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छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आमूलाग्र परिवर्तन की आवश्यकता : स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर

पुणे, सितंबर (जिमाका)
महाराष्ट्र को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में आमूलाग्र (आमूल-चूल) परिवर्तन की आवश्यकता है। यह विचार स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने व्यक्त किए।
वह महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च शिक्षा बोर्ड में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव रंजीतसिंह देओल, शिक्षा आयुक्त सुहास दिवस, महाराष्ट्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक एम. देवेंद्र सिंह, महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शरद गोसावी   उपस्थित थे।
श्री केसरकर ने कहा कि राज्य के शिक्षा क्षेत्र को दिशा देने के लिए समय के साथ इसे बदलने की जरूरत है। छात्रों के समग्र विकास जैसे शैक्षणिक, मानसिक, शारीरिक और सामाजिक को केंद्र बिंदु  मानकर उनकी मानसिकता को पहचानकर तनाव मुक्त शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
मंत्री श्री. केसरकर ने कहा कि बुनियादी शिक्षा के माध्यम से छात्रों के मन में शिक्षा का स्वाद पैदा करना चाहिए, इसके लिए सक्रिय शिक्षा दी जानी चाहिए। व्यावसायिक, कौशल उन्मुख, तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जाना चाहिए। शिक्षा विभाग को छात्रों को शैक्षिक प्रक्रिया में प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। शिक्षकों को शिक्षण पद्धति को बदलना चाहिए, नवीन अनुसंधान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया जाना चाहिए।
विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए कार्रवाई की जाए। परीक्षा पारदर्शी तरीके से आयोजित की जानी चाहिए और परिणाम समय  पर घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी आदेशों को समय पर लागू किया जाना चाहिए।
मंत्री श्री केसरकर ने कहा कि इच्छुक कंपनियां 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में राज्य और विभागस्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बेहतर प्रकार की छात्रवृत्ति और पुरस्कार प्रदान करने के लिए सीएसआर के माध्यम से सहयोग करती हैं। उनसे संपर्क करें और ऐसी छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाने का प्रयास करें।
सचिव श्री रंजीतसिंह देओल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग हमेशा प्रयासरत रहता है। उन्होंने कहा कि बैठक में दिये गये निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।
इस समय बोर्ड के अध्यक्ष श्री शरद गोसावी ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर एजूकेशन को इसकी जानकारी दी। बैठक में शिक्षण संचालक महेश पालकर, बालभारती के संचालक कृष्णकुमार पाटिल, शिक्षण आयुक्तालय के सहसंचालक डॉ. श्रीराम पानझाडे, महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक संशोधन व परिषद के सहसंचालक रमाकांत काठमारे, उपसंचालक डॉ. कमलादेवी आवटे, प्राचार्य विकास गरड, परीक्षा परिषद के उपायुक्त संजयकुमार राठोड, शैलजा दराडे, माध्यमिक शिक्षण उपसंचालक डॉ. वंदना वाहुल, प्राथमिक शिक्षण उपसंचालक निलिमा टाके       उपस्थित थे।

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