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मुख्यमंत्री ने शिव संग्राम के संस्थापक पूर्व विधायक विनायक मेटे के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया

सामाजिक आंदोलन की तेज आवाज, निडर नेतृत्व खो गया : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
शिव संग्राम संस्था के संस्थापक पूर्व विधायक विनायक मेटे की आकस्मिक मृत्यु अत्यंत ही स्तब्ध और पीड़ादायक है। विनायक मेटे के निधन पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि मराठा आरक्षण के साथ-साथ सामाजिक आंदोलन ने अपनी बुलंद आवाज और साहसी नेतृत्व को खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए मैंने आज मुंबई में एक बैठक बुलाई। मेटे को उस बैठक में शामिल होना था। इस मुलाकात से पहले ही वक्त ने उन्हें हमसे दूर कर दिया। उनका निधन मराठा आरक्षण आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वह अरब सागर में शिवस्मारक और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भावुक होकर बोलते थे। उन्होंने इस स्मारक के काम के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षित धन का निर्माण करने के लिए लगातार अनुसरण किया।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि मराठा आरक्षण के आंदोलन में जान गंवाने वाले युवाओं के परिवारों को सरकारी नौकरी मिले, उनका उचित पुनर्वास हो और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने किसानों, खेतिहर मजदूरों, मेहनतकशों, मजदूरों और गरीब लोगों के अधिकारों और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखी। मेटे की मौत के साथ ही आज मराठा समुदाय की एक तेज आवाज गुम हो गई है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि परिवार को इस सदमे से उबरने की शक्ति दे। पूर्व विधायक विनायक मेटे को भावभीनी श्रद्धांजलि।

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