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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान), पुणे ने मनाया 76वां स्वंत्रता दिवस

पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान), पुणे के कार्यालय ने 15 अगस्त 2022 को पुणे के नंबर 1 फाइनेंस रोड स्थित कार्यालय के कार्यालय परिसर में 76 वां स्वाधीनता दिन मनाया।
आजादी के इस राष्ट्रीय महापर्व अमृत महोत्सव पर सर्वप्रथम शुरुआत मुख्य अतिथि, डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, र र अ, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक, पुणे द्वारा राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराने के साथ हुई, इसके पश्चात  अन्य सभी भारतीय रक्षा लेखा अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रगान का पठन किया गया।  राष्ट्रीय महापर्व  समारोह में शामिल होने वाले अधिकारियों में श्री प्रशांत दुबे, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, आईएफए (दक्षिणी कमान), पुणे के कार्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए, श्री आलोक तिवारी, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री स्वप्निल हनमाने, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्रीमती एस. आर.  बोइड, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक मुख्य रूप मे उपस्थित थे। 
श्रीमती पूजा भट, रक्षा लेखा वरिष्ठ उप नियंत्रक और श्री ओमकार मोघे, रक्षा लेखा उप नियंत्रक ने फिर देवनागरी और अंग्रेजी में भारत के संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। मुख्य अतिथि ने महात्मा गांधी और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पार्पण किया।
श्रीमती पूजा भट, रक्षा लेखा उप नियंत्रक ने अपने प्रारंभिक उद्घाटन भाषण में उन सकारात्मक परिवर्तनों पर जोर दिया जो ब्रिटिश राज को उखाड़ फेंकने के बाद मानसिक स्वतंत्रता के कारण हुए सिद्ध हुए। भारत एक युवा राष्ट्र के रूप में पैदा हुआ था और औपनिवेशिक साम्राज्य के बंधनों से स्वतंत्रता से जागृत ओत प्रोत हुआ था। उन्होंने सभी को इस गौरव का सम्मान करने और स्वतंत्रता का आनंद लेने के साथ-साथ नव प्राप्त स्वतंत्रता की गरिमा को बनाए रखने के लिए हिदायत की।
उक्त मेगा नेशनल इवेंट का प्रतिनिधित्व अन्य भारतीय रक्षा लेखा अधिकारियों ने अपने सम्पूर्ण परिवार के साथ किया। उन्होंने पूरे जोश, उत्साह और उल्हास और राष्ट्रीय देशभक्ति के साथ पूरे दिलों जान इस राष्ट्रिय समारोह मे भाग लिया।
अमृत महोत्सव पर बोलते हुए महोत्सव के प्रमुख अतिथि ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि हमें एक भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए और 2047 तक अपने देश को ‘जगत गुरु’ बनाने के लिए राष्ट्र निर्माण की सम्पूर्ण गतिविधियों में लगातार खुद को गहराई से संलग्न रखना चाहिए। हम भूतकाल से सीखें, वर्तमान को अपनाएं और भविष्य के बारे मे सोचें। हमें अपने पूर्वजों को याद करना चाहिए, महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने हमारी पूर्ण स्वतंत्रता के महान कार्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके अमर बलिदान को भूलना नहीं चाहिए। हमें अपने संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण रूप से रक्षा करनी चाहिए, अपने मौलिक कर्तव्यों और दायित्व का पालन करना चाहिए और राष्ट्र की गरिमा, महिमा को बनाए रखना चाहिए। धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और राष्ट्रीय पहचान और साख को हर समय बनाए रखा जाना चाहिए और सुरक्षित रखा जाना चाहिए। हमारे गौरवशाली कल के लिए, आइए हम अपना आज समर्पित करें और दान करें। उन्होंने आगे कहा कि ‘टूगेदर वी विल, टूगेदर वी केन’।
बाद में दिन के दौरान, मुख्य अतिथि ने रक्षा लेखा विभाग परिवार के कुछ मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए। एक मिठाई का डिब्बा, साथ में एक पौधा भी दिया।
इस महान दिन पर मुख्य अतिथि ने रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान), पुणे के कार्यालय परिसर में एक स्पर्श सेवा केंद्र का भी उद्घाटन किया, जो पेंशनभोगियों को सेवाएं बढ़ाने और उनकी पेंशन के संबंध में उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए बनाया गया है। 
आंतरिक सांस्कृतिक प्रदर्शन, देशभक्ति के गीतों से सजी स्थानीय प्रतिभा का प्रदर्शन। ‘कर चले हम फिदा’, डॉ. राजीव चव्हाण, भा र ले से, र र अ, के द्वारा ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’ श्री आलोक तिवारी, इतनी शक्ति हमें देना दाता, है प्रीत जहां कि रीत सदा और अन्य लोगों ने शो की शोभा बढ़ाई। संगीतमय वातावरण के कारण मनोरंजन कक्ष भरा रहा और तालियों की गड़गड़ाहट इसकी साक्षी बनी। 
स्वतंत्रता दिवस समारोह और कार्यवाही के समापन के बाद अंततः श्री ओमकार मोघे, रक्षा लेखा उप नियंत्रक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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