हड़पसर, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
इंडियन नेशनल ऑटोक्रॉस चैंपियनशिप 2022 वेस्ट जोन क्वालिफाइड राउंड का आयोजन पुणे के नानोली में किया गया था। पुणे की निकिता टकले-खडसरे ने इस रैली में फास्टेस्ट ड्राइवर समेत चार ट्रॉफी जीतने में सफलता हासिल की है। निकिता को कार खराब होने के बावजूद संकल्प के साथ सफलतापूर्वक रेस जीतने के लिए बधाई दी जा रही है।दो दिवसीय इंडियन नेशनल ऑटोक्रॉस चैंपियनशिप 26 और 27 नवंबर को पुणे के नानोली गांव में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में भारत के पश्चिम क्षेत्र और बैंगलोर, हैदराबाद के 50 से 60 कार राइडरों ने भाग लिया। जबकि प्रतियोगिता में विशेषज्ञ और अनुभवी ड्राइवरों ने भाग लिया, नवागंतुक निकिता टकाले-खडसरे ने पहले ही दिन फास्टर ड्राइवर श्रेणी में पहली ट्रॉफी जीती। इस ट्रॉफी के साथ, उसने विभिन्न राउंड में तीन और ट्राफियां जीतीं, जिसके लिए उसकी प्रशंसा की जा रही है। विजेताओं को एफएमएससीआई के आयोजकों ने पुरस्कार बांटे।
हालांकि दूसरे दिन निकिता के लिए काफी कठिन रहा क्योंकि पहले दिन के राऊंड के बाद गाड़ी बंद पड़ने के बाद और मैकेनिक उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रतियोगिता में फिर से प्रवेश करने को लेकर असमंजस की स्थिति थी, लेकिन बिना निराश हुए उन्होंने दूसरी कारों के पार्ट लगाकर कार स्टार्ट की। हालांकि कार की मरम्मत नहीं हुई फिर भी निकिता ने भाग लिया और एक ट्रॉफी अपने नाम कर ली। निकिता की सफलता का श्रेय अपने पिता उद्यमी नितिन टकले, पति शुभम खडसरे, परिवार और अपने गुरु चेतन शिवराम को देती हैं।
राष्ट्रीय स्तर शामिल होकर सफलता प्राप्त करते हुए मुख्य लक्ष विश्वस्तरीय मोटर रैली में भाग लेकर भारत का नाम दुनिया के नक्शे में चमकाने का संकल्प निकिता टकले ने व्यक्त किया।
गांव में मुकाबला, गाड़ी खराब पर हौसला बुलंद...
दो दिवसीय चैंपियनशिप पुणे के नानोली में आयोजित की गई थी। ग्रामीण भाग उसमें पहला राउंड होने के बाद निकिता की कार ने धोखा दे दिया और गाड़ी बंद हो गई, गाड़ी के पार्ट नहीं मिल रहे थे और विशेषज्ञ मैकेनिक उपलब्ध नहीं फिर भी बिना हार माने दूसरी कार के पार्ट लगाकर फिर से भाग लेते हुए कार ठीक से नहीं चलने के बावजूद निकिता ने एक ट्रॉफी जीती। उनकी दृढ़ता की व्यापक रूप से सराहना की गई।
दो दिवसीय चैंपियनशिप पुणे के नानोली में आयोजित की गई थी। ग्रामीण भाग उसमें पहला राउंड होने के बाद निकिता की कार ने धोखा दे दिया और गाड़ी बंद हो गई, गाड़ी के पार्ट नहीं मिल रहे थे और विशेषज्ञ मैकेनिक उपलब्ध नहीं फिर भी बिना हार माने दूसरी कार के पार्ट लगाकर फिर से भाग लेते हुए कार ठीक से नहीं चलने के बावजूद निकिता ने एक ट्रॉफी जीती। उनकी दृढ़ता की व्यापक रूप से सराहना की गई।


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