पुणे, अप्रैल (जिमाका)
कृषि व्यवसाय करने के दौरान प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना, वाहन दुर्घटना आदि में किसान या उसके परिवार की मृत्यु अथवा अपंगता की स्थिति में आर्थिक लाभ प्रदान करने हेतु ‘गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना’ को लागू करने की स्वीकृति दे दी गई है। पूर्व में लागू की जा रही गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना में किसानों के हित में यह क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है क्योंकि बीमा कंपनियां किसानों के बीमा दावों को समय पर स्वीकृत नहीं कर रही हैं, अनावश्यक त्रुटि कर रही हैं और बीमा प्रकरणों को खारिज कर रही हैं।
किसी गृहस्थ के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से परिवार की आय के साधन कट जाते हैं और विकट स्थिति निर्मित हो जाती है। ‘गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना’ ऐसे दुर्घटनाग्रस्त किसानों या उनके परिवारों को संकट से उबारने में मदद कर उन्हें मानसिक शक्ति प्रदान करने वाली योजना के रूप में जानी जाने वाली है।
योजना के तहत अनुदान के लिए पात्र मदें
राज्य के सभी पंजीकृत खाताधारक किसान व पंजीकृत खातेदार के रूप में पंजीकृत नहीं एक सदस्य (माता-पिता, किसान की पत्नी/पति, लड़का व अविवाहित लड़की इनमें से कोई एक व्यक्ति) 10 से 75 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2 सदस्यों का समावेश किया गया है।
सड़क या रेल दुर्घटना, डूबने से मौत, कीटनाशकों को संभालने के दौरान जहर या अन्य कारण, बिजली के झटके से दुर्घटना, बिजली गिरने से मौत, हत्या, ऊंचाई से दुर्घटना, सांप का काटना, बिच्छू का काटना, नक्सली द्वारा हत्या, जानवरों द्वारा हमला या काटने से जख्मी अथवा मृत्यु, बच्चे के जन्म मृत्यु, दंगे, कई अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं।
प्राकृतिक मृत्यु, बीमा अवधि से पहले विकलांगता, आत्महत्या का प्रयास, आत्महत्या या जानबूझ कर खुद को चोट पहुँचाना, अपराध करने के इरादे से कानून के उल्लंघन में दुर्घटना, दवाओं के प्रभाव में दुर्घटना, भ्रम, आंतरिक रक्तस्राव, मोटर रेसिंग दुर्घटना, युद्ध, सैन्य रोजगार, निकट हत्याकांड द्वारा लाभार्थी योजना के तहत अपात्र होंगे।
यह योजना पूरे दिन के लिए यानी योजना की निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक दिन के 24 घंटे के लिए लागू है। तथापि, दुर्घटना पीड़ितों के लिए सरकार के अन्य विभागों द्वारा संचालित योजना का लाभ लेने वाला किसान या उसके परिवार का कोई सदस्य या वारिस जो इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र है, इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए अपात्र होगा।
योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला सानुग्रह अनुदान
दुर्घटना में मृत्यु, दुर्घटना के कारण दो आंख या दो हाथ या दो पैर की हानि, दुर्घटना के कारण एक आंख और एक हाथ या एक पैर की हानि होने पर 2 लाख रुपये और एक आंख या एक हाथ या पैर के नुकसान की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
आवश्यक दस्तावेज
निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, सातबारा उतारा, मृत्यु प्रमाण पत्र, किसान के उत्तराधिकारी के रूप में तलाठी के गांव नमूना क 6 के अनुसार विरासत रिकॉर्ड, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र या किसान की आयु के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र या कोई अन्य दस्तावेज अंतिम बीमा प्रस्ताव के साथ पहचान या उम्र, प्रथम सूचना रिपोर्ट, स्थान पंचनामा, पुलिस पाटिल की सूचना रिपोर्ट के साथ-साथ दुर्घटना की प्रकृति को साबित करना होगा। संबंधित दुर्घटना पीड़ितों के किसानों/वारिसों को दुर्घटना का मामला होने के तीस दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक पूरा प्रस्ताव तालुका कृषि अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। प्रस्ताव के लिए कृषि विभाग के संबंधित गांव के कृषि सहायक, पर्यवेक्षक आदि क्षेत्रीय अधिकारी, कर्मचारी मार्गदर्शन करेंगे।
प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित
प्राप्त प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेने के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में तालुका स्तरीय समिति, कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलास्तरीय जिला अपील समिति एवं अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव (कृषि) की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है। गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा अनुदान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयुक्त (कृषि) को पर्यवेक्षक एवं नियंत्रण अधिकारी घोषित किया गया है।
कृषि व्यवसाय करने के दौरान प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना, वाहन दुर्घटना आदि में किसान या उसके परिवार की मृत्यु अथवा अपंगता की स्थिति में आर्थिक लाभ प्रदान करने हेतु ‘गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना’ को लागू करने की स्वीकृति दे दी गई है। पूर्व में लागू की जा रही गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना में किसानों के हित में यह क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है क्योंकि बीमा कंपनियां किसानों के बीमा दावों को समय पर स्वीकृत नहीं कर रही हैं, अनावश्यक त्रुटि कर रही हैं और बीमा प्रकरणों को खारिज कर रही हैं।
किसी गृहस्थ के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से परिवार की आय के साधन कट जाते हैं और विकट स्थिति निर्मित हो जाती है। ‘गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना’ ऐसे दुर्घटनाग्रस्त किसानों या उनके परिवारों को संकट से उबारने में मदद कर उन्हें मानसिक शक्ति प्रदान करने वाली योजना के रूप में जानी जाने वाली है।
योजना के तहत अनुदान के लिए पात्र मदें
राज्य के सभी पंजीकृत खाताधारक किसान व पंजीकृत खातेदार के रूप में पंजीकृत नहीं एक सदस्य (माता-पिता, किसान की पत्नी/पति, लड़का व अविवाहित लड़की इनमें से कोई एक व्यक्ति) 10 से 75 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2 सदस्यों का समावेश किया गया है।
सड़क या रेल दुर्घटना, डूबने से मौत, कीटनाशकों को संभालने के दौरान जहर या अन्य कारण, बिजली के झटके से दुर्घटना, बिजली गिरने से मौत, हत्या, ऊंचाई से दुर्घटना, सांप का काटना, बिच्छू का काटना, नक्सली द्वारा हत्या, जानवरों द्वारा हमला या काटने से जख्मी अथवा मृत्यु, बच्चे के जन्म मृत्यु, दंगे, कई अन्य दुर्घटनाएं शामिल हैं।
प्राकृतिक मृत्यु, बीमा अवधि से पहले विकलांगता, आत्महत्या का प्रयास, आत्महत्या या जानबूझ कर खुद को चोट पहुँचाना, अपराध करने के इरादे से कानून के उल्लंघन में दुर्घटना, दवाओं के प्रभाव में दुर्घटना, भ्रम, आंतरिक रक्तस्राव, मोटर रेसिंग दुर्घटना, युद्ध, सैन्य रोजगार, निकट हत्याकांड द्वारा लाभार्थी योजना के तहत अपात्र होंगे।
यह योजना पूरे दिन के लिए यानी योजना की निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक दिन के 24 घंटे के लिए लागू है। तथापि, दुर्घटना पीड़ितों के लिए सरकार के अन्य विभागों द्वारा संचालित योजना का लाभ लेने वाला किसान या उसके परिवार का कोई सदस्य या वारिस जो इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र है, इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए अपात्र होगा।
योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला सानुग्रह अनुदान
दुर्घटना में मृत्यु, दुर्घटना के कारण दो आंख या दो हाथ या दो पैर की हानि, दुर्घटना के कारण एक आंख और एक हाथ या एक पैर की हानि होने पर 2 लाख रुपये और एक आंख या एक हाथ या पैर के नुकसान की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
आवश्यक दस्तावेज
निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र, सातबारा उतारा, मृत्यु प्रमाण पत्र, किसान के उत्तराधिकारी के रूप में तलाठी के गांव नमूना क 6 के अनुसार विरासत रिकॉर्ड, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र या किसान की आयु के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र या कोई अन्य दस्तावेज अंतिम बीमा प्रस्ताव के साथ पहचान या उम्र, प्रथम सूचना रिपोर्ट, स्थान पंचनामा, पुलिस पाटिल की सूचना रिपोर्ट के साथ-साथ दुर्घटना की प्रकृति को साबित करना होगा। संबंधित दुर्घटना पीड़ितों के किसानों/वारिसों को दुर्घटना का मामला होने के तीस दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक पूरा प्रस्ताव तालुका कृषि अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। प्रस्ताव के लिए कृषि विभाग के संबंधित गांव के कृषि सहायक, पर्यवेक्षक आदि क्षेत्रीय अधिकारी, कर्मचारी मार्गदर्शन करेंगे।
प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित
प्राप्त प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेने के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में तालुका स्तरीय समिति, कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलास्तरीय जिला अपील समिति एवं अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव (कृषि) की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है। गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा अनुदान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयुक्त (कृषि) को पर्यवेक्षक एवं नियंत्रण अधिकारी घोषित किया गया है।

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