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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) पुणे कार्यालय में किया गया ‘मानवाधिकार दिवस’ का आयोजन

पुणे, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
10 दिसंबर 2022 को रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) पुणे कार्यालय में मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राजीव चव्हाण, भा. र.ले.से., एन डी सी, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक महोदय को पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। वेतन लेखा कार्यालय (अन्य श्रेणी) ए. सी .आर.,अहमदनगर कार्यालय से विशेष रुप से पधारे डॉ. महेश दले, भा.र.ले.से. रक्षा लेखा संयुक्त नियंत्रक महोदय ने अपने प्रारंभिक अभिभाषण में वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार दिवस कैसे आरंभ हुआ, उसकी पृष्ठभूमि क्या थी आदि बातों पर रोशनी डाली। उन्होंने सभी को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए उदाहरण सहित इस बात पर विशेष ध्यान देने की नसीहत दी कि एक व्यक्ति के अधिकार कभी भी दूसरे व्यक्ति के लिए बाधा नहीं बनने चाहिए।
अपने संबोधन में डॉ. राजीव चौहान भा. र.ले .से. रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक महोदय ने मानव अधिकार विषय पर अपने विचार प्रकट करते हुए मनुष्य के क्रमिक विकास, उसके  पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर स्थिर होने,  कालांतर में मनुष्य का दूसरे को स्वयं से निम्न तुच्छ का सिद्ध करने की स्पर्धा, सभी प्रकार से शक्ति संपन्न व्यक्तियों द्वारा निर्बल निर्धन के शोषण की परंपरा का आरंभ होना इत्यादि पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने भारतीय परिप्रेक्ष्य में चातुरवर्ण व्यवस्था तथा उससे उत्पन्न जाति व्यवस्था, सामंतशाही, जमींदारी व्यवस्था,  बंधुआ मजदूर की कुप्रथा, सती प्रथा, बालविवाह प्रथा इत्यादि का सविस्तार उल्लेख किया। मानवाधिकार के हक में खड़े होने वाले महान विभूतियों में से उन्होंने महात्मा ज्योतिराव फुले के सत्यशोधक समाज के कार्यों, ब्रिटिश सरकार द्वारा बनाए गए अनेक सामाजिक कुरीतियों को रोकने वाले महत्वपूर्ण कानून, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष तथा देश की महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए उनका हिंदू कोड बिल पर अपना सर्वस्व लगा देना आदि बातों पर उन्होंने सखोल विचार व्यक्त किए । महिलाओं को प्रत्येक स्तर पर बराबरी का दर्जा देने की वकालत करते हुए उन्होंने मनुष्य की गरिमा अर्थात मनुष्य की इज्जत को सर्वप्रथम व सर्वोच्च अधिकार बताया। अंततः उन्होंने समस्त धरातल पर नस्ल, जाति, रंग, धर्म, लिंग, समुदाय और भाषा के आधार पर होने वाले सभी प्रकार के मानवीय भेदभावो का जल्द से जल्द समाप्त हो जाने की कामना के साथ अपनी वाणी को विराम दिया।
सभी उपस्थित अधिकारियों तथा कर्मचारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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