मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

अमरसृष्टि गृहरचना सोसाइटी में 30 लाख रुपयों की लागत का 40 किलोवाट सौर पैनल अजीत पवार द्वारा उद्घाटित

हड़पसर, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने हेतु आगे बढ़ना समय की जरूरत है। भविष्य की ओर गंभीरता से देखना चाहिए। आज इस सोसाइटी ने सौर ऊर्जा जैसे प्रकल्प कार्यान्वित करते हुए गो ग्रीन का नारा लगाया है, जो सही मायने में प्रशंसनीय है, अन्य गृह सोसाइटियों को भी इसका अनुकरण करना चाहिए। यह अनुरोध विपक्ष के नेता अजीत पवार ने किया है। 
हड़पसर स्थित अमरसृष्टि गृहरचना सोसाइटी में 40 किलोवाट सौर पैनल तीस लाख रुपयों की लागत से जो लगाया गया था, उसका उद्घाटन विपक्ष के नेता अजीत पवार के शुभ हाथों किया गया था, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र राज्य के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश आण्णा घुले, हड़पसर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के विधायक चेतन तुपे पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे शहर के अध्यक्ष प्रशांत जगताप, पूर्व उपमहापौर निलेश मगर, पूर्व नगरसेवक योगेश ससाणे, राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस पार्टी प्रदेश के महासचिव अजीत घुले, अमर सृष्टि सोसाइटी के चेयरमैन स्वप्निल धर्मे, सोसाइटी के संचालक महेंद्र टिलेकर, पंढरी पवार, प्रताप पवार, एम.टी. मानुअल, शिरीष तुपे, अनिल दगडे, संदीप जाधव, टी.के. गायकवाड, केशव शिंदे, कलावती वामाने व अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर सौर ऊर्जा पैनल लगानेवाले डेक्कनराईज सोलर के प्रमुख मनोज पाटिल व स्मिता पाटिल का अजीत पवार के शुभहाथों विशेष सम्मान किया गया। 
प्रास्ताविक करते हुए स्वप्निल धर्मे ने कहा कि सोसाइटी के अंतर्गत रास्ते पर की लाइट, पंप, स्वीमिंग पूल की मोटर आदि जगहों पर लाइट का बड़ी मात्रा में उपायोग हो रहा था। हर महीने एक लाख बीस हजार रुपये लाइट बिल आ रहा था। इस पर रोक लगाई जाए और पर्यावरण सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सोसाइटी के सदस्यों ने 40 किलोवाट क्षमता का सोलर पॉवर जनरेशन प्लांट निर्माण करने का निर्णय लिया, जिसके कारण हर माह एक लाख बीस हजार रुपयों की बिजली की निर्मिती होकर लाइट बिल शून्य होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 22 लाख रुपये खर्च आया है। यह खर्चा केवल दो साल के लाइट बिल के बराबर है। किसी भी सरकारी छूट के बिना यह प्रोजेक्ट सोसाइटी ने साकार किया है। इस प्रोजेक्ट का आयुर्मान 25 साल है, आगामी 23 साल तक कम से कम 15 लाख रुपयों की सालाना बचत इस वजह से होगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ