अनधिकृत रूप से रास्ते के किनारे लगनेवाले टेंपो के ठेलों से होनेवाले अतिक्रमण को हटाने की मांग : आखिर इनका गॉड फादर कौन है जो इन पर कारवाई करने पर रोक लगा रहा है यह उजागर करें? आम जनता का प्रशासन से सवाल
हड़पसर, नवंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
पुणे-सोलापुर व सासवड रोड हड़पसर की धड़कन हैं। आज की घड़ी में ये दो रोड हड़पसर की यातायात की मुख्य रीड हैं। हड़पसरवासी का जीवन भी इन्ही दों रास्ते पर पूरी तरह से निर्भर है। आज के वर्तमान समय में देखा जाए तो फल, सब्जी के टेंपो पूरी तरह से हड़पसर की मुख्य सड़कों के बाद अब हड़पसर के अंदरूनी रास्तों पर भी पूरी तरह से कब्जा ही कर रहे हैं। क्या प्रशासन को यह दिखाई नहीं दे रहा है? क्या जान बूझकर आंख बंद कर ली है? प्रशासन हाथों पर हाथ रखकर क्यों बैठा है? इनके विरोध में आखिर क्यों कारवाई की नहीं जाती हैं? या फिर प्रशासन ही इन्हें सहारा व सुरक्षा प्रदान तो नहीं कर रहा है? आखिर इनका गॉड फादर कौन है जो इन पर कार्रवाई करने पर रोक लगा रहा है यह उजागर किया जाए? यह सवाल आम जनता प्रशासन से पूछ रही है।
आज नागरिकों को इस तरह के रास्ते के किनारे लगाए जानेवाले अनधिकृत रूप से टेंपो के ठेलों की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। उन्हें इससे अवगत कराया जाता है कि टेंपो को साइड पर लगाएं तो उल्टा उनकी बातें ही सुननी पड़ती हैं? कहते हैं कि तू तेरा देख? तेरी गाड़ी उस साइड से निकाल? हमें मत समझा हमें क्या करना है? ऐसे जवाब सुनने को मिलते हैं। हमें यह एक बात समझ में नहीं आती है कि रोड टैक्स हम सरकार को देते हैं वो फिर किस लिए देते हैं? हमें अच्छी सुविधा प्रदान हो इसलिए या फिर इस तरह की समस्या का सामना करने के लिए, यह हमारे समझ के परे है।
फल, सब्जी व अन्य चीजों की बिक्री करनेवाले टेंपोधारकों की वजह से यातायात की जो तकलीफ हो रही है या यातायात पर उसका गहरा प्रभाव हो रहा है इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं या न कोई भी सावधानी बरतने की कोशिश करते हैं। अगर मान लीजिए कि अगर कोई हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? रास्ते के किनारे अनधिकृत रूप से टेंपो का ठेला लगानेवाले या इन्हें समर्थन करनेवाला प्रशासन?
पुणे-सोलापुर व सासवड रोड के साथ हड़पसर के अंदरूनी रास्तों की यह पुकार है कि अब अतिक्रमण की चपेट से हमें मुक्त करें हमें भी चैन की सांस लेने दो। टेंपो के ठेलों से आम आदमी परेशान है, रास्ते के किनारे इन टेंपो के ठेलों का साथीदार हाथों में भोंगा लेकर खड़ा रहता है और बेचने के लिये लाई गई चीजों से नागरिकों को लोभित करता है कि इतने पैसों में इतनी चीजें! वैसे देखा जाए तो ऐसे वाहनचालकों पर भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो अपनी गाड़ी रास्ते के बीच खड़ी करके अनधिकृत रूप से रास्ते के किनारे लगनेवाले टेंपो के ठेलों से चीजें खरीदते हैं। वाहनचालकों को पता नहीं है कि उनके इस तरह के रवैये के चलते इसका गहरा प्रभाव यातायात पर हो रहा है!
महानगरपालिका प्रशासन व यातायात पुलिस प्रशासन को मिलकर इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के लिए कदम उठना आज समय की जरूरत है। बेखौफ कहीं भी रास्ते के किनारे अनधिकृत रूप से रास्ते के किनारे लगनेवाले टेंपो यातायात की समस्या प्रभावित कर ट्रैफिक जाम और खरीददारी करनेवाले वाहनचालकों पर भी दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए क्यों कि उनके इस बर्ताव के चलते यातायात की समस्या होती है और उसका परिणाम अन्य वाहनचालकों को भुगतना पड़ता है!

0 टिप्पणियाँ