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जनकल्याण की योजना-1 : रेशम उद्योग के माध्यम से किसानों के आर्थिक उत्थान की योजना

पुणे, अगस्त (जिमाका)
नियम व शर्तें

-कम से कम आधा एकड़ भूमि - जल निकासी, बारहमासी पानी की सुविधा।
-शहतूत की खेती, कीट पालन सामग्री और ठोस आदर्श कीट पालन गृह बनाने की क्षमता। 
-किसान प्रकल्प, समूह का होना चाहिए।
मनरेगा के तहत लाभार्थी चयन श्रेणी
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भटक्या जनजाति, भटक्या विमुक्त जनजाति,  गरीबी रेखा के नीचे के अन्य परिवार, महिला प्रधान परिवार, शारीरिक अपंगत्व वाले परिवार, भुसूधार योजना के लाभार्थी, इंदिरा आवास योजना के लाभार्थी, अनुसूचित जनजाति के परंपरागत वन्य निवासी (वन अधिकार मान्यता 2006) के अनुसार पात्र व्यक्ति, आधा एकड़ से 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसान।
सुविधा छूट
-सरकार के माध्यम से आपूर्ति किए गए अंडों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी।
-वर्षभर 800 अंडे के पैक तक की सब्सिडी।
-बारामती कृषि उपज बाजार समिति के कोष बिक्री केंद्र में बेचे जाने वाले कोष की सीएसआर किस्म का 300 रुपये तक मूल्य नहीं मिलने पर उसकी सब्सिडी।
-2022-23 में एक एकड़ के लिए मनरेगा के अंतर्गत 3 लाख 39 हजार रुपये अनुदान, 3 वर्षों में विभाजित और इसमें से कीट प्रजनन गृह के लिए एक वर्ष में 1 लाख 1 हजार 200 रुपये का अनुदान।
-जो किसान मनरेगा योजना के पात्र नहीं हैं, उन्हें सिल्क समग्र 2 योजना के माध्यम से सब्सिडी दी जाएगी।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें : जिला रेशीम कार्यालय, 24 ब, नवीन शिवाजी नगर बस स्टैंड के पास, शिवाजीनगर, पुणे -3, (020-25814483)।

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