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दि एचडीएफसी स्कूल से बस का ठेका अचानक रद्द कर दिया गया : तीन महीने का नोटिस दिए बिना मेल द्वारा अनुबंध रद्द

बस चालक, सुपरवाइजर व कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया, स्कूल प्रबंधन को नियमानुसार नोटिस देना चाहिए : जयदीप निकम; स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अदालत जाएंगे
हड़पसर, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
मगरपट्टा के पास एचडीएफसी स्कूल ने बिना किसी पूर्व सूचना के बस ठेकेदार को मेल करके ठेका निरस्त कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने झूठे आरोप लगाकर हमारे साथ  अन्याय किया है। हम अनुबंध के अनुसार काम कर रहे हैं और 90 दिन पहले नोटिस नहीं देने पर हम कोर्ट जाएंगे। यह चेतावनी ठेकेदार जयदीप निकम ने दी है।
मगरपट्टा के एचडीएफसी स्कूल में ठेकेदार कई सालों से ठेका बस चालक का काम कर रहे हैं। प्रबंधन ने अनधिकृत तरीके से उच्च कमीशन की मांग की और मना करने के बाद अनुबंध को बंद करने के लिए एक मेल भेजा। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए जब वह स्कूल तो उन्हें गेट पर अंदर जाने से रोक दिया गया। पुलिस और मीडिया को अभिभावकों को बंद करके रखा है, यह झूठी सूचना दी गई। यह ठेकेदार जयदीप निकम ने बताया।
बस ड्राइवरों के पास पांच साल का अनुबंध है और एक समझौता किया गया है, 90 दिनों का नोटिस देकर अनुबंध रद्द किया जा सकता है, लेकिन अचानक हमें मेल किया गया और सूचित किया गया कि अनुबंध रद्द कर दिया गया है। ठेकेदार जयदीप निकम का आरोप है कि दो माह के बकाया बिलों का भी भुगतान नहीं किया गया है। आज सुबह ठेकेदार जयदीप निकम, चालक, सुपरवाइजर उस जगह पर पहुंचे तब स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया और हमारी बात सुने बिना हमें वहां से हटा दिया, ऐसा भी उनका कहना है।
दि एचडीएफसी स्कूल में पहली से दसवीं कक्षा तक के 1270 छात्र हैं और इस स्कूल में 32 बसें हैं। अचानक ठेका रद्द करने से 32 चालक, तीन सुपरवाइजर और एक मैनेजर व उनके परिवार का जीवन उदरनिर्वाह करने का प्रश्न खड़ा हो गया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा इस संबंध में कोई न्याय की भूमिका नहीं निभाने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर, पूर्व मंत्री बच्चू कडू से पत्राचार किया गया है। हम न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। यह चेतावनी ठेकेदार जयदीप निकम ने दी है। 
यहां शिवसेना जिला संघटक अरुणा हरपले, अभिजीत कदम, प्रतीक बर्गे, महेश मोहिते, नचिकेत मोरे, वैभव भगत, मुकेश शेंडकर, अंकिता सातव, ज्योति तोडकर, रेखा पोली, उमेश भडकवाड उपस्थित थे।

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