स्वास्थ्य मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने दी स्वास्थ्य विभाग को बधाई
पुणे, दिसंबर (जिमाका)
मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मातृ मृत्यु दर को कम करने और प्रसव के दौरान प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए महाराष्ट्र को लक्ष्य संस्थानों की मान्यता में राष्ट्रीय स्तर पर दो पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से बधाई दी है।
शाश्वत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने और देश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए मातृ स्वास्थ्य केंद्र में नवीन योजनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मातृ स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए आयोजित इस कार्यशाला की मुख्य अवधारणा ‘जीरो रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु के लिए प्रयास’ थी।
राज्यों को मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाता है। नवंबर 2022 में भारत के महापंजीयक द्वारा प्रकाशित नमूना पंजीकरण प्रणाली सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में मातृ मृत्यु अनुपात 2017-19 में 103 प्रति लाख जीवित जन्म से बढ़कर 2018-20 में 97 प्रति लाख जीवित जन्म हो गया और मातृ मृत्यु दर 2017-19 में महाराष्ट्र राज्य में मृत्यु दर 38 प्रति लाख जीवित जन्म से 2018-20 में 33 प्रति लाख जीवित जन्म है। महाराष्ट्र राज्य देश में मातृ मृत्यु दर को कम करने में दूसरे स्थान पर है जबकि केरल राज्य पहले स्थान पर है। जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, मातृत्व सब्सिडी योजना, मानव विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि योजनाओं के जनता द्वारा प्रभावी कार्यान्वयन के कारण राज्य इसे प्राप्त करने में सक्षम था। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सुरक्षित मातृत्व के लिए विभिन्न उपायों को लागू करना।
राष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्य संगठन प्रमाणन के लिए महाराष्ट्र को दूसरा पुरस्कार
महाराष्ट्र को लक्ष्य संस्था प्रमाणन में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार मिला है। प्रसव के दौरान प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2017 में लक्ष्य (ङरटीहूर) कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृत्व और प्रसूति शल्य चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे मातृ मृत्यु दर, प्रसवकालीन मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ मातृ देखभाल के साथ-साथ प्रसव के दौरान गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान की जा सके। लक्ष्य 2017 के दिशा-निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र राज्य में वर्ष 2018-19 से लक्ष्य कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. तानाजी सावंत के मार्गदर्शन में राज्य ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार के शुभहस्ते दोनों पुरस्कार डॉ. अशोक नांदापुरकर, उप निदेशक, कु.क. पुणे और डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे, सहायक निदेशक एवं नोडल अधिकारी, मातृ स्वास्थ्य, कु. क. पुणे ने स्वीकार किया। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए आशा और नर्स श्रेणी में महाराष्ट्र राज्य के लिए दूसरा पुरस्कार आशा कार्यकर्ता गीता चोपराम भेंडारकर और गोंदिया जिले के डव्वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स पंचफुला राणे को दिया गया।
मंत्री डॉ.सावंत ने पुणे में हुई बैठक में सभी को बधाई दी। इस अवसर पर आरोग्य सेवा संचालक डॉ. नितिन आंबाडेकर, सहसंचालक डॉ. भोये, डॉ. रामचंद्र हंकारे, डॉ. अशोक नंदापुरकर, डॉ.अनिरुद्ध देशपांडे व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मातृ मृत्यु दर को कम करने और प्रसव के दौरान प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए महाराष्ट्र को लक्ष्य संस्थानों की मान्यता में राष्ट्रीय स्तर पर दो पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से बधाई दी है।
शाश्वत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने और देश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए मातृ स्वास्थ्य केंद्र में नवीन योजनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मातृ स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए आयोजित इस कार्यशाला की मुख्य अवधारणा ‘जीरो रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु के लिए प्रयास’ थी।
राज्यों को मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाता है। नवंबर 2022 में भारत के महापंजीयक द्वारा प्रकाशित नमूना पंजीकरण प्रणाली सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में मातृ मृत्यु अनुपात 2017-19 में 103 प्रति लाख जीवित जन्म से बढ़कर 2018-20 में 97 प्रति लाख जीवित जन्म हो गया और मातृ मृत्यु दर 2017-19 में महाराष्ट्र राज्य में मृत्यु दर 38 प्रति लाख जीवित जन्म से 2018-20 में 33 प्रति लाख जीवित जन्म है। महाराष्ट्र राज्य देश में मातृ मृत्यु दर को कम करने में दूसरे स्थान पर है जबकि केरल राज्य पहले स्थान पर है। जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, मातृत्व सब्सिडी योजना, मानव विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि योजनाओं के जनता द्वारा प्रभावी कार्यान्वयन के कारण राज्य इसे प्राप्त करने में सक्षम था। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सुरक्षित मातृत्व के लिए विभिन्न उपायों को लागू करना।
राष्ट्रीय स्तर पर लक्ष्य संगठन प्रमाणन के लिए महाराष्ट्र को दूसरा पुरस्कार
महाराष्ट्र को लक्ष्य संस्था प्रमाणन में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार मिला है। प्रसव के दौरान प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2017 में लक्ष्य (ङरटीहूर) कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृत्व और प्रसूति शल्य चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे मातृ मृत्यु दर, प्रसवकालीन मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ मातृ देखभाल के साथ-साथ प्रसव के दौरान गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान की जा सके। लक्ष्य 2017 के दिशा-निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र राज्य में वर्ष 2018-19 से लक्ष्य कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश के जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. तानाजी सावंत के मार्गदर्शन में राज्य ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार के शुभहस्ते दोनों पुरस्कार डॉ. अशोक नांदापुरकर, उप निदेशक, कु.क. पुणे और डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे, सहायक निदेशक एवं नोडल अधिकारी, मातृ स्वास्थ्य, कु. क. पुणे ने स्वीकार किया। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए आशा और नर्स श्रेणी में महाराष्ट्र राज्य के लिए दूसरा पुरस्कार आशा कार्यकर्ता गीता चोपराम भेंडारकर और गोंदिया जिले के डव्वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स पंचफुला राणे को दिया गया।
मंत्री डॉ.सावंत ने पुणे में हुई बैठक में सभी को बधाई दी। इस अवसर पर आरोग्य सेवा संचालक डॉ. नितिन आंबाडेकर, सहसंचालक डॉ. भोये, डॉ. रामचंद्र हंकारे, डॉ. अशोक नंदापुरकर, डॉ.अनिरुद्ध देशपांडे व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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