पुणे, अगस्त (जिमाका)
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दौंड तालुका के खामगांव फाटा, कासुर्डी में दो गुड़ बनाने वाले घरों में छापेमारी की और 2 लाख 19 हजार 600 रुपये मूल्य का 7 हजार 313 किलोग्राम मिलावटी गुड़ और 82 हजार 440 रुपये मूल्य की 2 हजार 750 किलोग्राम मिलावटी चीनी जब्त की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक्सपायरी चॉकलेट, मिलावटी गुड़ और चीनी का इस्तेमाल करने वाले गुड़ निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। जनवरी 2022 में गुड़ के दो उत्पादकों के यहां छापेमारी कर 3 लाख 67 हजार 900 रुपये मूल्य का लगभग 7 हजार 162 किलोग्राम गुड़ जब्त किया गया था। फरवरी 2022 में हातवलन में एक गुड़ उत्पादक पर छापा मारा गया और गुड़ और मिलावट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीनी को जब्त कर लिया गया। चूंकि इस मामले में लिए गए नमूनों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है, उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब्त चीनी को नष्ट कर दिया गया है।
जुलाई 2022 में 7 लाख 75 हजार रुपये मूल्य की लगभग 25 हजार किलोग्राम चीनी, जो कि मिलावट के लिए गुड़ बनाने वाले परिवारों को आपूर्ति की गई थी, को जब्त कर लिया गया है।
चूंकि प्रशासन को इस संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए जल्द ही प्रशासन के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस मामले में गड़बड़ी पाए जाने पर गुड़ बनाने वाले घरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुणे के सहायक आयुक्त संजय नारागुडे ने जिले के सभी गुड़ उत्पादकों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा और सम्मान कानून 2006 के तहत आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही गुड़ का उत्पादन करें।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दौंड तालुका के खामगांव फाटा, कासुर्डी में दो गुड़ बनाने वाले घरों में छापेमारी की और 2 लाख 19 हजार 600 रुपये मूल्य का 7 हजार 313 किलोग्राम मिलावटी गुड़ और 82 हजार 440 रुपये मूल्य की 2 हजार 750 किलोग्राम मिलावटी चीनी जब्त की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक्सपायरी चॉकलेट, मिलावटी गुड़ और चीनी का इस्तेमाल करने वाले गुड़ निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। जनवरी 2022 में गुड़ के दो उत्पादकों के यहां छापेमारी कर 3 लाख 67 हजार 900 रुपये मूल्य का लगभग 7 हजार 162 किलोग्राम गुड़ जब्त किया गया था। फरवरी 2022 में हातवलन में एक गुड़ उत्पादक पर छापा मारा गया और गुड़ और मिलावट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीनी को जब्त कर लिया गया। चूंकि इस मामले में लिए गए नमूनों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है, उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब्त चीनी को नष्ट कर दिया गया है।
जुलाई 2022 में 7 लाख 75 हजार रुपये मूल्य की लगभग 25 हजार किलोग्राम चीनी, जो कि मिलावट के लिए गुड़ बनाने वाले परिवारों को आपूर्ति की गई थी, को जब्त कर लिया गया है।
चूंकि प्रशासन को इस संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए जल्द ही प्रशासन के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस मामले में गड़बड़ी पाए जाने पर गुड़ बनाने वाले घरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुणे के सहायक आयुक्त संजय नारागुडे ने जिले के सभी गुड़ उत्पादकों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा और सम्मान कानून 2006 के तहत आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही गुड़ का उत्पादन करें।

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