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पुणे जिला परिषद के माध्यम से 16 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर पोषण’ उपक्रम

पुणे, अगस्त (जिमाका)
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ गतिविधि लागू की जा रही है। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार पुणे जिला परिषद की ओर से ‘हर घर तिरंगा!, हर घर का पोषण !! (घरोघरी तिरंगा! घरोघरी पोषण!!) उपक्रम शुरू किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद द्वारा जानकारी दी गई है।
एकात्मिक बालविकास सेवा योजना के अन्तर्गत पुणे जिले में 21 ग्रामीण प्रकल्पों के अन्तर्गत 4 हजार 669 आंगनबाडी केन्द्र हैं। आजादी का अमृत महोत्सव- हर घर तिरंगा के तहत इन परियोजनाओं में जिला परिषद की ओर से आंगनवाडी केंद्रों में विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जागरूकता अभियान के तहत 9 अगस्त को सभी आंगनबाडी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता, सहायिका गृह भ्रमण के दौरान जागरूकता पैदा कर परिवारों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। आंगनबाडी केन्द्रों के अग्रभाग में भी ‘हर घर तिरंगा!, हर घर का पोषण !!’ चित्रित किया जाएगा।
10 अगस्त को ग्राम स्तर पर महिलाओं की बैठक होगी और पूरक भोजन, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा कानून और महिला अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम में महिला क्रांतिकारियों के योगदान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
11 अगस्त को मोबाइल साइड इफेक्ट पर मार्गदर्शन, 12 अगस्त को आंगनवाडी कर्मचारियों का तिरंगा नारा, तिरंगा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन एवं विजेताओं को परियोजना स्तर पर प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जायेगा।
प्रत्येक आंगणवाडी केंद्र पर 13 अगस्त को रोजी ‘गोपाळांची पंगत’ उपक्रम शुरू किया जाएगा, इसमें गांवों के दानदाता, पतसंस्था, बचत गट, सामाजिक संस्था, लोकप्रतिनिधियों के माध्यम से स्वस्थ आहार विशेषत: सात दिन तक लगातार ‘फळांची पंगत’ अभिनव उपक्रम शुरू किया जाएगा। तिरंगे ध्वज में रंगों की तरह हर रोज एक रंग का फल बांटे जाएंगे।
आंगणवाडी केंद्र, बीट एवं प्रकल्पस्तर पर 14 से 15 अस्त को पोषक पाककृति की प्रदर्शनी की जाएगी, जिसमें फल, सब्जी, दूधजन्य पदार्थ आदि स्वरूप के परिपूर्ण तिरंगा आहार का महत्व, पोषण थाली के बारे में गर्भवती महिलाओं के परिजनों एवं कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को मार्गदर्शन किया जाएगा।
श्री प्रसाद ने बताया कि 16 अगस्त को किशोरी मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपकेन्द्रों की जगह स्वास्थ्य के बारे में, उचित एवं उचित आहार के बारे में एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों आदि के संबंध में मार्गदर्शन करने के निर्देश दिये गये हैं।

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