मुख्यमंत्री शिंदे, उपमुख्यमंत्री फडणवीस की उपस्थिति में हुई कैबिनेट उपसमिति की बैठक में लिया गया निर्णय
मुंबई, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
भारी बारिश के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने के बावजूद जून से अगस्त 2022 तक इस अवधि के दौरान भारी वर्षा से प्रभावित हुए किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। लगभग 755 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की उपसमिति की बैठक में लिया गया। इससे राज्य के लगभग 5 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित आपदाग्रस्तों को राहत के संबंध में निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति की बैठक मंत्रालय में हुई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ ग्रामीण विकास मंत्री गिरीष महाजन, अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनोज सौनिक, राहत एवं पुनर्वास विभाग के प्रधान सचिव असीमकुमार गुप्ता, कृषि विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले आदि वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्राकृतिक आपदा शमन के लिए अब तक लगभग सरकार ने 4500 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की है। यदि सहायता एसडीआरएफ मानदंड के अनुसार वितरित की जाती तो तब यह 1500 करोड़ रुपये ही रह जाती थी। यह कहकर आदर्श से परे जाकर और अधिक सहायता करने के सरकार के निर्णय के कारण राज्य के क्षतिग्रस्त किसानों को इसका पर्याप्त लाभ मिलेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने दी है।
कुछ गांवों में भारी बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भारी वर्षा के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने के बावजूद इस क्षति के लिए राहत का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त औरंगाबाद, अमरावती व सोलापुर जिलाधिकारियों ने शासन को सौंपा था। औरंगाबाद, जालना, परभणी, हिंगोली, बीड, लातूर, उस्मानाबाद जिलों के 4 लाख 38 हजार 489 हेक्टेयर क्षेत्रफल, यवतमाल जिले के 36 हजार 711.31 हेक्टेयर तो सोलापुर जिले के 74 हजार 446 हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल 5 लाख 49 हजार 646.31 हेक्टेयर प्रभावित हुआ है। कैबिनेट की उपसमिति ने इस नुकसान के लिए किसानों को करीब 755 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 5 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।
करीब 36 लाख किसानों को राहत
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि अब तक लगभग 3900 करोड़ रुपये की सहायता प्रभावित किसानों को वितरित की जा चुकी है। कहीं-कहीं यह सहायता वितरित की जा रही है और 30 लाख से अधिक किसान इससे लाभान्वित हुए हैं। 30 लाख और मदद करने का फैसला लिया गया है, जिससे 755 करोड़ निधि के कारण लगभग 36 लाख किसानों को सरकार के इस निर्णय से बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक लगभग 3954 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित
जून से अगस्त तक राज्य में भारी बारिश ने फसलों और संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। सरकार को इस नुकसान के कारण किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए सभी विभागीय आयुक्तों से प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। तदनुसार 8 सितंबर 2022 को लगभग 3445.25 करोड़ और किसानों को मुआवजे के तौर पर 56.45 करोड़ रुपये बांटने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा घोंघे से हुए नुकसान के लिए औरंगाबाद मंडल को 98.58 करोड़ रुपये तो नाशिक, अमरावती, पुणे के सुधारित प्रस्ताव के अनुसार 354.07 करोड़ रुपयों की निधि वितरण के लिए पहले ही स्वीकृत किए जा चुकी है।)
कैबिनेट उपसमिति के फैसले से इन जिलों को होगा फायदा
-औरंगाबाद- 12679 हेक्टेयर क्षेत्र।
-जालना- 678 हेक्टेयर क्षेत्र।
-परभणी- 2545.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-हिंगोली- 96677 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-बीड- 48.80 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-लातूर- 213251 हेक्टेयर क्षेत्र।
-उस्मानाबाद- 112609.95 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-यवतमाल- 36711.31 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-सोलापुर- 74446 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
कुल क्षेत्रफल- 5 लाख 49 हजार 646.31 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
कुल कोष- लगभग रु.755 करोड़।
भारी बारिश के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने के बावजूद जून से अगस्त 2022 तक इस अवधि के दौरान भारी वर्षा से प्रभावित हुए किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। लगभग 755 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की उपसमिति की बैठक में लिया गया। इससे राज्य के लगभग 5 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित आपदाग्रस्तों को राहत के संबंध में निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति की बैठक मंत्रालय में हुई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ ग्रामीण विकास मंत्री गिरीष महाजन, अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनोज सौनिक, राहत एवं पुनर्वास विभाग के प्रधान सचिव असीमकुमार गुप्ता, कृषि विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले आदि वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्राकृतिक आपदा शमन के लिए अब तक लगभग सरकार ने 4500 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की है। यदि सहायता एसडीआरएफ मानदंड के अनुसार वितरित की जाती तो तब यह 1500 करोड़ रुपये ही रह जाती थी। यह कहकर आदर्श से परे जाकर और अधिक सहायता करने के सरकार के निर्णय के कारण राज्य के क्षतिग्रस्त किसानों को इसका पर्याप्त लाभ मिलेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने दी है।
कुछ गांवों में भारी बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भारी वर्षा के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने के बावजूद इस क्षति के लिए राहत का प्रस्ताव विभागीय आयुक्त औरंगाबाद, अमरावती व सोलापुर जिलाधिकारियों ने शासन को सौंपा था। औरंगाबाद, जालना, परभणी, हिंगोली, बीड, लातूर, उस्मानाबाद जिलों के 4 लाख 38 हजार 489 हेक्टेयर क्षेत्रफल, यवतमाल जिले के 36 हजार 711.31 हेक्टेयर तो सोलापुर जिले के 74 हजार 446 हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल 5 लाख 49 हजार 646.31 हेक्टेयर प्रभावित हुआ है। कैबिनेट की उपसमिति ने इस नुकसान के लिए किसानों को करीब 755 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 5 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।
करीब 36 लाख किसानों को राहत
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि अब तक लगभग 3900 करोड़ रुपये की सहायता प्रभावित किसानों को वितरित की जा चुकी है। कहीं-कहीं यह सहायता वितरित की जा रही है और 30 लाख से अधिक किसान इससे लाभान्वित हुए हैं। 30 लाख और मदद करने का फैसला लिया गया है, जिससे 755 करोड़ निधि के कारण लगभग 36 लाख किसानों को सरकार के इस निर्णय से बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक लगभग 3954 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित
जून से अगस्त तक राज्य में भारी बारिश ने फसलों और संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। सरकार को इस नुकसान के कारण किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए सभी विभागीय आयुक्तों से प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। तदनुसार 8 सितंबर 2022 को लगभग 3445.25 करोड़ और किसानों को मुआवजे के तौर पर 56.45 करोड़ रुपये बांटने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा घोंघे से हुए नुकसान के लिए औरंगाबाद मंडल को 98.58 करोड़ रुपये तो नाशिक, अमरावती, पुणे के सुधारित प्रस्ताव के अनुसार 354.07 करोड़ रुपयों की निधि वितरण के लिए पहले ही स्वीकृत किए जा चुकी है।)
कैबिनेट उपसमिति के फैसले से इन जिलों को होगा फायदा
-औरंगाबाद- 12679 हेक्टेयर क्षेत्र।
-जालना- 678 हेक्टेयर क्षेत्र।
-परभणी- 2545.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-हिंगोली- 96677 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-बीड- 48.80 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-लातूर- 213251 हेक्टेयर क्षेत्र।
-उस्मानाबाद- 112609.95 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-यवतमाल- 36711.31 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
-सोलापुर- 74446 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
कुल क्षेत्रफल- 5 लाख 49 हजार 646.31 हेक्टेयर क्षेत्रफल।
कुल कोष- लगभग रु.755 करोड़।

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