पुणे, जून (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
दिनांक 01.06.2023 को कार्यालय, सीई (एमईएस) मुख्यालय दक्षिण कमान में मेजर जनरल हरपाल सिंह, सीई, मुख्यालय दक्षिण कमान, पुणे तथा डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसी, र.ले.प्र.नि.(द.क.) पुणे के बीच एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ई-एफडीआर, जीईएम पोर्टल, एमईएस में आईएफए सिस्टम इत्यादि पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई तथा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्री संजय सिंह, आईडीएसई, निदेशक, संयुक्त डी. जी. (संविदा), मुख्यालय दक्षिण कमान, पुणे तथा श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से., रक्षा लेखा वरिष्ठ सहायक नियंत्रक, र.ले.प्र.नि. (द.क.) पुणे भी उपस्थित थे।
मेजर जनरल हरपाल सिंह, सीई, मुख्यालय, दक्षिण कमान ने भुगतान में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा तथा तत्परता बढ़ाने तथा इससे संबंधित शिकायतों को दूर करने के साथ साथ सरकारी निर्णयानुसार भंडार सेवाओं हेतु जीईएम वसूली के लिए ई-एफडीआर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को कार्यान्वयित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने वानवडी रक्षा लेखा विभाग परिसर, जिसमें 600 क्वार्टर हैं और जहाँ चोरी होती रहती हैं, के टूटी सीमा दीवार को पुनः निर्मित करने का भी आश्वासन दिया है ताकि निवासीगण सुरक्षित रह सकें तथा परिसर में शांत एवं अनुकूल वातावरण बना रहे।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
दिनांक 01.06.2023 को कार्यालय, सीई (एमईएस) मुख्यालय दक्षिण कमान में मेजर जनरल हरपाल सिंह, सीई, मुख्यालय दक्षिण कमान, पुणे तथा डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से., एनडीसी, र.ले.प्र.नि.(द.क.) पुणे के बीच एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें ई-एफडीआर, जीईएम पोर्टल, एमईएस में आईएफए सिस्टम इत्यादि पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई तथा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में श्री संजय सिंह, आईडीएसई, निदेशक, संयुक्त डी. जी. (संविदा), मुख्यालय दक्षिण कमान, पुणे तथा श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से., रक्षा लेखा वरिष्ठ सहायक नियंत्रक, र.ले.प्र.नि. (द.क.) पुणे भी उपस्थित थे।
मेजर जनरल हरपाल सिंह, सीई, मुख्यालय, दक्षिण कमान ने भुगतान में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा तथा तत्परता बढ़ाने तथा इससे संबंधित शिकायतों को दूर करने के साथ साथ सरकारी निर्णयानुसार भंडार सेवाओं हेतु जीईएम वसूली के लिए ई-एफडीआर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को कार्यान्वयित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने वानवडी रक्षा लेखा विभाग परिसर, जिसमें 600 क्वार्टर हैं और जहाँ चोरी होती रहती हैं, के टूटी सीमा दीवार को पुनः निर्मित करने का भी आश्वासन दिया है ताकि निवासीगण सुरक्षित रह सकें तथा परिसर में शांत एवं अनुकूल वातावरण बना रहे।
यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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