सूरजकुंड, अक्टूबर (महासंवाद)
साइबर और वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र में डेडिकेटेड साइबर इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूरजकुंड के चिंतन शिविर में दी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा के सूरजकुंड में देश भर के विभिन्न राज्यों के गृह मंत्रियों और पुलिस महानिदेशकों के दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया था। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि साइबर इंटेलिजेंस यूनिट यह एक समर्पित सिंगल प्लॅटफॉर्म होगा। इसके माध्यम से साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक वैश्विक मॉडल तैयार होगा।
इस प्लेटफॉर्म पर सरकारी और निजी बैंक, वित्तीय संस्था, सोशल मीडिया संस्था, नियामक संस्था, साइबर पुलिस, तकनीशियन सभी व्यासपीठ पर एकजुट होंगे और इससे एक गतिशील प्रतिक्रिया प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल होगा। हाल के दिनों में वित्तीय और साइबर अपराधों में काफी वृद्धि हुई है। अन्य अपराधों की तुलना में आनेवाले समय में इन अपराधों की संख्या अधिक हो सकती है, इसके लिए यह संस्था पहले से ही तैयार रहेगी।
देवेंद्र फडणवीस ने इस बैठक के आयोजन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोई भी अपराध या कानून-व्यवस्था की समस्या अकेले किसी एक राज्य की समस्या नहीं है, अनेक राज्यों को एक की समय पर उसका सामना करना पड़ता है। इस बैठक के माध्यम से केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए मैं केंद्रीय गृह मंत्री का विशेष रूप से आभारी हूं।
साइबर और वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र में डेडिकेटेड साइबर इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूरजकुंड के चिंतन शिविर में दी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हरियाणा के सूरजकुंड में देश भर के विभिन्न राज्यों के गृह मंत्रियों और पुलिस महानिदेशकों के दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया था। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि साइबर इंटेलिजेंस यूनिट यह एक समर्पित सिंगल प्लॅटफॉर्म होगा। इसके माध्यम से साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक वैश्विक मॉडल तैयार होगा।
इस प्लेटफॉर्म पर सरकारी और निजी बैंक, वित्तीय संस्था, सोशल मीडिया संस्था, नियामक संस्था, साइबर पुलिस, तकनीशियन सभी व्यासपीठ पर एकजुट होंगे और इससे एक गतिशील प्रतिक्रिया प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल होगा। हाल के दिनों में वित्तीय और साइबर अपराधों में काफी वृद्धि हुई है। अन्य अपराधों की तुलना में आनेवाले समय में इन अपराधों की संख्या अधिक हो सकती है, इसके लिए यह संस्था पहले से ही तैयार रहेगी।
देवेंद्र फडणवीस ने इस बैठक के आयोजन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोई भी अपराध या कानून-व्यवस्था की समस्या अकेले किसी एक राज्य की समस्या नहीं है, अनेक राज्यों को एक की समय पर उसका सामना करना पड़ता है। इस बैठक के माध्यम से केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए मैं केंद्रीय गृह मंत्री का विशेष रूप से आभारी हूं।
सीसीटीएनएस में महाराष्ट्र ने सबसे तेज गति से कार्यवाही पूरी की। राज्य सरकार भी अॅम्बीस के माध्यम से काफी प्रगति कर रही है। करीब 6 लाख से ज्यादा अपराधियों के बायोमेट्रिक तैयार किए गए हैं। इसे सीसीटीएनएस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस वजह से वे अपना नाम बदल लेते हैं और दूसरे राज्यों में फिर से अपराध करते हैं। उनकी पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा। सीसीटीवी नेटवर्क को साइबर पुलिस से जोड़ने से अपराधों की जांच में तेजी आएगी। चालान प्रणाली और केवल एक ऑनलाइन अदालत के कारण जनशक्ति की भी बचत होती है। राज्य में 20 हजार पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है और केंद्र सरकार की इसमें काफी बड़ी मदद मिल रही है। शहरी नक्सलवाद का खतरा बहुत बड़ा है, इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्य के माध्यम से अपराध का पता लगाने की दर को बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। समुद्री सुरक्षा में भी तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।


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