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महिलाओं को 1 रुपये में मिलेंगे सैनिटरी पैड; जन औषधि सुगम एप से मिलेगी दवाओं की जानकारी

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना (
PMBJP) प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र सभी के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और भारत सरकार के औषधि, रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा निर्देशित जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए देश भर में खोले गए हैं। 
अब तक देश भर में 9177 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं, जो देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 743 जिलों में कार्यरत हैं। इस वर्ष दिसंबर 2023 तक इन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। जनऔषधि जेनेरिक दवाओं की कीमतें खुले बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की कीमत से 50 से 90 प्रतिशत कम हैं, इसलिए प्रतिदिन दवा लेने वाले लोगों के लिए यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से 1100 करोड़ रुपये की बिक्री से करीब 6600 करोड़ रुपये की बचत हुई है। आम आदमी के लिए पिछले आठ वर्षों में, जन औषधि केंद्रों की संख्या लगभग 100 गुना बढ़ी है और जन औषधि दवाओं की बिक्री भी 100 गुना बढ़ी है और लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। (इस हिसाब से अनुमान है कि पिछले 8 साल में करीब 20 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है।)
भारत सरकार ने महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जन-औषधि सुविधा सेनेटरी पैड को सभी जन-औषधि केंद्रों में मामूली कीमत पर उपलब्ध कराया है। जन औषधि केंद्रों पर सेनेटरी पैड 1/- रुपये प्रति पैड की दर से उपलब्ध है। जन औषधि केंद्र के चालकों को 5.00 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। महिला उद्यमियों, विकलांग व्यक्तियों, सेवानिवृत्त सैनिकों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के साथ-साथ उत्तर पूर्वी राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों के आवेदकों को 2.00 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
जन औषधि सुगम नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन अब Google Play Store और Apple Store पर उपलब्ध है। इसके अलावा, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आप अब कभी भी, कहीं भी आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। औषधि की कीमत, उपलब्धता और अपने नजदीक के जनऔषधि केंद्र की जानकारी आदि के बारे में एप द्वारा जानकारी मिलेगी।
यह जानकारी मंडल संपर्क अधिकारी (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) अर्चना शंभरकर द्वारा दी गई है।

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