पुणे जिले के 515 लाभार्थियों को 27 माह के मानधन के रूप में 12 करोड़ 17 लाख रुपए बांटे जाएंगे : जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख
पुणे, नवंबर (जिमाका)
देश में 1975 से 1977 तक घोषित आपातकाल के दौरान कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों को मानदेय के भुगतान की योजना को फिर से शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अगस्त 2020 से अक्टूबर 2022 तक 27 महीने का वेतन कुल 12 करोड़ 17 लाख 2 हजार 500 रुपए पात्र 515 लाभार्थियों को वितरित करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दी है।
इसके अतिरिक्त, 23 नए पात्र लाभार्थियों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे लाभार्थियों की कुल संख्या 538 हो गई है।
देश में 25 जून 1975 से 31 मार्च 1977 तक की कालावधि में आपातकाल की घोषणा की गई थी। इस अवधि के दौरान मीसा के तहत साथ ही डी.आई.आर. (आपातकाल) राजनीतिक या सामाजिक कारणों से कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों का सम्मान और उचित गौरव करने के बारे में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग से 3 जुलाई 2018 के शासन निर्णय के अनुसार घोषणा की गई है।
इस नीति के तहत एक महीने से अधिक समय तक कारावास में रहनेवाले व्यक्तियों को प्रति माह 10 हजार रुपये व उसके पश्चात उसकी पत्नी/पति को 5 हजार रुपये तो एक महीने से कम कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों के लिए 5000 रुपये व उसके पश्चात उसकी पत्नी/पति को 2 हजार 500 रुपये मानधन देने का निर्णय लिया गया है।
तथापि इस योजना को 31 जुलाई 2020 के सरकार निर्णय के अनुसार बंद कर दिया गया था परंतु राज्य सरकार ने 28 जुलाई 2022 को एक सरकारी निर्णय जारी कर इस योजना को फिर से शुरू कर दिया है। अगस्त 2020 से सभी महीनों के लिए मानधन वितरित करने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार इन लाभार्थियों का मानधन अंतर सहित जिलाधिकारी कार्यालय को प्राप्त हो गया है तथा जिलाधिकारी को इन्हें तत्काल तहसीलवार वितरित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अनुसार पहली, दूसरी व तीसरी सूची में कुल 515 लाभार्थियों को 27 माह का वेतन अंतर सहित बांटा जाएगा। साथ ही चौथी सूची में शामिल 23 नए पात्र लाभार्थियों को अगस्त 2022 से अक्टूबर 2022 तक 3 महीने के लिए 5 लाख 40 हजार रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
तहसीलवार लाभार्थियों की कुल संख्या (कोष्ठक में नए पात्र लाभार्थियों की संख्या) - पुणे शहर- 238 (9), हवेली- 161 (8), अपर तहसील पिंपरी चिंचवड- 61 (4), खेड- 4 (1), मुलशी- 8 (1), भोर- 13, मावल- 19, दौण्ड-3, बारामती- 3, पुरंदर-2, जुन्नर-3, शिरुर- 22 और इंदापुर-1 लाभार्थी।
देश में 1975 से 1977 तक घोषित आपातकाल के दौरान कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों को मानदेय के भुगतान की योजना को फिर से शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अगस्त 2020 से अक्टूबर 2022 तक 27 महीने का वेतन कुल 12 करोड़ 17 लाख 2 हजार 500 रुपए पात्र 515 लाभार्थियों को वितरित करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दी है।
इसके अतिरिक्त, 23 नए पात्र लाभार्थियों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे लाभार्थियों की कुल संख्या 538 हो गई है।
देश में 25 जून 1975 से 31 मार्च 1977 तक की कालावधि में आपातकाल की घोषणा की गई थी। इस अवधि के दौरान मीसा के तहत साथ ही डी.आई.आर. (आपातकाल) राजनीतिक या सामाजिक कारणों से कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों का सम्मान और उचित गौरव करने के बारे में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग से 3 जुलाई 2018 के शासन निर्णय के अनुसार घोषणा की गई है।
इस नीति के तहत एक महीने से अधिक समय तक कारावास में रहनेवाले व्यक्तियों को प्रति माह 10 हजार रुपये व उसके पश्चात उसकी पत्नी/पति को 5 हजार रुपये तो एक महीने से कम कारावास भुगतनेवाले व्यक्तियों के लिए 5000 रुपये व उसके पश्चात उसकी पत्नी/पति को 2 हजार 500 रुपये मानधन देने का निर्णय लिया गया है।
तथापि इस योजना को 31 जुलाई 2020 के सरकार निर्णय के अनुसार बंद कर दिया गया था परंतु राज्य सरकार ने 28 जुलाई 2022 को एक सरकारी निर्णय जारी कर इस योजना को फिर से शुरू कर दिया है। अगस्त 2020 से सभी महीनों के लिए मानधन वितरित करने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार इन लाभार्थियों का मानधन अंतर सहित जिलाधिकारी कार्यालय को प्राप्त हो गया है तथा जिलाधिकारी को इन्हें तत्काल तहसीलवार वितरित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अनुसार पहली, दूसरी व तीसरी सूची में कुल 515 लाभार्थियों को 27 माह का वेतन अंतर सहित बांटा जाएगा। साथ ही चौथी सूची में शामिल 23 नए पात्र लाभार्थियों को अगस्त 2022 से अक्टूबर 2022 तक 3 महीने के लिए 5 लाख 40 हजार रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
तहसीलवार लाभार्थियों की कुल संख्या (कोष्ठक में नए पात्र लाभार्थियों की संख्या) - पुणे शहर- 238 (9), हवेली- 161 (8), अपर तहसील पिंपरी चिंचवड- 61 (4), खेड- 4 (1), मुलशी- 8 (1), भोर- 13, मावल- 19, दौण्ड-3, बारामती- 3, पुरंदर-2, जुन्नर-3, शिरुर- 22 और इंदापुर-1 लाभार्थी।

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