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वाहनचालकों का संतप्त सवाल : क्या हड्डियाँ चूर-चूर होने के बाद बनेगा पालकी मार्ग?

हड़पसर, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
पालकी महामार्ग (हड़पसर-सासवड) के निर्माण कार्य को वाहनचालकों की हड्डियाँ चूर-चूर होने के बाद मुहूर्त मिलेगा? यह संतप्त सवाल वाहनचालकों ने प्रशासन से किया है। दरम्यान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से इस रास्ते के बारे में बार-बार शिकायत की? लेकिन अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। यह बात स्थानीय नागरिकों ने बताई है। 
हड़पसर-सासवड मार्ग का संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी मार्ग का नामकरण किये हुए कई वर्ष बीत गए। इस वर्ष भी वैष्णवों के मेले में पालकी गड्ढे से होकर गुजरी। पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्री भी इसी गड्ढों वाले पालकी मार्ग से गुजरे थे फिर भी पालखी मार्ग की किस्मत क्यों नहीं चमकती? यह बात प्रशासन को मंतरवाडी चौक के श्रीनाथ रिक्शा स्टैंड के दादा वाडगे, विकी कडे, बंटी चौहान, रामेश्वर नालकोलम, नाना गवंडी, पप्पू महापुरे व किशोर विठुगोणे ने    पूछी है। 
मंतरवाडी चौक में पीएमपीएमएल व एसटी का बसस्टॉप है, वाहनों का भारी आवागमन है, सोलापुर से मुंबई और मुंबई से सोलापुर जानेवाले भारी वाहन इस चौराहे पर आते हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह का अधिग्रहण कर लिया गया है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण लंबित है। ट्रैफिक पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से अक्सर गड्ढों को भरने का काम करती रहती है। पालकी मार्गक्रमण से पहले रास्ता करके लिया, उस समय सार्वजनिक निर्माण विभाग ने डामरीकरण के लिए सड़क खोद दी थी, लेकिन सही ढंग से डामरीकरण नहीं होने के कारण पहली ही बारिश में डामर बह गई। पालखी मार्ग के दोनों किनारे घिसे हुए हैं, फ्लाईओवर पर सड़क संकरी होने के कारण वाहन चालकों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। 
आखिर कब हमें इन सारी समस्याओं से राहत मिलेगी? पालकी महामार्ग पर कब हमें अच्छी सड़क, ट्रैफिक जाम से छुटकारा और आरामदायी सफर करने मिलेगा? यह सवाल सभी के मन गूंज रहा है।

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