गणेशोत्सव मंडलों को सभी अनुमति एक खिड़की से दी जाए : ध्वनि सीमा में एक दिन की अतिरिक्त छूट
पुणे, अगस्त (जिमाका)
गणेशोत्सव, नवरात्रि, दहीहंडी और अन्य आने वाले त्यौहार शांति, उत्साह और धूमधाम से मनाएं। यह अपील मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेश मंडलों से की है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय से काम करें।
सार्वजनिक गणेश महोत्सव, नवरात्रि महोत्सव, दही हांडी, मुहर्रम और आने वाले त्यौहारों और समारोहों के मद्देनजर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पुणे पुलिस आयुक्तालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की गई, तब वे बोल रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा, पुणे शहर में सार्वजनिक गणेशोत्सव की 125 साल से अधिक की परंपरा रही है। लोकमान्य तिलक ने सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से गणेशोत्सव और शिव जयंती त्यौहारों की शुरुआत की। इस परंपरा को मंडलों को जारी रखना चाहिए। पिछले दो साल से हम पर कोरोना का खतरा बना हुआ है, इसलिए हम अपने त्यौहारों को उत्साह के साथ नहीं मना पाए हैं, इसलिए इस वर्ष राज्य सरकार के माध्यम से गणेशोत्सव, नवरात्रि, दही हांडी और अन्य पर्व धूमधाम से मनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि गणेश मंडलों ने कोविड के दौरान सामाजिक जिम्मेदारी में अच्छा काम किया है। आगामी गणेशोत्सव में भी हमें उत्कृष्ट कार्य करना चाहिए, कोरोना के प्रति अच्छी जनजागरूकता पैदा करनी चाहिए।
गणेशोत्सव के दौरान अब ध्वनि सीमा पर रात 10 बजे तक पांच दिन की छूट
कलेक्टर ने गणेशोत्सव काल में ध्वनि सीमा में 4 दिन की छूट दी थी। गणेश मंडलों की मांग के अनुसार मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने इसे एक दिन बढ़ाने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि गणेश प्रतिमाओं पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है। सिंगल विंडो तरीके से विभिन्न अनुमतियां भी दी जानी चाहिए। महानगरपालिका मंडलों से मण्डप शुल्क नहीं लें। बिजली बोर्डों को अस्थाई बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के संबंध में प्रशासन कार्रवाई करे। इस बात का ध्यान रखा जाए कि मंडल कार्यकर्ताओं को अनुमति के लिए चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने यह भी कहा कि छोटे फेरीवालों के कारोबार को लेकर प्रशासन सकारात्मक रहे। गणेशोत्सव के साथ-साथ अन्य त्यौहारों को मनाते समय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि त्यौहार में कोई शरारत न हो।
इस मौके पर पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता ने आगामी त्यौहारों को लेकर कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में पूर्व मंत्री तानाजी सावंत, पूर्व राज्यमंत्री विजय शिवतारे, पूर्व विधायक विलास लांडे, पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, पुणे पुलिस सहआयुक्त संदीप कर्णिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. जालिंदर सुपेकर, रामनाथ पोकले, नामदेव चव्हाण, राजेंद्र डहाले, विविध सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधि आदी उपस्थित थे।
गणेशोत्सव, नवरात्रि, दहीहंडी और अन्य आने वाले त्यौहार शांति, उत्साह और धूमधाम से मनाएं। यह अपील मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेश मंडलों से की है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय से काम करें।
सार्वजनिक गणेश महोत्सव, नवरात्रि महोत्सव, दही हांडी, मुहर्रम और आने वाले त्यौहारों और समारोहों के मद्देनजर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पुणे पुलिस आयुक्तालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की गई, तब वे बोल रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा, पुणे शहर में सार्वजनिक गणेशोत्सव की 125 साल से अधिक की परंपरा रही है। लोकमान्य तिलक ने सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से गणेशोत्सव और शिव जयंती त्यौहारों की शुरुआत की। इस परंपरा को मंडलों को जारी रखना चाहिए। पिछले दो साल से हम पर कोरोना का खतरा बना हुआ है, इसलिए हम अपने त्यौहारों को उत्साह के साथ नहीं मना पाए हैं, इसलिए इस वर्ष राज्य सरकार के माध्यम से गणेशोत्सव, नवरात्रि, दही हांडी और अन्य पर्व धूमधाम से मनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि गणेश मंडलों ने कोविड के दौरान सामाजिक जिम्मेदारी में अच्छा काम किया है। आगामी गणेशोत्सव में भी हमें उत्कृष्ट कार्य करना चाहिए, कोरोना के प्रति अच्छी जनजागरूकता पैदा करनी चाहिए।
गणेशोत्सव के दौरान अब ध्वनि सीमा पर रात 10 बजे तक पांच दिन की छूट
कलेक्टर ने गणेशोत्सव काल में ध्वनि सीमा में 4 दिन की छूट दी थी। गणेश मंडलों की मांग के अनुसार मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने इसे एक दिन बढ़ाने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि गणेश प्रतिमाओं पर से प्रतिबंध हटा लिया गया है। सिंगल विंडो तरीके से विभिन्न अनुमतियां भी दी जानी चाहिए। महानगरपालिका मंडलों से मण्डप शुल्क नहीं लें। बिजली बोर्डों को अस्थाई बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के संबंध में प्रशासन कार्रवाई करे। इस बात का ध्यान रखा जाए कि मंडल कार्यकर्ताओं को अनुमति के लिए चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने यह भी कहा कि छोटे फेरीवालों के कारोबार को लेकर प्रशासन सकारात्मक रहे। गणेशोत्सव के साथ-साथ अन्य त्यौहारों को मनाते समय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि त्यौहार में कोई शरारत न हो।
इस मौके पर पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता ने आगामी त्यौहारों को लेकर कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में पूर्व मंत्री तानाजी सावंत, पूर्व राज्यमंत्री विजय शिवतारे, पूर्व विधायक विलास लांडे, पुणे मनपा आयुक्त विक्रम कुमार, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, पुणे पुलिस सहआयुक्त संदीप कर्णिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. जालिंदर सुपेकर, रामनाथ पोकले, नामदेव चव्हाण, राजेंद्र डहाले, विविध सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के प्रतिनिधि आदी उपस्थित थे।

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