बोध चिन्ह प्रतियोगिता के अंतिम विजेता को 25,000/- रुपयों का इनाम दिया जाएगा
नासिक, अगस्त (जिमाका)
महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ के परिसर में ‘इक्षणा’-इंटिग्रेटेड हेल्थ म्यूजियम के लिए विद्यापीठ द्वारा बोध चिह्न (लोगो) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बोध चिह्न ऑनलाइन मोड के माध्यम से विद्यापीठ के पास जमा करने की अंतिम तिथि 06 सितंबर 2022 है।
इस बारे में विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. राजेंद्र बंगाल ने बताया कि विद्यापीठ की सभी विद्या शाखाओं की जानकारी देने एवं संशोधन कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा देने वाले म्यूजियम मा. कुलगुरु लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर (निवृत्त) प.वि.से.प., अ.वि.से.प., वि.से.प की अवधारणा से तैयार किया गया है। इसके अनुसार विद्यापीठ में संग्रहालय का जीर्णोद्धार किया जाएगा और इसके लिए एक विशेष बोध चिह्न का होना आवश्यक है। इसी के तहत विद्यापीठ की ओर से संग्रहालय के लिए बोध चिन्ह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बोध चिन्ह प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभागी भाग लें।
विद्यापीठ द्वारा आयोजित बोध चिन्ह प्रतियोगिता के अंतिम विजेता को 25,000/- रुपयों का इनाम दिया जाएगा। विद्यापीठ के संबद्ध कॉलेजों के सभी संकाय और छात्र और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान अहमदाबाद, गांधीनगर और बैंगलोर के कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से या एक टीम के रूप में इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र हैं। इस प्रतियोगिता के नियम, पोस्टर और विस्तृत जानकारी विद्यापीठ की आधिकारिक वेबसाइट www.muhs.ac.in पर प्रकाशित की गई है।
विद्यापीठ के ‘इक्षणा’ संग्रहालय के लिए बनाए जाने वाले लोगो में प्रतिभागियों से विद्यापीठ के स्वास्थ्य संकाय के प्रतीकात्मक संदर्भ और संस्कृत में प्रेरणादायक वाक्यांशों को शामिल करने की अपेक्षा की जाती है। प्रतियोगियों का बोध चिन्ह किसी अन्य संगठन के अधिकृत बोध चिन्ह की प्रतिकृति नहीं होना चाहिए। इसमें लोगो टाइप और प्रतीकों का संयोजन होना चाहिए। प्रत्येक प्रतियोगी अधिकतम दो बोध चिन्ह जमा कर सकता है। टीम बनाने और बोध चिन्ह प्रस्तुत करने की अनुमति है, लेकिन टीमों में चार या चार से कम प्रतियोगी शामिल होने चाहिए। ए-4 आकार के बोध चिन्ह का डीपीआई 300 होना चाहिए। विद्यापीठ के पास बोध चिन्ह प्रस्तुत करते समय, मूल फाइल पीडीएफ आर्टवर्क, इलस्ट्रेटर, फोटोशॉप आदि प्रारूप में प्रस्तुत की जानी चाहिए। बोध चिन्ह को काले और सफेद दोनों रंगों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। बोध चिन्ह में प्रयुक्त होने वाले फॉन्ट के नाम का उल्लेख किया जाना चाहिए और बोध चिन्ह की अवधारणा (थीम) को अंग्रेजी भाषा में कम से कम 50 शब्दों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। बोध चिन्ह को प्रस्तुत करते समय प्रतियोगी का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। इस प्रतियोगिता के लिए निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा।
अभ्यर्थी विद्यापीठ की वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और बोध चिन्ह जमा करने से पहले नियमों का कड़ाई से पालन करें। ऑनलाइन मोड के माध्यम से विद्यापीठ के पास बोध चिन्ह जमा करने की अंतिम तिथि 06 सितंबर 2022 है। उक्त लोगो विद्यापीठ के पास र्ाीर्हीाीीर्र्शीााीही.रल.ळप पर भेजा जाना चाहिए। विद्यापीठ द्वारा इक्षणा संग्रहालय के लिए आयोजित बोध चिन्ह प्रतियोगिता में अधिक से अधिक प्रतिभागियों से भाग लेने की अपील की जा रही है।
महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ के परिसर में ‘इक्षणा’-इंटिग्रेटेड हेल्थ म्यूजियम के लिए विद्यापीठ द्वारा बोध चिह्न (लोगो) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बोध चिह्न ऑनलाइन मोड के माध्यम से विद्यापीठ के पास जमा करने की अंतिम तिथि 06 सितंबर 2022 है।
इस बारे में विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. राजेंद्र बंगाल ने बताया कि विद्यापीठ की सभी विद्या शाखाओं की जानकारी देने एवं संशोधन कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा देने वाले म्यूजियम मा. कुलगुरु लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर (निवृत्त) प.वि.से.प., अ.वि.से.प., वि.से.प की अवधारणा से तैयार किया गया है। इसके अनुसार विद्यापीठ में संग्रहालय का जीर्णोद्धार किया जाएगा और इसके लिए एक विशेष बोध चिह्न का होना आवश्यक है। इसी के तहत विद्यापीठ की ओर से संग्रहालय के लिए बोध चिन्ह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बोध चिन्ह प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभागी भाग लें।
विद्यापीठ द्वारा आयोजित बोध चिन्ह प्रतियोगिता के अंतिम विजेता को 25,000/- रुपयों का इनाम दिया जाएगा। विद्यापीठ के संबद्ध कॉलेजों के सभी संकाय और छात्र और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान अहमदाबाद, गांधीनगर और बैंगलोर के कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से या एक टीम के रूप में इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र हैं। इस प्रतियोगिता के नियम, पोस्टर और विस्तृत जानकारी विद्यापीठ की आधिकारिक वेबसाइट www.muhs.ac.in पर प्रकाशित की गई है।
विद्यापीठ के ‘इक्षणा’ संग्रहालय के लिए बनाए जाने वाले लोगो में प्रतिभागियों से विद्यापीठ के स्वास्थ्य संकाय के प्रतीकात्मक संदर्भ और संस्कृत में प्रेरणादायक वाक्यांशों को शामिल करने की अपेक्षा की जाती है। प्रतियोगियों का बोध चिन्ह किसी अन्य संगठन के अधिकृत बोध चिन्ह की प्रतिकृति नहीं होना चाहिए। इसमें लोगो टाइप और प्रतीकों का संयोजन होना चाहिए। प्रत्येक प्रतियोगी अधिकतम दो बोध चिन्ह जमा कर सकता है। टीम बनाने और बोध चिन्ह प्रस्तुत करने की अनुमति है, लेकिन टीमों में चार या चार से कम प्रतियोगी शामिल होने चाहिए। ए-4 आकार के बोध चिन्ह का डीपीआई 300 होना चाहिए। विद्यापीठ के पास बोध चिन्ह प्रस्तुत करते समय, मूल फाइल पीडीएफ आर्टवर्क, इलस्ट्रेटर, फोटोशॉप आदि प्रारूप में प्रस्तुत की जानी चाहिए। बोध चिन्ह को काले और सफेद दोनों रंगों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। बोध चिन्ह में प्रयुक्त होने वाले फॉन्ट के नाम का उल्लेख किया जाना चाहिए और बोध चिन्ह की अवधारणा (थीम) को अंग्रेजी भाषा में कम से कम 50 शब्दों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। बोध चिन्ह को प्रस्तुत करते समय प्रतियोगी का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। इस प्रतियोगिता के लिए निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा।
अभ्यर्थी विद्यापीठ की वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और बोध चिन्ह जमा करने से पहले नियमों का कड़ाई से पालन करें। ऑनलाइन मोड के माध्यम से विद्यापीठ के पास बोध चिन्ह जमा करने की अंतिम तिथि 06 सितंबर 2022 है। उक्त लोगो विद्यापीठ के पास र्ाीर्हीाीीर्र्शीााीही.रल.ळप पर भेजा जाना चाहिए। विद्यापीठ द्वारा इक्षणा संग्रहालय के लिए आयोजित बोध चिन्ह प्रतियोगिता में अधिक से अधिक प्रतिभागियों से भाग लेने की अपील की जा रही है।

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