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माता सुरक्षित, घर सुरक्षित

जबकि घर की महिला अपने परिवार के लिए विभिन्न भूमिकाएँ निभाती है, वह अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करती है। परिवार के प्रति प्रेम की भावना, माँ की नमी और अपने कर्तव्य के प्रति संवेदनशीलता इस वजह से, वह घर के लिए काम करती है। खुद की जरूरत, भावना, शरीर प्रकृति पर ध्यान नहीं देती है। परिवार की देखभाल करने वाली माताएं और बहनों की सेहत का ख्याल रखने के लिए राज्य शासन ने नवरात्रि के अवसर पर ‘मां सुरक्षित तो घर सुरक्षित’ अभियान चालू किया है। यह अभियान समेकित बाल विकास सेवा योजना एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से क्रियान्वित किया जा रहा है।
राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, माता, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए 26 सितंबर से अभियान शुरू हुआ है। हालांकि अभियान की अवधि 5 अक्टूबर तक है, जब तक राज्य की सभी महिलाओं की स्वास्थ्य जांच नहीं हो जाती, तब तक अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया गया है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने दी है।
राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, माता, गर्भवती महिलाओं को निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने और इसका उद्देश्य सुरक्षित और स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए समुपदेशन सुविधाएं प्रदान करना है। इस दौरान सुबह 9 से दोपहर 2 बजे के बीच चिकित्सा अधिकारियों और स्त्री रोग विशेषज्ञों के माध्यम से निरीक्षण, दवा, सोनोग्राफी और समुपदेशन करने के लिए चिकित्सा और दंत चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न रोगों से जुड़े विशेषज्ञों की भी मदद की जा रही है।
आशा कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य सेविका, सेवक के माध्यम से घर-घर जाकर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। 30 वर्ष से अधिक महिलाओं को कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोतियाबिंद, कान, नाक, गले और अन्य रोगों का निदान व जरूरत के अनुसार इलाज और समुपदेशन किया जा रहा है। उच्च जोखिमवाली माताओं/ महिलाओं का निदान करके उन्हें आवश्यकतानुसार उपचार और संदर्भ सेवाएं प्रदान करना, साथ ही अधिकतम महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, शल्यक्रिया होगी इसका नियोजन किया गया है। इस अवधि के दौरान मानव विकास कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञ शिविरों का आयोजन किया गया है। साथ ही भरारी टीम के माध्यम से उनके कार्यक्षेत्र में आनेवाले गांवों में भी सेवाएं दी जा रही हैं। आरबीएसके दस्ते के माध्यम से स्कूल निरीक्षण के बाद ग्राम भ्रमण निरीक्षण और समुपदेशन कार्यक्रम लिए जा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से महिला एवं बाल कल्याण विभाग के समन्वय में आंगनवाडी केंद्रों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। परिवार कल्याण कार्यक्रम की जानकारी सभी स्तरों पर दी जा रही है, साथ ही नवविवाहित जोड़ों व एक बच्चे वाली माताओं को दो बच्चों में अंतर रखने के बारे में, साथ ही दो बच्चों की माताओं को परिवार कल्याण शल्यक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
अभियान के पहले दो दिनों की स्वास्थ्य जांच में 4,000 से अधिक महिलाओं में मधुमेह तो 10,000 से अधिक महिलाओं को उच्च रक्तचाप का पता चला था। रोग के समय पर निदान के कारण महिलाओं को इलाज कराने में आसानी होगी। स्वास्थ्य शिविर में दवा वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। गंभीर बीमारी के लिए महात्मा जोतिबा फुले जन आरोग्य योजना या आयुष्मान भारत योजना के तहत भी शल्यक्रिया की जाएगी।
नारी शक्ति का जागरण नवरात्रि है। यह अभियान इस पर्व के महत्व के अनुरूप है। परिवार सहित देश के विकास में नारी शक्ति के महत्वपूर्ण स्थान को देखते हुए उसे सक्षम होना चाहिए, इसके लिए जरूरी है कि उनकी सेहत का ख्याल रखा जाए। उसके स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए आइए हम उनके प्रति आभार व्यक्त करें। आइए इस अभियान को हर घर में ले जाएं ताकि घर और परिवार की महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जा सके।
-जिला सूचना कार्यालय, पुणे

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