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परीक्षाओं को फिर से लेने से संगठन का संघर्ष सफल रहा

हड़पसर, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)-
    शॉर्टहैंड व विद्यापीठ की परीक्षा एकसाथ आने से छात्रों के भविष्य का सवाल खड़ा हो गया था परंतु सतर्क संगठनों ने अपनी आवाज उठाई और अधिकारियों के पास अनुवर्ती करने से रद्द की गई परीक्षाओं को फिर से लेने से संगठन का संघर्ष सफल रहा है। कंप्यूटर, आशुलिपि और टंकण परीक्षा महाराष्ट्र परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाती है, लेकिन जुलाई 2022 में हुई शॉर्टहैंड परीक्षा के दौरान छात्रों की यूनिवर्सिटी की परीक्षा भी आई थी। लॉकडाउन के बाद से कई छात्रों की आशुलिपि परीक्षा में अनियमितता हुई जो उनके नौकरी-कैरियर के लिए आवश्यक है। दो वर्ष अध्ययन, अभ्यास और समय व्यतीत करने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई कि छात्र फिर से शॉटहैंड की परीक्षा में नहीं बैठ पाएगा और नौकरी के अवसर फिर से बंद हो जाएंगे। महाराष्ट्र के कुछ जिलों में आशुलिपि और विद्यालय की परीक्षाएं एक साथ कर दी गईं, जिससे छात्रों को असुविधा हुई थी इसके बारे में कोल्हापुर की अभिलाषा नाइक व पुणे के हेमंत ढमढेरे ने इस मामले को टंकण संघ के माध्यम से परीक्षा परिषद के पदाधिकारियों से संपर्क कर जोरदार तरीके से उठाया था। 
    परीक्षा परिषद के अध्यक्ष शरद गोसावी और अन्य अधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और परीक्षा फिर से लेने का वादा किया। तद्नुसार महात्मा फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर शॉर्टहैंड परीक्षा आयोजित की गई थी, विभिन्न जिलों के छात्रों ने अभिलाषा नाइक, हेमंत ढमढेरे और परीक्षा परिषद के अध्यक्ष शरद गोसावी को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महात्मा फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर आनंद व्यक्त किया गया।  आशुलिपि और विद्यालय परीक्षाओं के समामेलन से कई छात्रों का भारी नुकसान होनेवाला था। उनके द्वारा की गई कड़ी मेहनत पर पानी फिर सकता था। लंबे समय तक कड़ी मेहनत करने के बाद उन्हें परीक्षा छोड़नी पड़ सकती थी, परंतु संघठन के माध्यम से अभिलाषा नाइक व हमारे द्वारा की गई अनुवर्ती को सफलता प्राप्त हुई।परीक्षा परिषद के अध्यक्ष शरद गोसावी के आदेश के अनुसार फिर से परीक्षा लेने से छात्रों का नुकसान होने से बचा है। यह जानकारी हेमंत ढमढेरे ने दी।

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