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अपव्ययी चीजों से छात्र स्वराज संतोष होडे ने बनाया पानी देनेवाला जलपहिया

हड़पसर, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
शहर के बच्चों को जलपहिया की संकल्पना समझ में आए इसलिए अपव्ययी चीजों का उपयोग करते हुए साने गुरुजी प्राथमिक विद्या मंदिर के कक्षा चौथी के छात्र स्वराज संतोष होडे ने पानी देनेवाला जलपहिया का निर्माण किया है। 
कक्षा चौथी के पर्यावरण अध्ययन भाग-01 में क्या हम अपने पर्यावरण को खतरे में डाल रहे हैं? इस पाठ के अंतर्गत कृषि को जल उपलब्ध कराने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली विभिन्न विधियों की जानकारी दी जाती है। कोकण में नारियल, पोपली, आम की वाडी हैं, इन वाड़ियों में पानी पहुंचाने के लिए मुख्य रूप से जलपहिया का उपयोग किया जाता है। हालांकि शहरी बच्चों को इसकी जानकारी नहीं है। जलपहिया की अवधारणा को समझने के लिए साने गुरुजी प्राथमिक विद्यामंदिर स्कूल के बच्चों को अपव्ययी चीजों से जलपहिया बनाने का प्रोजेक्ट दिया गया था। स्वराज संतोष होडे ने अपने माता-पिता की मदद से इस जलपहिया को बनवाया था। स्वराज को क्लास टीचर राजश्री येवलेकर और प्रिंसिपल सुरेश गुजर ने भी इस परियोजना को बनाने के लिए बहुमूल्य मार्गदर्शन किया था।
पानी समय की जरूरत है, भविष्य के लिए पानी का उचित उपयोग, बच्चों को कम उम्र में ही जल प्रतिधारण, भंडारण और निपटान की अवधारणाओं को समझना चाहिए। यही मुख्य उद्देश्य होना चाहिए, यह बताते हुए अभिभावक विद्या होडे ने आगे  कहा कि मेरे बेटे स्वराज द्वारा साने गुरुजी प्राथमिक विद्यामंदिर में एक स्कूल परियोजना के लिए अपव्ययी चीजों से जलपहिया बनाया। जलपहिया यानी क्या है इसका परिचय देकर ग्रामीण क्षेत्रों में उसका कितना बहुमूल्य उपयोग होता है इसका परिचय भी अच्छी तरह से दिया है।

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