राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के पीछे पिछले आठ वर्ष के दौरान नागरिकों, केंद्र और राज्य सरकारों के अथक प्रयास हैं। श्रीमती मुर्मू ने आज शाम नई दिल्ली में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण से राज्यों को शहरों के बीच स्वच्छता को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के सर्वेक्षण में नौ करोड़ से अधिक लोगों और चार हजार से अधिक शहरों ने भागीदारी की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस सफलता को हासिल करने में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी स्वच्छता बनाए रखने में उन्होंने लगातार काम किया है। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सफाई की असुरक्षित प्रक्रिया से किसी सफाई मित्र की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पांच सौ से अधिक शहर सफाई मित्रों के अनुकूल हो गए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 तक सभी शहरों को कचरामुक्त बनाने के लिए पिछले साल एक अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन - शहरी का द्वितीय चरण आरंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि कल से सभी शहरों में एक अभियान शुरू किया जा रहा है जिसमें सभी नागरिकों को घर में ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के संबंध में जागरुक किया जाएगा। इससे बेहतर कचरा प्रबंधंन हो सकेगा। उन्होंने सभी से, विशेषकर युवाओं से इस अभियान में भाग लेने और समाज में स्वच्छता के संबंध में जागरुकता बढाने का अनुरोध किया।
हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि राज्यों में पहला स्थान मध्य प्रदेश को मिला जबकि, चंडीगढ़ दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर को लगातार छठी बार सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार दिया है। दूसरे स्थान पर सूरत और तीसरे स्थान पर नवी मुम्बई है। एक लाख से अधिक की आबादी वाले गंगा नदी के तटवर्ती शहरों की श्रेणी में सबसे साफ शहर हरिद्वार को घोषित किया गया है। इसके बाद वाराणसी और ऋषिकेश का स्थान है। सफाई मित्र सुरक्षा की श्रेणी में सर्वोत्तम शहर का पुरस्कार आंध्र प्रदेश के तिरूपति को मिला है।महाराष्ट्र के छावनी बोर्ड श्रेणी में देवलाली को सर्वोत्तम घोषित किया गया है। त्रिपुरा को छोटे राज्यों की श्रेणी में पुरस्कार मिला है। कर्नाटक के शिवमोगा को सबसे तेज यातायात गति का पुरस्कार मिला है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का ध्यान लगभग 15 हजार एकड़ की उस मुख्य भूमि पर है जो कूड़ा-करकट से भरी पड़ी है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सहयोग करने के लिए राज्यों की प्रशंसा की।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस सफलता को हासिल करने में सफाई मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी स्वच्छता बनाए रखने में उन्होंने लगातार काम किया है। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सफाई की असुरक्षित प्रक्रिया से किसी सफाई मित्र की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पांच सौ से अधिक शहर सफाई मित्रों के अनुकूल हो गए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 तक सभी शहरों को कचरामुक्त बनाने के लिए पिछले साल एक अक्टूबर को स्वच्छ भारत मिशन - शहरी का द्वितीय चरण आरंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि कल से सभी शहरों में एक अभियान शुरू किया जा रहा है जिसमें सभी नागरिकों को घर में ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के संबंध में जागरुक किया जाएगा। इससे बेहतर कचरा प्रबंधंन हो सकेगा। उन्होंने सभी से, विशेषकर युवाओं से इस अभियान में भाग लेने और समाज में स्वच्छता के संबंध में जागरुकता बढाने का अनुरोध किया।
हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि राज्यों में पहला स्थान मध्य प्रदेश को मिला जबकि, चंडीगढ़ दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। एक लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर को लगातार छठी बार सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार दिया है। दूसरे स्थान पर सूरत और तीसरे स्थान पर नवी मुम्बई है। एक लाख से अधिक की आबादी वाले गंगा नदी के तटवर्ती शहरों की श्रेणी में सबसे साफ शहर हरिद्वार को घोषित किया गया है। इसके बाद वाराणसी और ऋषिकेश का स्थान है। सफाई मित्र सुरक्षा की श्रेणी में सर्वोत्तम शहर का पुरस्कार आंध्र प्रदेश के तिरूपति को मिला है।महाराष्ट्र के छावनी बोर्ड श्रेणी में देवलाली को सर्वोत्तम घोषित किया गया है। त्रिपुरा को छोटे राज्यों की श्रेणी में पुरस्कार मिला है। कर्नाटक के शिवमोगा को सबसे तेज यातायात गति का पुरस्कार मिला है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का ध्यान लगभग 15 हजार एकड़ की उस मुख्य भूमि पर है जो कूड़ा-करकट से भरी पड़ी है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सहयोग करने के लिए राज्यों की प्रशंसा की।

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