पुणे, जनवरी (जिमाका)
महाराष्ट्र राज्य ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता 2022-23 का आयोजन श्री शिव छत्रपति खेल परिसर बालेवाडी-म्हालुंगे में दिनांक 2 से 12 जनवरी तक राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को प्रतिभावान खिलाड़ियों के खेल कौशल को देखकर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया है। विभागीययुक्त सौरभ राव ने बताया कि 5 जनवरी को अतिथियों की उपस्थिति में प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।
वे विधानभवन सभागृह, पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर खेल आयुक्त सुहास दिवसे, महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के सचिव नामदेव शिरगांवकर, क्रीड़ा सहसंचालक चंद्रकांत कांबले, उप संचालक संजय सबनीस आदि मौजूद थे।
श्री राव ने कहा, टूर्नामेंट के अवसर पर राज्य के एथलीटों को अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा और एथलीटों के बीच खेल कौशल में सुधार करने में मदद मिलेगी। यह खेल प्रतियोगिता महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता प्रदेश के 8 जिलों में आयोजित की जा रही है और इस प्रतियोगिता में 39 खेल शामिल हैं। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 हजार 456 खिलाड़ी, खेल गाइड, प्रबंधक भाग ले रहे हैं।
प्रतियोगिता में 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रत्येक खेल के एकीकृत खेल संघ के माध्यम से प्रत्येक खेल के लिए राज्य की सर्वश्रेष्ठ आठ टीमों और एथलीटों का चयन किया गया है और आठ जिलों की ये चयनित टीमें महाराष्ट्र राज्य ओलंपिक खेलों में भाग लेंगी।
टूर्नामेंट का उद्घाटन 5 जनवरी को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पुणे के शिव छत्रपति खेल परिसर में करेंगे और समारोह में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खेल मंत्री गिरीश महाजन, पालकमंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल, महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजीत पवार मौजूद रहेंगे।
क्रीड़ा ज्योति को महाराष्ट्र ओलंपिक खेलों के लिए तैयार कर लिया गया है। मुख्य खेल ज्योति रायगढ़ से प्रज्ज्वलित की जाएगी। राज्य के खेल विभाग के अंतर्गत कुल आठ विभाग हैं। क्रीड़ा ज्योति को प्रत्येक विभागीय मुख्यालय स्थान से पुणे लाया जाएगा। इन सभी मशालों को एकत्रित करके इस खेल मशाल को पुणे शहर से शोभायात्रा के रूप में शिव छत्रपति खेल परिसर तक लाया जाएगा और प्रतियोगिता के उद्घाटन के समय मुख्य स्थल पर मशाल जलाई जाएगी। इसके लिए जरूरी प्लानिंग कर ली गई है।
वे विधानभवन सभागृह, पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर खेल आयुक्त सुहास दिवसे, महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के सचिव नामदेव शिरगांवकर, क्रीड़ा सहसंचालक चंद्रकांत कांबले, उप संचालक संजय सबनीस आदि मौजूद थे।
श्री राव ने कहा, टूर्नामेंट के अवसर पर राज्य के एथलीटों को अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा और एथलीटों के बीच खेल कौशल में सुधार करने में मदद मिलेगी। यह खेल प्रतियोगिता महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता प्रदेश के 8 जिलों में आयोजित की जा रही है और इस प्रतियोगिता में 39 खेल शामिल हैं। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 हजार 456 खिलाड़ी, खेल गाइड, प्रबंधक भाग ले रहे हैं।
प्रतियोगिता में 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रत्येक खेल के एकीकृत खेल संघ के माध्यम से प्रत्येक खेल के लिए राज्य की सर्वश्रेष्ठ आठ टीमों और एथलीटों का चयन किया गया है और आठ जिलों की ये चयनित टीमें महाराष्ट्र राज्य ओलंपिक खेलों में भाग लेंगी।
टूर्नामेंट का उद्घाटन 5 जनवरी को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पुणे के शिव छत्रपति खेल परिसर में करेंगे और समारोह में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खेल मंत्री गिरीश महाजन, पालकमंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल, महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजीत पवार मौजूद रहेंगे।
क्रीड़ा ज्योति को महाराष्ट्र ओलंपिक खेलों के लिए तैयार कर लिया गया है। मुख्य खेल ज्योति रायगढ़ से प्रज्ज्वलित की जाएगी। राज्य के खेल विभाग के अंतर्गत कुल आठ विभाग हैं। क्रीड़ा ज्योति को प्रत्येक विभागीय मुख्यालय स्थान से पुणे लाया जाएगा। इन सभी मशालों को एकत्रित करके इस खेल मशाल को पुणे शहर से शोभायात्रा के रूप में शिव छत्रपति खेल परिसर तक लाया जाएगा और प्रतियोगिता के उद्घाटन के समय मुख्य स्थल पर मशाल जलाई जाएगी। इसके लिए जरूरी प्लानिंग कर ली गई है।
उक्त प्रतियोगिता की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं और प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सभी प्रतियोगिता स्थल तैयार हैं। सरकार के खेल विभाग और महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के नेतृत्व में राज्य के 39 खेलों के खेल संघ इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। प्रत्येक पहलू पर उचित ध्यान दिया जा रहा है ताकि आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, खेल मैदान, प्रतियोगिता के लिए एथलीटों का परिवहन, स्वयंसेवक, पदक आदि सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले हों।
महाराष्ट्र राज्य ओलंपिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक पदक अर्जित करने वाले जिले को सामान्य उपाधि एवं ट्राफी से सम्मानित किया जायेगा। राज्य सरकार ने इस प्रतियोगिता को स्वीकृति प्रदान कर दी है तथा इसके लिए 19 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। इसी तरह सरकार ने भरोसा दिया है कि इस टूर्नामेंट के लिए फंड किसी भी हाल में कम नहीं होने दिया जाएगा और प्रदेश के खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की है।
श्री राव ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपना खेल कौशल दिखाने का सही मंच मिलेगा।
श्री दिवसे ने कहा, महाराष्ट्र के एथलीटों ने राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे खिलाड़ियों की गुणवत्ता प्रतियोगिता के माध्यम से बेहतर अवसर प्रदान करेगी। सॉफ्टवेयर के जरिए खिलाड़ियों की जानकारी जुटाई जाएगी। यह भविष्य में खेल विकास गतिविधियों को लागू करने में उपयोगी हो सकता है।
श्री शिरगांवकर ने कहा, यह प्रतियोगिता राज्य के खेल क्षेत्र के लिए एक नया सवेरा होने जा रहा है। प्रतियोगिता के अवसर पर प्रदेश में खेलों के विकास के अनुकूल वातावरण का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र ओलम्पिक देश की सबसे बड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता है।
इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य ओलम्पिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदान किए गए पदकों का अनावरण किया गया।
महाराष्ट्र राज्य ओलंपिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक पदक अर्जित करने वाले जिले को सामान्य उपाधि एवं ट्राफी से सम्मानित किया जायेगा। राज्य सरकार ने इस प्रतियोगिता को स्वीकृति प्रदान कर दी है तथा इसके लिए 19 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। इसी तरह सरकार ने भरोसा दिया है कि इस टूर्नामेंट के लिए फंड किसी भी हाल में कम नहीं होने दिया जाएगा और प्रदेश के खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की है।
श्री राव ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपना खेल कौशल दिखाने का सही मंच मिलेगा।
श्री दिवसे ने कहा, महाराष्ट्र के एथलीटों ने राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे खिलाड़ियों की गुणवत्ता प्रतियोगिता के माध्यम से बेहतर अवसर प्रदान करेगी। सॉफ्टवेयर के जरिए खिलाड़ियों की जानकारी जुटाई जाएगी। यह भविष्य में खेल विकास गतिविधियों को लागू करने में उपयोगी हो सकता है।
श्री शिरगांवकर ने कहा, यह प्रतियोगिता राज्य के खेल क्षेत्र के लिए एक नया सवेरा होने जा रहा है। प्रतियोगिता के अवसर पर प्रदेश में खेलों के विकास के अनुकूल वातावरण का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र ओलम्पिक देश की सबसे बड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता है।
इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य ओलम्पिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदान किए गए पदकों का अनावरण किया गया।


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