मांजरी, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
खडकवासला जलाशय 100 प्रतिशत भर जाने के कारण कल रात साढ़े 11 बजे से मुठा नदी में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण मांजरी स्थित ब्रिज को छूता हुआ पानी बह रहा है। बाढ़ की संभावना को मद्देनजर रखते हुए ब्रिज पर यातायात को रोक दिया गया है, उसके बावजूद वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर ब्रिज पर आवाजाही कर कर रहे हैं, जो निसंदेह खतरनाक है। सभी को मालूम है कि बारिश के मौसम में इस ब्रिज पर पानी बहने लगता है और दोनों ओर का संपर्क एक दूसरे से टूट जाता है। यह समस्या हर साल की है, परंतु शासन-प्रशासन इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता। यहां के स्थानीय सांसद और विधायक इस ओर सिर्फ वोट मांगने आते हैं, उसके बाद यानी पांच साल तक मुड़कर भी नहीं देखते। इस प्रकार समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। खास बात यह है कि शासन द्वारा इस ब्रिज के पास ही एक नया ब्रिज बनाना शुरू किया है, उसके कुछ पिलर भी बनकर तैयार हो गए हैं, परंतु यह कार्य वर्षों से यूं ही अधूरा पड़ा हुआ है। बारिश का मौसम आता है और चला जाता है, नागरिक परेशान होते हैं और भूल जाते हैं, परंतु शासन प्रशासन को इस समस्या की कोई भी परवाह नहीं है। लाखों रुपये खर्च कर नए ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, परंतु अभी तब वह पूरा नहीं हो पाया। अब तो यह आशंका पैदा हो रही है कि क्या यह नया ब्रिज बन पाएगा भी या नहीं..!
स्थानीय नागरिक हर बार यह आस लगाए बैठते हैं कि अब नई सरकार आई तो ब्रिज का काम शुरू हो जाएगा, परंतु नागरिकों की आस यूं ही आस बनी रहती है, वह कभी हकीकत में नहीं बदलती। इसके बावजूद नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कोई बड़ी घटना घटने से पहले ही जल्द से जल्द नए ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया जाए और उसे यातायात के लिए खुला किया जाए।
खडकवासला जलाशय 100 प्रतिशत भर जाने के कारण कल रात साढ़े 11 बजे से मुठा नदी में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण मांजरी स्थित ब्रिज को छूता हुआ पानी बह रहा है। बाढ़ की संभावना को मद्देनजर रखते हुए ब्रिज पर यातायात को रोक दिया गया है, उसके बावजूद वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर ब्रिज पर आवाजाही कर कर रहे हैं, जो निसंदेह खतरनाक है। सभी को मालूम है कि बारिश के मौसम में इस ब्रिज पर पानी बहने लगता है और दोनों ओर का संपर्क एक दूसरे से टूट जाता है। यह समस्या हर साल की है, परंतु शासन-प्रशासन इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता। यहां के स्थानीय सांसद और विधायक इस ओर सिर्फ वोट मांगने आते हैं, उसके बाद यानी पांच साल तक मुड़कर भी नहीं देखते। इस प्रकार समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। खास बात यह है कि शासन द्वारा इस ब्रिज के पास ही एक नया ब्रिज बनाना शुरू किया है, उसके कुछ पिलर भी बनकर तैयार हो गए हैं, परंतु यह कार्य वर्षों से यूं ही अधूरा पड़ा हुआ है। बारिश का मौसम आता है और चला जाता है, नागरिक परेशान होते हैं और भूल जाते हैं, परंतु शासन प्रशासन को इस समस्या की कोई भी परवाह नहीं है। लाखों रुपये खर्च कर नए ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, परंतु अभी तब वह पूरा नहीं हो पाया। अब तो यह आशंका पैदा हो रही है कि क्या यह नया ब्रिज बन पाएगा भी या नहीं..!
स्थानीय नागरिक हर बार यह आस लगाए बैठते हैं कि अब नई सरकार आई तो ब्रिज का काम शुरू हो जाएगा, परंतु नागरिकों की आस यूं ही आस बनी रहती है, वह कभी हकीकत में नहीं बदलती। इसके बावजूद नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कोई बड़ी घटना घटने से पहले ही जल्द से जल्द नए ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया जाए और उसे यातायात के लिए खुला किया जाए।
महत्वपूर्ण सूचना
खडकवासला जलाशय 100 प्रतिशत भर गया है, जिसके कारण जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। आज रात 8.00 बजे 13 हजार 142 क्यूसेक्स पानी छोड़ा जाएगा। बारिश के अनुसार पानी कम या अधिक छोड़ा जाएगा, इसलिए नदी किनारे रह रहे नागरिक सतर्क रहें। यह अपील जिला प्रशासन द्वारा की गई है।


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