मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए महाराष्ट्र अनुसंधान, उन्नति और प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) की स्थापना की गई है। संस्था के माध्यम से इन घटकों की उन्नति हेतु शैक्षिक योजना, स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण और नौकरी इच्छुक युवाओं के लिए यूपीएससी और एमपीएससी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संस्था को इस साल 150 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने दी है।
अमृत संस्था की बाधाओं एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्रि अतिथिगृह में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस बोल रहे थे।
अमृत संस्था के प्रभावी संचालन हेतु प्रबंध निदेशक एवं अन्य पदों का सृजन किया गया है। प्रबंध निदेशक के पद के अलावा शेष जनशक्ति की भर्ती बाहरी प्रणाली से की जानी चाहिए। संस्था के माध्यम से खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए उद्योग, व्यवसाय, नौकरियाँ, उच्च शिक्षा, विदेश में उच्च शिक्षा, व्यक्तित्व विकास सहित समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जाएं। इसमें महाराष्ट्र राज्य सेवा आयोग, केंद्रीय लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा के लिए चयनित उम्मीदवारों को विद्यावेतन, कौशल विकास के माध्यम से रोजगार प्रदान करना, आर्थिक विकास हेतु स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं के अनुरूप ढालकर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
अमृत संस्था के प्रबंध निदेशक विजय जोशी ने प्रस्तुति के माध्यम से संस्था की भावी योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव अंशू सिन्हा, उपमुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी, अमृत संस्था के प्रबंध निदेशक विजय जोशी, नियोजन विभाग के उप सचिव प्रसाद महाजन, श्रम विभाग के उप सचिव दीपक पोकले, श्रम विभाग के श्रीराम गवई, उदय लोकपाली उपस्थित थे।
खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए महाराष्ट्र अनुसंधान, उन्नति और प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) की स्थापना की गई है। संस्था के माध्यम से इन घटकों की उन्नति हेतु शैक्षिक योजना, स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण और नौकरी इच्छुक युवाओं के लिए यूपीएससी और एमपीएससी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संस्था को इस साल 150 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने दी है।
अमृत संस्था की बाधाओं एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्रि अतिथिगृह में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस बोल रहे थे।
अमृत संस्था के प्रभावी संचालन हेतु प्रबंध निदेशक एवं अन्य पदों का सृजन किया गया है। प्रबंध निदेशक के पद के अलावा शेष जनशक्ति की भर्ती बाहरी प्रणाली से की जानी चाहिए। संस्था के माध्यम से खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए उद्योग, व्यवसाय, नौकरियाँ, उच्च शिक्षा, विदेश में उच्च शिक्षा, व्यक्तित्व विकास सहित समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जाएं। इसमें महाराष्ट्र राज्य सेवा आयोग, केंद्रीय लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा के लिए चयनित उम्मीदवारों को विद्यावेतन, कौशल विकास के माध्यम से रोजगार प्रदान करना, आर्थिक विकास हेतु स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं के अनुरूप ढालकर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
अमृत संस्था के प्रबंध निदेशक विजय जोशी ने प्रस्तुति के माध्यम से संस्था की भावी योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव अंशू सिन्हा, उपमुख्यमंत्री के सचिव श्रीकर परदेशी, अमृत संस्था के प्रबंध निदेशक विजय जोशी, नियोजन विभाग के उप सचिव प्रसाद महाजन, श्रम विभाग के उप सचिव दीपक पोकले, श्रम विभाग के श्रीराम गवई, उदय लोकपाली उपस्थित थे।

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