जी-20 परिषद की बैठक के लिए मुंबई तैयार : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
मुंबई, दिसंबर (महासंवाद)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले वर्ष में भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा के लिए टेलीविजन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, उपराज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। 12 दिसंबर से मुंबई में जी20 काउंसिल की बैठकें शुरू होंगी और मुंबई शहर इसके लिए तैयार है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि राज्य की सांस्कृतिक परम्पराओं और खान-पान की संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए राज्य में निवेश की संभावना वाले क्षेत्रों को भी विदेशी पर्यटकों से रू-ब-रू कराया जाएगा।
जी-20 परिषद से जुड़े दुनिया भर के देशों से लगभग 1,00,000 लोग आ रहे हैं, जो उनकी निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत के हर राज्य का नाम वैश्विक हो जाए, ऐसे ही आयोजन करें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने समाज के सभी स्तरों के लोगों से इसमें भाग लेने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने अपने देश के राज्यों की समृद्ध विविधता को दिखाने का यह सही समय बताते हुए इन बैठकों और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व में सामाजिक, आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में हुए विकास को दिखाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को मिलकर जी-20 सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित कर राज्यों की ताकत दिखाने का काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि बैठकों और कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए हमारे राज्यों से सेवानिवृत्त विदेश सेवा अधिकारियों की भागीदारी शामिल होनी चाहिए। हमारे राज्य से अधिकारियों को अन्य राज्यों द्वारा किए गए परियोजनाओं का अध्ययन करने के लिए भेजा जाना चाहिए। सभी देशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश को जी-20 की अध्यक्षता मिली। परिषद की बैठकों के लिए महाराष्ट्र को चुनने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की योजना की जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिचय दिया जबकि केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ने जी-20 सम्मेलन के बारे में जानकारी दी। विकास पर वर्किंग ग्रुप की बैठक मुंबई में 13 से 16 दिसंबर तक होगी। मुख्यमंत्री ने मुंबई शहर की साज-सज्जा में कोई कमी नहीं रहने की बात कहते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्मेलन में आने वाले विदेशी अतिथियों का स्वागत महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार फेंटे बांधकर किया जाए।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, राजसी शिष्टाचार विभाग की प्रमुख सचिव मनीषा म्हैसकर आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई के प्रसिद्ध कोली भाइयों और पारंपरिक वेशभूषा में उनके कोली नृत्य के साथ मेहमानों का स्वागत करते हुए, जी-20 परिषद के मेहमानों को राज्य की खाद्य संस्कृति और लोक कला प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र में निवेश के अवसरों के क्षेत्रों को भी जानना चाहिए।
जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान लगभग 215 विभिन्न बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनमें से 14 महाराष्ट्र में होंगी। 8 मुंबई में, 4 पुणे में, 1-1 औरंगाबाद और नागपुर में होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले वर्ष में भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन की बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा के लिए टेलीविजन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, उपराज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। 12 दिसंबर से मुंबई में जी20 काउंसिल की बैठकें शुरू होंगी और मुंबई शहर इसके लिए तैयार है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया कि राज्य की सांस्कृतिक परम्पराओं और खान-पान की संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए राज्य में निवेश की संभावना वाले क्षेत्रों को भी विदेशी पर्यटकों से रू-ब-रू कराया जाएगा।
जी-20 परिषद से जुड़े दुनिया भर के देशों से लगभग 1,00,000 लोग आ रहे हैं, जो उनकी निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत के हर राज्य का नाम वैश्विक हो जाए, ऐसे ही आयोजन करें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने समाज के सभी स्तरों के लोगों से इसमें भाग लेने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री ने अपने देश के राज्यों की समृद्ध विविधता को दिखाने का यह सही समय बताते हुए इन बैठकों और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व में सामाजिक, आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में हुए विकास को दिखाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को मिलकर जी-20 सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित कर राज्यों की ताकत दिखाने का काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि बैठकों और कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए हमारे राज्यों से सेवानिवृत्त विदेश सेवा अधिकारियों की भागीदारी शामिल होनी चाहिए। हमारे राज्य से अधिकारियों को अन्य राज्यों द्वारा किए गए परियोजनाओं का अध्ययन करने के लिए भेजा जाना चाहिए। सभी देशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश को जी-20 की अध्यक्षता मिली। परिषद की बैठकों के लिए महाराष्ट्र को चुनने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की योजना की जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिचय दिया जबकि केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ने जी-20 सम्मेलन के बारे में जानकारी दी। विकास पर वर्किंग ग्रुप की बैठक मुंबई में 13 से 16 दिसंबर तक होगी। मुख्यमंत्री ने मुंबई शहर की साज-सज्जा में कोई कमी नहीं रहने की बात कहते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्मेलन में आने वाले विदेशी अतिथियों का स्वागत महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार फेंटे बांधकर किया जाए।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, राजसी शिष्टाचार विभाग की प्रमुख सचिव मनीषा म्हैसकर आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई के प्रसिद्ध कोली भाइयों और पारंपरिक वेशभूषा में उनके कोली नृत्य के साथ मेहमानों का स्वागत करते हुए, जी-20 परिषद के मेहमानों को राज्य की खाद्य संस्कृति और लोक कला प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र में निवेश के अवसरों के क्षेत्रों को भी जानना चाहिए।
जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान लगभग 215 विभिन्न बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनमें से 14 महाराष्ट्र में होंगी। 8 मुंबई में, 4 पुणे में, 1-1 औरंगाबाद और नागपुर में होंगी।
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