उपभोक्ता मामलों तथा खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने विज्ञापन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सरोगेट विज्ञापनों पर जारी दिशा-निर्देशों का कडाई से पालन किया जाए। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने विज्ञापनदाता संघों को भी चेतावनी दी है कि दिशा-निर्देशों का पालन न करने वालों पर कडी कार्रवाई की जाएगी। दिशा-निर्देशों में साफतौर पर कहा गया है कि ऐसी किसी भी वस्तु अथवा सेवा के लिए सरोगेट विज्ञापन न दिए जाए जिनके विज्ञापन कानूनी रूप से निषिद्ध हैं।
विभाग की जानकारी में यह आया था कि संबद्ध संस्थाओं द्वारा दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा और निषिद्ध वस्तुएं सरोगेट वस्तुओं तथा सेवाओं के माध्यम से विज्ञापित की जा रही थी। हाल के खेल आयोजनों के दौरान, जो विश्व स्तर पर प्रसारित किए गए थे, ऐसे सरोगेट विज्ञापनों के कई उदाहरण देखे गए थे। यह भी देखा गया कि संगीत सीडी, क्लब सोडा, और पैकेज्ड पेयजल की आड़ में कई मादक पेय पदार्थों और सौंफ तथा इलायची के विज्ञापनों की आड में तंबाकू और गुटखा का विज्ञापन किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर प्रत्यक्ष रूप से मादक पेय पदार्थों के विज्ञापन भी विभाग की जानकारी में आए थे। ये दिशा-निर्देश सभी उत्पादकों, सेवा प्रदाताओं और व्यापारियों पर लागू होंगे जिनकी वस्तुओं, उत्पादों अथवा सेवाओं का विज्ञापन दिया जा रहा है।
विभाग की जानकारी में यह आया था कि संबद्ध संस्थाओं द्वारा दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा और निषिद्ध वस्तुएं सरोगेट वस्तुओं तथा सेवाओं के माध्यम से विज्ञापित की जा रही थी। हाल के खेल आयोजनों के दौरान, जो विश्व स्तर पर प्रसारित किए गए थे, ऐसे सरोगेट विज्ञापनों के कई उदाहरण देखे गए थे। यह भी देखा गया कि संगीत सीडी, क्लब सोडा, और पैकेज्ड पेयजल की आड़ में कई मादक पेय पदार्थों और सौंफ तथा इलायची के विज्ञापनों की आड में तंबाकू और गुटखा का विज्ञापन किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर प्रत्यक्ष रूप से मादक पेय पदार्थों के विज्ञापन भी विभाग की जानकारी में आए थे। ये दिशा-निर्देश सभी उत्पादकों, सेवा प्रदाताओं और व्यापारियों पर लागू होंगे जिनकी वस्तुओं, उत्पादों अथवा सेवाओं का विज्ञापन दिया जा रहा है।

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