अनंत-उपकार श्रणानुबंध-कृतज्ञता समारोह
पुणे, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)भांडारकर प्राच्यविद्या संशोधन मंदिर के विश्वस्त और पूर्व सांसद प्रदीपदादा रावत ने कहा कि सरकारी अधिकारी जनता की समस्याओं का आसानी से समाधान कर जनोन्मुखी सेवा के लिए शासन और प्रशासन के राजदूत के रूप में कार्य करें।
वह भांडारकर प्राच्यविद्या संशोधन मंदिर के विश्वस्त, पुणे और अनंत कुमार संप्रदाय द्वारा संयुक्त रूप से नवलमल फिरोदिया हॉल में आयोजित अनंत कुमार ताकवले (आईएएस), विभागीय पासपोर्ट अधिकारी, पुणे के ऋणानुबंध-कृतज्ञता समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
इस अवसर पर सत्कारमूर्ति अनंत कुमार ताकवले , कार्यक्रम संयोजक श्याम देशपांडे, आईएएस (सेवानिवृत्त), भांडारकर इंस्टीट्यूट के प्रमुख भूपाल पटवर्धन, प्राचार्य भाऊसाहेब जाधव, श्रीमती सपना अनंतकुमार ताकवले, विनायक भोसले (आईपीएस के लिए चयन) सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
आगे बोलते हुए श्री रावत ने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ आकर काम करने की जरूरत है। तभी हमारे समाज के उत्थान होगा, इस प्रकार का प्रयास विभागीय पासपोर्ट अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए श्री अनंतकुमार ताकवले ने किया है, यह बात निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। अपनी कार्यभूमि को मायभूमि समझकर कार्य करने का श्री ताकवले का तरीका बहुत अच्छा है। अनंतकुमार एक बहुत ही शुद्ध और संस्कारी दिमाग के अधिकारी हैं। इंसान को सिर्फ आंखें ही नहीं, उपयोग का नहीं बल्कि दूरदृष्टि का होना बहुत महत्वपूर्ण है। किसी भी बदलाव की शुरुआत खुद से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज का गांव एक है, हमको ही उसका भाईचारा एक करना है। उन्होंने वर्तमान में लोगों के बीच निवेश की कमी पर अफसोस जताया।
सफलता का सारा श्रेय सहकर्मियों और सहयोगियों को जाता है : अनंतकुमार
इस अवसर पर अनंतकुमार ताकवले ने आभार व्यक्त करते हुए पुणे में अपने कार्यकाल के दौरान किए गए सभी कार्यों का श्रेय अपने सहयोगियों और सहयोगियों को देकर अपने मन की महानता को साबित किया। सरकारी सेवा में काम करते समय संविधान द्वारा दिए गए विशेष अधिकारों के साथ-साथ लोगों के मूल अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। उन्होंने सरकारी सेवा में काम करते हुए समाज के कर्ज को स्वीकार किया और कहा कि हम किसी भी चुनौती का सकारात्मक रूप से सामना कर सकते हैं।
उन्होंने अपने बचपन से संघर्ष की यात्रा के लिए समय-समय पर हमें मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सबसे पहले उत्तराखंड राज्य में प्रशासनिक सेवा में काम करना शुरू किया। बार-बार स्थानान्तरण भी हुए, हर बार स्थानान्तरण को लगभग पूरे उत्तराखंड में घूमने के अवसर के रूप में स्वीकार किया गया। आनंद से हर जगह काम किया। उत्तराखंड के सभी जिलों में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह अवसर समाज के जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया गया है। मैं अपने पिता के काम करने के तरीके से प्रेरित था। उसके बाद उन्होंने पुणे में इंजीनियरिंग की डिग्री, यूपीएससी के लिए कुछ समय नौकरी, मराठी साहित्य और भूगोल विषय को लेकर उत्तराखंड में नौकरी शुरू की। उन्होंने प्रशासनिक सेवा, आध्यात्मिकता, सामाजिक न्याय, शिक्षा प्रणाली, शिक्षा प्रणाली में बदलाव, लोकोन्मुखी प्रशासन पर भी अपने विचार साझा किए।
2018 से पुणे में विभागीय पासपोर्ट ऑफिसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने ऐसे काम किया जैसे वे घर पर हों। इस दौरान बारह जिलों में बीस नए कार्यालय शुरू किए गए। यहां तक कि कोरोना के समय में भी उन्होंने पुलिस, डाकघर, दूरसंचार विभाग आदि विभागों की मदद से काम किया और इससे जीरो लेटेंसी हासिल हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी सफलता है कि अब भी नागरिकों को तत्काल पासपोर्ट वितरित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय लोक सेवा आयोग की अंतिम सूची में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए विनायक भेसले को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री भोसले ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे श्री ताकवले का मार्गदर्शन मिला है। वहीं प्राचार्य भाऊसाहेब जाधव ने कहा कि ताकवले का बिना किसी अपेक्षा के ईमानदारी से काम करने का गुण प्रशंसनीय है।
कार्यक्रम का प्रास्तावित करते हुए श्याम देशपांडे ने अपने परिचयात्मक भाषण में ‘अनंत उपकार, ऋणानुबंध समारोह की जानकारी दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस तरह के समारोह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी और प्रकाशस्तंभ होंगे। आकाशवाणी की श्रीमती तेजस्वी कांबले ने श्री अनंतकुमार के मानपत्र का वाचन किया। इसके बाद श्री ताकवले को सम्मानित किया गया। उसके बाद उपस्थित मित्र ने श्री को शॉल और नारियल का गुलदस्ता भी दिया। टकवाले के लिए अपने प्यार का इजहार किया। इसके बाद उपस्थित मान्यवरों के हाथों पुणेरी पगड़ी, शाल- श्रीफल देकर श्री ताकवले को सम्मानित किया गया और उपस्थित स्नेहियों ने भी शाल श्रीफल पुष्पगुच्छ देकर श्री ताकवले के प्रति अपना प्रेमभाव व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री जामकर, सर्वश्री रवींद्र तांबोली, योगेश्वर गंधे, लोकमान्य मल्टिपर्पज के सुशील जाधव, श्री व सौ. सोरमारे, श्री संजय परलीकर, यशदा के डॉ. बबन जोगदन, सूचना उपसंचालक डॉ. राजू पाटोदकर, बाल विकास समिति सदस्य श्रीमती सारिका आगज्ञान एवं प्रतियोगिता परीक्षा के विद्यार्थी व श्री ताकवले के मित्र परिवार, स्नेही बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
2018 से पुणे में विभागीय पासपोर्ट ऑफिसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने ऐसे काम किया जैसे वे घर पर हों। इस दौरान बारह जिलों में बीस नए कार्यालय शुरू किए गए। यहां तक कि कोरोना के समय में भी उन्होंने पुलिस, डाकघर, दूरसंचार विभाग आदि विभागों की मदद से काम किया और इससे जीरो लेटेंसी हासिल हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी सफलता है कि अब भी नागरिकों को तत्काल पासपोर्ट वितरित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय लोक सेवा आयोग की अंतिम सूची में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए विनायक भेसले को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री भोसले ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे श्री ताकवले का मार्गदर्शन मिला है। वहीं प्राचार्य भाऊसाहेब जाधव ने कहा कि ताकवले का बिना किसी अपेक्षा के ईमानदारी से काम करने का गुण प्रशंसनीय है।
कार्यक्रम का प्रास्तावित करते हुए श्याम देशपांडे ने अपने परिचयात्मक भाषण में ‘अनंत उपकार, ऋणानुबंध समारोह की जानकारी दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस तरह के समारोह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी और प्रकाशस्तंभ होंगे। आकाशवाणी की श्रीमती तेजस्वी कांबले ने श्री अनंतकुमार के मानपत्र का वाचन किया। इसके बाद श्री ताकवले को सम्मानित किया गया। उसके बाद उपस्थित मित्र ने श्री को शॉल और नारियल का गुलदस्ता भी दिया। टकवाले के लिए अपने प्यार का इजहार किया। इसके बाद उपस्थित मान्यवरों के हाथों पुणेरी पगड़ी, शाल- श्रीफल देकर श्री ताकवले को सम्मानित किया गया और उपस्थित स्नेहियों ने भी शाल श्रीफल पुष्पगुच्छ देकर श्री ताकवले के प्रति अपना प्रेमभाव व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री जामकर, सर्वश्री रवींद्र तांबोली, योगेश्वर गंधे, लोकमान्य मल्टिपर्पज के सुशील जाधव, श्री व सौ. सोरमारे, श्री संजय परलीकर, यशदा के डॉ. बबन जोगदन, सूचना उपसंचालक डॉ. राजू पाटोदकर, बाल विकास समिति सदस्य श्रीमती सारिका आगज्ञान एवं प्रतियोगिता परीक्षा के विद्यार्थी व श्री ताकवले के मित्र परिवार, स्नेही बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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