गृह मंत्रालय ने व्यापक आदर्श कारागार अधिनियम, 2023 को अंतिम रूप दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार ने औपनिवेशिक युग के पुराने जेल अधिनियम की समीक्षा और संशोधन करने का निर्णय लिया था। राज्य इसे एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में अपना सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने कारागार अधिनियम, 1894 में संशोधन का कार्य पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो को सौंपा था। ब्यूरो ने राज्य कारागार अधिकारियों, विशेषज्ञों और अन्य लोगों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद एक मसौदा तैयार किया है। इसे मौजूदा कारागार अधिनियम में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नए मॉडल कारागार अधिनियम में सुरक्षा मूल्यांकन और कैदियों को अलग रखने के प्रावधान शामिल हैं। शिकायत निवारण, जेल विकास बोर्ड, कैदियों के प्रति व्यवहार में बदलाव, महिला कैदियों के लिए अलग आवास और किन्नर कैदियों के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जेल प्रशासन में पारदर्शिता लाने की दृष्टि से जेल प्रशासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग का भी प्रावधान है। नया अधिनियम कैदियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास और समाज में उन्हें उत्तरदायी बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
गृह मंत्रालय ने कारागार अधिनियम, 1894 में संशोधन का कार्य पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो को सौंपा था। ब्यूरो ने राज्य कारागार अधिकारियों, विशेषज्ञों और अन्य लोगों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद एक मसौदा तैयार किया है। इसे मौजूदा कारागार अधिनियम में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नए मॉडल कारागार अधिनियम में सुरक्षा मूल्यांकन और कैदियों को अलग रखने के प्रावधान शामिल हैं। शिकायत निवारण, जेल विकास बोर्ड, कैदियों के प्रति व्यवहार में बदलाव, महिला कैदियों के लिए अलग आवास और किन्नर कैदियों के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जेल प्रशासन में पारदर्शिता लाने की दृष्टि से जेल प्रशासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग का भी प्रावधान है। नया अधिनियम कैदियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास और समाज में उन्हें उत्तरदायी बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

0 टिप्पणियाँ