भारतीय रिजर्व बैंक ने द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो दर में आधे प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। मुम्बई में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। रेपो दर अगस्त 2019 के बाद कोविड महामारी के पहले के उच्चतम स्तर पांच दशमलव चार प्रतिशत पर आ गई है।
इससे पहले, रिजर्व बैंक ने रेपो दर में पिछले चार महीनों में दशमलव नौ प्रतिशत की वृद्धि की थी। रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक, रिजर्व बैंक से उधार लेते हैं। बैंक ने वर्ष 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर सात दशमलव दो प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

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