प्रत्येक जिले में अल्पसंख्यक संनियंत्रण समिति का गठन किया जाए
ईसाइयों की आवाज अधिवेशन में उठाएंगे : नाना पटोले
ईसाई भाइयों को प्रार्थना के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है यह सरकार की विफलता है। हम इसके खिलाफ अधिवेशन में आवाज उठाएंगे। कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों की समानता में विश्वास रखती है। यह विचार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने व्यक्त किए।
सच्चा हिंदू धर्म दूसरे धर्मों को तकलीफ देना नहीं सिखाता है : भास्करराव जाधव
सच्चा हिंदू धर्म दूसरे धर्मों को तकलीफ देना नहीं सिखाता है। हम सत्र में आपकी सभी मांगों का सरकार के पास जवाब मांगेंगे। हम अपने ईसाई भाइयों के साथ मजबूती से खड़े होंगे। यह विचार शिवसेना नेता भास्कर जाधव ने इस अवसर पर व्यक्त किए।
मुंबई, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
हमारे प्रगतिशील महाराष्ट्र में ईसाई समुदाय अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है, इसलिए ईसाई समुदाय बेहद परेशान है। अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ झूठे आरोपों में मामले दर्ज किए जा रहे हैं। देखने में आ रहा है कि हमारे फादर व पादरी को बदनाम करने की साजिश कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रची है और हमारी आस्था और विश्वास को अंधविश्वास और जादू-टोना का नाम दिया जा रहा है। कुछ हमारे प्रभु यीशु में विश्वास और बाइबिल के सिद्धांतों के आधार पर ईसाई धर्म के अभ्यास में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
जबकि प्रत्येक भारतीय नागरिक को राज्य के संविधान के अनुच्छेद 25 के अनुसार धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है, महाराष्ट्र में ईसाइयों को गलतफहमी के कारण बदनाम किया जा रहा है, इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। यह मांग सरकार से अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आशीष शिंदे ने की है।
आजाद मैदान में ईसाई पादरी के साथ अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ का ईसाई प्रार्थना अधिकार आंदोलन संपन्न हुआ, तब आशीष शिंदे उपस्थितों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ ने आजाद मैदान पर किए गए ईसाई प्रार्थना अधिकार आंदोलन के लिए पूरे महाराष्ट्र से ईसाई धर्मगुरु और समुदाय विरोध कर रहे हैं, यह सुनकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और शिवसेना नेता भास्कर जाधव विरोध स्थल पर आए और ईसाई समुदाय की समस्याओं के बारे में जाना।
अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आशीष शिंदे के नेतृत्व में दिए गए निवेदन को सरकार की ओर से अब्दुल सत्तार ने स्वीकार किया। साथ ही प्रदेशाध्यक्ष आशीष शिंदे के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल के साथ संक्षिप्त चर्चा की और ईसाई समुदाय के खिलाफ अन्याय को दूर करने का वादा किया।
अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष आशीष शिंदे ने सरकार को दिए गए निवेदन में ईसाइयों की प्रमुख मांगें रखीं, जो इस प्रकार हैं- ईसाई चर्चों और प्रार्थना सभाओं को पुलिस सुरक्षा दिया जाना चाहिए। गलतफहमी के कारण ईसाई पादरी के खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। हमें प्रभु यीशु की प्रार्थना करने पर रोकनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ईसाई धर्म के रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं को समझने के लिए जिलास्तर पर माननीय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक ईसाई समिति नियुक्त की जानी चाहिए और पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बजाय इस समिति के पास शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। सच्चाई की जांच के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए। सभी ईसाई प्रार्थना स्थलों को एक नियम के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। प्रार्थना में बाधा डालनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ईसाई पादरी पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ईसाई पादरी किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराते। लोग अपनी मर्जी से चर्च आते हैं या घर पर प्रार्थना करने के लिए बुलाते हैं। किसी भी भगवान की प्रार्थना और उपासना करना अपराध नहीं हो सकता, इसलिए महाराष्ट्र में किसी भी सेवक पर प्रार्थना करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबिल को जलाना और प्रार्थना स्थलों को तोड़नेवालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और सरकार ने उनके खिलाफ अपराध दर्ज करना चाहिए। अधिवेशन में ईसाई समुदाय के खिलाफ झूठे आरोप पर चर्चा की जाए और सभी जिलों में पुलिस अधीक्षक को ईसाई समुदाय की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए जाएं। सरकार को उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो ईसाई पादरी के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाते हैं। आदिवासी क्षेत्रों में ईसाई प्रार्थना के लिए जाने पर लोगों को तकलीफ देनेवालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रत्येक जिले में अल्पसंख्यक संनियंत्रण समिति का गठन किया जाए और महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग का गठन करके ईसाई समाज के खिलाफ अन्याय को दूर किया जाना चाहिए।
ईसाई प्रार्थना अधिकार आंदोलन सफल बनाने के लिए अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के राज एडके, अमोल शिंदे, राज लोंढे, रेव्ह. मोजेस उरणकर, राजश्री भालेराव, डॉ. वंदना बेंजामिन, शिला रंगारी, आनंद म्हालूंगेकर, विल्यम चंदनशीव, उल्हास भोसले, राजेश थोरात, आँगस्टिन गायकवाड, विवेक निर्मल, रितेश गोर्डे, नितिन गोर्डे, रेव्ह. सुनील मंतोडे, एडवोकेट डैनिएल ताकवले, बिशप सैम्युअल साखरपेकर व अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने अथक परिश्रम किया।

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