पुणे, सितंबर (जिमाका)
सरकारी सामाजिक न्याय विभाग के छात्रावास किसी भी निजी छात्रावास की तुलना में बेहतर और अधिक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान करते हैं और मेधावी छात्र इसका लाभ उठा रहे हैं और अपने जीवन को आकार दे रहे हैं। पुणे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले विश्रांतवाड़ी के तीन छात्रावासों के पांच छात्रों को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में चुना गया है और उन्हें लगभग 13 से 21 लाख तक का वार्षिक पैकेज मिला है।
सामाजिक न्याय विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए तालुका, जिला और विभागस्तर पर छात्रावास शुरू किए हैं। इसमें छात्रावास के प्रकार के अनुसार जूनियर कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज, गैर-पेशेवर सीनियर कॉलेज के साथ-साथ स्कूल स्तर के छात्रों को योग्यता के अनुसार प्रवेश दिया जाता है।
लड़कों के सरकारी छात्रावास में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को मुफ्त निवास, नाश्ता, खाना छात्रावास के स्वरूप के अनुसार 500 से 800 रुपये निर्वाह भत्ता, कला, विज्ञान, वाणिज्य, स्नातक, अभियांत्रिकी, वैद्यकीय, शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय आदि अध्ययन के अनुसार स्कूल विद्यार्थी, कॉलेज का ड्रेस कोड होने पर हर साल दो जोड़ी यूनिफॉर्म, मेडिकल एप्रन, स्टेथोस्कोप लैब एप्रन, बॉयलर सूट, ड्राइंग बोर्ड, स्टेशनरी व अन्य सामग्री, शैक्षिक यात्रा प्रकल्प (प्रोजेक्ट आदि के लिए नियम के अनुसार रकम बच्चों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
विश्रांतवाड़ी से डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर सामाजिक न्याय भवन परिसर में तीन पूरी तरह से सुसज्जित सरकारी छात्रावास हैं अर्थात् संत ज्ञानेश्वर सरकारी छात्रावास विश्रांतवाड़ी, 1000 क्षमता सरकारी छात्रावास इकाई- 1 विश्रांतवाड़ी और सरकारी छात्रावास कोरेगांव पार्क। यहां रहनेवाले किरण उत्तम केलगंद्रे, पियुष संजय चापले, शुभम राजकुमार सोमवंशी, प्रितेश अमोल शंभरकर और स्वप्निल मारुति जोगदंड का साक्षात्कार के माध्यम से प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन किया गया है।
औरंगाबाद जिले की पनवी बु. ता. वैजापुर के एक छात्र किरण केलागंद्रे ने कहा कि घर पर स्थिति कठिन थी क्योंकि उनके माता-पिता खेतिहर मजदूर थे। फिर भी लगन और मेहनत से 10वीं और 12वीं और सीईटी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद विश्वकर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पुणे संस्था में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इस बी. टेक कोर्स में प्रवेश लिया। 1000 क्षमतावाले शासकीय छात्रावास इकाई-1 में मेरिट क्रमांक के अनुसार प्रवेश मिला।
किरण ने नि:शुल्क आवास एवं अन्य सुविधाओं जैसे पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, निःशुल्क वाई-फाई-इंटरनेट सुविधा आदि का पूर्ण उपयोग कर अध्ययन के अनुकूल वातावरण का भरपूर लाभ उठाया। उन्होंने संस्थान में आयोजित कैंपस साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और 21 लाख के वार्षिक वेतन पैकेज पर ‘सैमसंग सेमीकंडक्टर इंडिया रिसर्च’ (एसएसआईआर) कंपनी के बैंगलोर प्लांट के लिए चयन किया गया।
इसी तरह नागपुर जिले के लोहारी ससवांगा, नरखेड़ के पीयूष संजय चापले भी बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सफल रहे हैं। जब वह छोटा था तब उसके माता-पिता की एक दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद, उसकी दादी ने उसकी देखभाल की। 12 वीं और सीईटी अंकों के आधार पर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (सीईओपी) में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। उनका कैंपस इंटरव्यू बजाज फिनसर्व कंपनी में 12 लाख 81 हजार रुपये के सालाना पैकेज पर चयन हुआ है।
शुभम राजकुमार सोमवंशी लातूर जिले के शिऊर ता. निलंगा के रहने वाले हैं। उसके पिता मजदूरी करते हैं और उसके घर की स्थिति भी निराशाजनक है। 10वीं की परीक्षा 96% अंकों के साथ पास करने के बाद उसने 12वीं के लिए लातूर में पढ़ाई की और सरकारी छात्रावास योजना का लाभ उठाया। 12वीं के बाद सीईटी में 99.51 फीसदी स्कोर करने के बाद सीईओपी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। कोरोगांव के सरकारी छात्रावास में प्रवेश मिला। उसी कैंपस में साक्षात्कार द्वारा सोसायटी जनरल कंपनी में 14 लाख 96 हजार रुपये के वार्षिक वेतन पैकेज पर चयन हुआ।
चंद्रपुर जिले के विद्यानगर ब्रह्मपुरी के छात्र प्रीतेश अमोल शंभरकर ने यहां सीईओपी में 2019-2023 के लिए बी.टेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। उन्हें संत ज्ञानेश्वर राजकीय छात्रावास में प्रवेश मिला। उन्हें 14 लाख 96 हजार रुपये के सालाना वेतन पैकेज पर कंपनी ‘सोसाइटी जनरल’ में चुना गया है। लातूर जिले के चिंचोली बालनाथ के छात्र स्वप्निल जोगदंड ने इसी तरह की विपदाओं को पार कर सफलता हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद वर्ष 2019-2022 में एमआईटी से बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले स्वप्निल का चयन स्नोफ्लेक ईन्स, पुणे कंपनी में 15 लाख रुपये के वार्षिक वेतन पैकेज पर चयन किया गया है।
सरकार का समर्थन, शिक्षा की इच्छा और दृढ़ संकल्प, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी, छात्रावासों के गृहप्रमुख, गृहपाल और अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का निरंतर मार्गदर्शन के कारण आत्मविश्वास हासिल करने वाले इन बच्चों का जीवन बन रहा है।
सरकारी सामाजिक न्याय विभाग के छात्रावास किसी भी निजी छात्रावास की तुलना में बेहतर और अधिक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान करते हैं और मेधावी छात्र इसका लाभ उठा रहे हैं और अपने जीवन को आकार दे रहे हैं। पुणे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले विश्रांतवाड़ी के तीन छात्रावासों के पांच छात्रों को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में चुना गया है और उन्हें लगभग 13 से 21 लाख तक का वार्षिक पैकेज मिला है।
सामाजिक न्याय विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए तालुका, जिला और विभागस्तर पर छात्रावास शुरू किए हैं। इसमें छात्रावास के प्रकार के अनुसार जूनियर कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज, गैर-पेशेवर सीनियर कॉलेज के साथ-साथ स्कूल स्तर के छात्रों को योग्यता के अनुसार प्रवेश दिया जाता है।
लड़कों के सरकारी छात्रावास में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को मुफ्त निवास, नाश्ता, खाना छात्रावास के स्वरूप के अनुसार 500 से 800 रुपये निर्वाह भत्ता, कला, विज्ञान, वाणिज्य, स्नातक, अभियांत्रिकी, वैद्यकीय, शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय आदि अध्ययन के अनुसार स्कूल विद्यार्थी, कॉलेज का ड्रेस कोड होने पर हर साल दो जोड़ी यूनिफॉर्म, मेडिकल एप्रन, स्टेथोस्कोप लैब एप्रन, बॉयलर सूट, ड्राइंग बोर्ड, स्टेशनरी व अन्य सामग्री, शैक्षिक यात्रा प्रकल्प (प्रोजेक्ट आदि के लिए नियम के अनुसार रकम बच्चों के बैंक खातों में जमा की जाती है।
विश्रांतवाड़ी से डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर सामाजिक न्याय भवन परिसर में तीन पूरी तरह से सुसज्जित सरकारी छात्रावास हैं अर्थात् संत ज्ञानेश्वर सरकारी छात्रावास विश्रांतवाड़ी, 1000 क्षमता सरकारी छात्रावास इकाई- 1 विश्रांतवाड़ी और सरकारी छात्रावास कोरेगांव पार्क। यहां रहनेवाले किरण उत्तम केलगंद्रे, पियुष संजय चापले, शुभम राजकुमार सोमवंशी, प्रितेश अमोल शंभरकर और स्वप्निल मारुति जोगदंड का साक्षात्कार के माध्यम से प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन किया गया है।
औरंगाबाद जिले की पनवी बु. ता. वैजापुर के एक छात्र किरण केलागंद्रे ने कहा कि घर पर स्थिति कठिन थी क्योंकि उनके माता-पिता खेतिहर मजदूर थे। फिर भी लगन और मेहनत से 10वीं और 12वीं और सीईटी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद विश्वकर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पुणे संस्था में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इस बी. टेक कोर्स में प्रवेश लिया। 1000 क्षमतावाले शासकीय छात्रावास इकाई-1 में मेरिट क्रमांक के अनुसार प्रवेश मिला।
किरण ने नि:शुल्क आवास एवं अन्य सुविधाओं जैसे पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष, निःशुल्क वाई-फाई-इंटरनेट सुविधा आदि का पूर्ण उपयोग कर अध्ययन के अनुकूल वातावरण का भरपूर लाभ उठाया। उन्होंने संस्थान में आयोजित कैंपस साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और 21 लाख के वार्षिक वेतन पैकेज पर ‘सैमसंग सेमीकंडक्टर इंडिया रिसर्च’ (एसएसआईआर) कंपनी के बैंगलोर प्लांट के लिए चयन किया गया।
इसी तरह नागपुर जिले के लोहारी ससवांगा, नरखेड़ के पीयूष संजय चापले भी बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सफल रहे हैं। जब वह छोटा था तब उसके माता-पिता की एक दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद, उसकी दादी ने उसकी देखभाल की। 12 वीं और सीईटी अंकों के आधार पर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (सीईओपी) में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। उनका कैंपस इंटरव्यू बजाज फिनसर्व कंपनी में 12 लाख 81 हजार रुपये के सालाना पैकेज पर चयन हुआ है।
शुभम राजकुमार सोमवंशी लातूर जिले के शिऊर ता. निलंगा के रहने वाले हैं। उसके पिता मजदूरी करते हैं और उसके घर की स्थिति भी निराशाजनक है। 10वीं की परीक्षा 96% अंकों के साथ पास करने के बाद उसने 12वीं के लिए लातूर में पढ़ाई की और सरकारी छात्रावास योजना का लाभ उठाया। 12वीं के बाद सीईटी में 99.51 फीसदी स्कोर करने के बाद सीईओपी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। कोरोगांव के सरकारी छात्रावास में प्रवेश मिला। उसी कैंपस में साक्षात्कार द्वारा सोसायटी जनरल कंपनी में 14 लाख 96 हजार रुपये के वार्षिक वेतन पैकेज पर चयन हुआ।
चंद्रपुर जिले के विद्यानगर ब्रह्मपुरी के छात्र प्रीतेश अमोल शंभरकर ने यहां सीईओपी में 2019-2023 के लिए बी.टेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। उन्हें संत ज्ञानेश्वर राजकीय छात्रावास में प्रवेश मिला। उन्हें 14 लाख 96 हजार रुपये के सालाना वेतन पैकेज पर कंपनी ‘सोसाइटी जनरल’ में चुना गया है। लातूर जिले के चिंचोली बालनाथ के छात्र स्वप्निल जोगदंड ने इसी तरह की विपदाओं को पार कर सफलता हासिल की है। ग्रेजुएशन के बाद वर्ष 2019-2022 में एमआईटी से बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश लेने वाले स्वप्निल का चयन स्नोफ्लेक ईन्स, पुणे कंपनी में 15 लाख रुपये के वार्षिक वेतन पैकेज पर चयन किया गया है।
सरकार का समर्थन, शिक्षा की इच्छा और दृढ़ संकल्प, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी, छात्रावासों के गृहप्रमुख, गृहपाल और अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का निरंतर मार्गदर्शन के कारण आत्मविश्वास हासिल करने वाले इन बच्चों का जीवन बन रहा है।

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