पोस्टपेड होंगे। स्मार्ट मीटर के उपयोग से बिजली सहायक कंपनियों की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। डॉ. राउत ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनशक्ति की लागत को कम करने में भी मदद करेगा। हाल के दिनों में प्रभावी कोयला प्रबंधन के माध्यम से उत्पादन लागत में 30 से 40 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। हम बिजली उत्पादन के विभिन्न विकल्पों पर लचीला रुख अपना रहे हैं।
किसान सरकार का केंद्र बिंदु हैं, इसलिए आम लोगों को 24 घंटे बिजली और सस्ती व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि पंप नीति के तहत राज्य के एक तिहाई किसानों को बकाया माफ कर दिया गया है और यदि सभी किसानों को नियम और मानदंडों के अनुसार लाभ लिया, तो उन्हें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के बिजली बिल में छूट मिलेगी।
विभाग राज्य से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने, उनमें निवेश करने और स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्विट्जरलैंड में आयोजित परिषद में भाग लेते हुए ऊर्जा क्षेत्र के लिए 54,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसमें से 4,000 करोड़ रुपये केवल विदर्भ के लिए होंगे। नए उद्यमियों के लिए अपारंपरिक ऊर्जा एक बेहतरीन मंच के रूप में उपलब्ध होगी। संक्षेप में, ऊर्जा विभाग घरेलू और विदेशी निवेश को अधिकतम सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रमाणित करते हुए कि महाराष्ट्र के उद्योगपति उन्हें अन्य राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए उचित बिजली दर और अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. नितिन राउत ने कहा कि हम वाणिज्यिक, औद्योगिक, घरेलू और कृषि पंप उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
इस अवसर पर महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री विजय सिंघल, महानिर्मिती के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजय खंदोरे ने भी मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर महावितरण एवं महानिर्मिति के सभी संचालक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।

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