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जिला प्रशासन के उत्तम नियोजन के कारण जयस्तंभ अभिवादन समारोह शांति और उत्साहपूर्वक संपन्न

समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करने वाले अनुयायियों का धन्यवाद : जिलाधिकारी डॉ राजेश देशमुख
पुणे, जनवरी (जिमाका)
इस वर्ष पेरणे में जयस्तंभ अभिवादन समारोह में लाखों अनुयायियों ने भाग लिया। सामान्य से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के होने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा सुनियोजित योजना के कारण समारोह शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. राजेश देशमुख ने उत्सव में सहयोग करने वाले अनुयायियों, विभिन्न संस्थाओं व ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया है।
समारोह की तैयारी पिछले महीने से शुरू हो गई थी। कोरोना पाबंदियां हटने से इस वर्ष अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पालक मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल ने प्रशासन को उत्सव के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। तैयारियों को लेकर पुलिस आयुक्तालय व कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्तरों पर बैठकें की गईं। तैयारियों के दौरान विभिन्न संगठनों ने प्रशासन का भरपूर सहयोग किया।
समारोह के लिए 8,000 से अधिक पुलिस अधिकारी, 746 होमगार्ड और राज्य रिजर्व बल की 7 इकाइयों को तैनात किया गया था। इसमें पुणे शहर के साढ़े पांच हजार और पुणे ग्रामीण के 2 हजार 706 पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं।
पुणे ग्रामीण पुलिस बल के पास पुलिस की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 185 सीसीटीवी और 350 वॉकी-टॉकी, 6 वीडियो कैमरे हैं। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान कहीं-कहीं पुलिस भी समर्थकों का सहयोग करती नजर आई।
पुणे पुलिस आयुक्तालय द्वारा 100 सीसीटीवी, 10 ड्रोन कैमरे, 100 बाइक सवार, 10 आतंकवाद विरोधी दस्ते नियुक्त किए गए थे। लगातार 30 घंटे तक सुरक्षा तैनात की गई थी।
लोक निर्माण विभाग ने जयस्तंभ की साज-सज्जा, क्षेत्र की योजना अच्छे से की है। उन्होंने क्षेत्र में सड़क मरम्मत और भूमि समतलीकरण जैसे कार्यों को बहुत ही कम समय में पूरा किया। चार स्थानों पर हाईमास्ट, पीए सिस्टम, 27 स्थानों पर स्वतंत्र जनरेटर, पूर्वी मंडल द्वारा लगभग 2 लाख वर्ग मीटर के 8 पार्किंग स्थल बनाए गए थे। विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी सृजित की गईं। दक्षिण मंडल द्वारा 60 एकड़ क्षेत्र में 14 पार्किंग स्थलों का निर्माण किया गया था।
नियोजन में जिला परिषद की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। पिछले साल से अधिक सफाई इस बार विशेषता रही। समारोह के बाद भी रात भर पूरे इलाके की सफाई की गई। 80 बैलगाड़ियों के माध्यम से 3 टन गीला और 8 टन सूखा कचरा एकत्र किया गया। 175 जगहों पर अस्थाई डस्टबीन बनाए गए हैं। उसके लिए 225 सफाई कर्मचारी 24 घंटे प्रयास कर रहे थे।
विशेष रूप से जयस्तंभ और पार्किंग क्षेत्र में 1,500 शौचालयों को लगातार साफ रखने का काम चुनौतीपूर्ण था और सफाई कर्मचारियों ने इसे बखूबी निभाया। कीचड़ को हटाने के लिए 5 जेटिंग मशीनों और 15 सक्शन मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया। नागरिकों को शौचालय की स्थिति जानने के लिए आसमान में गुब्बारे छोड़े गए। हाथ धोने के लिए 15 हैंड वॉश स्टेशन बनाए गए थे।
पिलर एरिया और एयरपोर्ट पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए गए थे। तीन स्थानों पर माताओं के लिए बनाए गए हिरकणी कक्ष से 168 महिलाएं लाभान्वित हुईं। कमरे में माताओं और बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। कमरे के लिए 31 महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था।
बीएसएनएल ने मीडिया रूम और पुलिस कंट्रोल रूम के लिए इंटरनेट की व्यवस्था की। इस वर्ष कॉल ड्रॉप की कोई शिकायत नहीं आई क्योंकि सभी मोबाइल कंपनियों ने प्रशासन के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। समारोह का सीधा प्रसारण सह्याद्री चैनल के माध्यम से सुबह 6 बजे से 12 बजे तक किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से समारोह का सीधा प्रसारण होने के कारण जो लोग यहां नहीं आ सके वे घर से समारोह को देख सकते थे।
बार्टी और सामाजिक न्याय विभाग ने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय ने समारोह की उचित योजना बनाना संभव बना दिया। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं का भी सहयोग मिला। निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महावितरण ने एक विशेष टीम नियुक्त की थी।
पीएमपीएल ने 31 जनवरी को तोरणा पार्किंग (शिकरापुर से कोरेगांव) से 35 बसें और इनामदार अस्पताल की पार्किंग से वढु के लिए 5 मिडी बसें मुहैया कराईं। लोणीकंद कुश्ती मैदान से पेरणे टोल रोड तक 40 बसें उपलब्ध कराई गईं। एक जनवरी को तोरणा पार्किंग से कोरेगांव के लिए 115 और इनामदार अस्पताल की पार्किंग से 25 बसें रात 11 बजे तक उपलब्ध कराई गईं। दोपहर बाद भीड़ बढ़ने पर कलेक्टर के आदेशानुसार 22 अतिरिक्त बसें उपलब्ध करायी गयी।
लोणीकंद से पेरणे टोल नाका रूट पर विभिन्न स्टैंडों से 140 बसें चलाई गईं। पुणे से लोणीकंद के लिए करीब 90 बसें पुणे स्टेशन, मनपा भवन, पिंपरी, अपर इंदिरानगर आदि से उपलब्ध कराई गईं। पीएमपीएमएल में लगभग 850 चालक, वाहक और पर्यवेक्षी कर्मचारी और 25 डिपो प्रबंधक, इंजीनियरिंग अधिकारी नियुक्त किए गए थे। बस के करीब 10 हजार ट्रिप से 5 लाख फॉलोअर्स को फायदा हुआ।
पार्किंग स्थल पर योजना भी अच्छी थी। यातायात के लिए कोई समस्या नहीं थी क्योंकि सभी वाहन व्यवस्थित तरीके से चल रहे थे। यातायात विभाग ने इस रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट कर समुचित प्लानिंग भी की।
आए श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ उठाया। 48 एंबुलेंस, 7 कार्डियक एंबुलेंस, 10 पैरामेडिक्स और 21 स्क्वाड ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य देखभाल प्रदान की। लगभग 27 हजार आउट पेशेंट, 2300 की स्क्रीनिंग, 41 रेफर (सभी स्थिर स्थिति में) मरीजों की जांच की गई और आवश्यकतानुसार इलाज किया गया।
इस वर्ष पीने के पानी की भी अच्छी व्यवस्था की गई थी। जिला परिषद ने 150 टैंकरों की व्यवस्था की थी। उसमें से करीब 60 से 70 फीसदी पानी इस्तेमाल हो जाता है। पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
कलेक्टर ने कहा है कि समारोह सफल रहा क्योंकि प्रशासन की विभिन्न व्यवस्थाओं, विभिन्न संगठनों और अनुयायियों ने संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया और सामूहिक भावना का अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी का धन्यवाद करते हुए यह भी भावना व्यक्त की कि यह आयोजन समन्वय और आपसी सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बनेगा।
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संस्थाओं ने अनुयाइयों के लिए अनायास ही भोजन, पेयजल, नाश्ता, चाय आदि की व्यवस्था की थी। स्थानीय नागरिकों ने अपने आतिथ्य के साथ अनुयायियों का स्वागत किया। एस्कॉन जैसी संस्था ने पुलिसकर्मियों के लिए खाने का इंतजाम किया। जिलाधिकारी ने इन सभी का विशेष आभार व्यक्त किया है।

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