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प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा), दक्षिण कमान, पुणे कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया 77वां स्वतन्त्रता दिवस

पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
15 अगस्त 2023 को भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के मुख्य राष्ट्रीय महापर्व 77वें स्वतन्त्रता दिवसके पावन अवसर पर प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा), दक्षिण कमान, पुणे कार्यालय द्वारा एक विशेष समारोह का आयोजन सुचारू रूप से किया गया।
मुख्य अतिथि आदरणीय डॉ. राजीव चव्हाण, भारलेसे, एनडीसी, प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा), दक्षिण कमान, पुणे, विशेष अतिथि डॉ. प्रज्ञा चव्हाण, एमबीबीएस, एमडी, (प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आयुध निर्माणी अस्पताल), श्री आनंद अगरवाल, भारलेसे, वरिष्ठ निदेशक, एनएडीएफ़एम, पुणे और श्री एम.एस सर्वानन, भारलेसे, एकीकृत वित्तीय सलाहकार आईएफ़ए (द.क.), पुणे ने विशेष रूप से इसमें उपस्थित रहकर समारोह की शोभा, महिमा और गरिमा बढ़ाई। 
उक्त कार्यक्रम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के जाबांज वीर सपूतों, महान सेनानियों और आज़ादी के मतवालों को पूर्ण रूप से समर्पित था जिन्होंने अपने शौर्य, बहदुरी एवं वीरता से भारत देश की आज़ादी की लड़ाई में अद्वितीय योगदान देते हुए अपना सर्वोच्च तन, मन, धन का बलिदान दिया। उन सभी महापुरुषों को इस राष्ट्रीय पर्व पर सभी ने विनम्र अभिवादन एवं श्रद्धासुमन अर्पित किया।
‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का बस यही अंतिम निशान होगा!’

इस भव्य पवित्र कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे डॉ. राजीव चव्हाण, प्रधान नियंत्रक महोदय एवं श्री एम.एस सर्वानन, आईएफ़ए महोदय द्वारा वानवड़ी स्थित डीएडी आवासीय परिसर जहां 600 से भी ज़्यादा मकान हैं उसके विंग ए और विंग बी में ध्वजारोहण कर श्री गणेश किया।
महोदय ने आवासीय परिसर के विंग ए और विंग बी में 01-01 पौधा बोया व 75-75 पौधे निवासियों को भेट किए। सभी गणमान्य अतिथियों ने वसुंधरा को वंदन किया एवं नमन किया और पर्यावरण को बचाने की और राष्ट्र की वनस्पति को बचाने की गुहार लगाई। ‘मेरी माटी मेरा देश’ के तहत जन भागीदारी बहुत ही प्रेरणादायी रही। उसके बाद सुबह 9.15 को उन्होंने चित्रगुप्त डीएडी आवासीय परिसर में जहां 50 टाइप 4 क्वार्टर हैं, में भी ध्वजारोहण कर पौधारोपण किया व 75 पौधे लगाने हेतु निवासियों को सौंपे। ‘मेरी माटी मेरा देश’ के तहत भव्य कार्यक्रम किया गया, जिसमें सभी लोगों ने सहकुटुंब बालगोपालों के साथ पर्यावरण को सुदृढ़ बनाने की प्रतिज्ञा ली। पर्यावरण के बचाव व संवर्धन में यह अपने आप में एक उल्लेखनीय सशक्त कदम हे, जिससे न केवल विभाग के कर्मियों, उनके परिवारजनों को बल्कि आने वाली अनेक पीढ़ियों को भी लाभ प्राप्त होगा। उक्त संदर्भ में सौरभ रे भा र सं से, निदेशक डीईओ पुणे, सीईओ खड़की पुणे, श्रीमती डी. आशा आई ऐफ ऐस  डी ऐफ ओ, पुणे, श्री स्वप्निल भारलेसे, समूह अधिकारी प्रशासन  इत्यादियों का अहम योगदान इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रहा, जिसके लिए रक्षा लेखा परिवार उनका सदैव कृतज्ञ और आभारी रहेगा। 
प्रातः 10 बजे मुख्य अतिथि महोदय एवं अति विशेष अतिथि डॉ. प्रज्ञा चव्हाण, एमबीबीएस, एमडी महोदया ने कार्यालय परिसर में आगमन किया एवं अमृत वाटिका में स्थापित परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, जानताराजा छत्रपति शिवाजी महाराज, क्रांतिसूर्य महात्मा फुले व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को क्रम-क्रम से माल्यार्पण कर इन वीर सपूतों के प्रति आदर व सम्मान प्रकट करते हुए उनके योगदान व निष्पक्ष बलिदान का स्मरण किया। समारोह के मुख्य अतिथि महोदय ने कार्यालय प्रांगण में देश की महानता, एकता, शान, मान व अद्वितीयता का प्रतीक तिरंगे ध्वज का आरोहण गर्व से किया। ध्वजारोहण समारोह के उपरांत उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक साथ राष्ट्रगान गाया। श्रीमती मधु गांधी, व.ले.अ. व श्रीमती सुहाना आरिफ़, स.ले.अ. द्वारा क्रमशः हिन्दी और अँग्रेजी में भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन एवं पठन बड़ी ही निपुणता और कौशलता से किया।
विशेष रूप से आमंत्रित श्री आनंद अगरवाल, भा.र.ले.से. वरिष्ठ निदेशक, राष्ट्रीय रक्षा वित्तीय प्रबंधन अकादमी, पुणे महोदय  ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं जो स्वतंत्र भारत में जन्मे और यहाँ पर अपने इच्छित स्वप्न को पूर्ण कर पाए, परंतु हमें यह स्वतंत्र भूमि भेंट स्वरूप देने वाले महान स्वतन्त्रता सेनानियों, अनेक वीर सिपाहियों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। उनके इस समर्पण को तभी सही अर्थों में श्रद्धांजलि व न्याय प्राप्त होगा जब हम देश व समाज के प्रति हमारा कर्तव्य सच्ची निष्ठा से करेंगे।
श्री एम.एस सर्वानन, भारलेसे, आईएफ़ए, दक्षिण कमान, पुणे महोदय ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का महत्व अधोरेखित करते हुए सभी को देश की उन्नति के प्रति सजग व निष्ठावान रहने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि आदरणीय प्रधान नियंत्रक महोदय ने अपने उद्बोधन में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। देश के वीर स्वतन्त्रता सेनानियों व जांबाज सिपाहियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनका निष्ठावान समर्पण, अदम्य साहस और संघर्ष ने उन्हें महान योद्धा बनाया, जिनका योगदान देश के इतिहास में अमर रहेगा और सदैव देश उनको याद करेगा। उन्होंने पंचप्रण शपथ के अंतर्गत भारत को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने, देश को गुलामी की मानसिकता के बंधन से मुक्त करने की याद दिलाई। उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों को नमन एवं विनम्र अभिवादन के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
देश की स्वतन्त्रता के अमृत महोत्सव का उल्लेख करते हुए उन्होंने आगे कहा कि यदि देश का हर एक नागरिक देश को सशक्त, सुदृढ़ एवं सक्षम बनाने में अपना पुरजोर योगदान दें तो वो दिन दूर नहीं जब हमारा देश विकासशील देश से विकसित देश बन जाएगा। महोदय ने ‘मेरी माटी मेरा देश’ में माटी अर्थात वसुंधरा या धरती को वंदन, नमन कर सभी से नम्र वाणी से दिल से आग्रह किया व देश की प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा व समृद्धि के लिए कटिबद्ध होने के लिए सभी को प्रोत्साहित कर जय हिन्द के नारे के साथ अपने अभिभाषण का समरोप उन्होंने किया।
देश में व्याप्त विविध वादों को विशेष तौर पर जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, आतंकवाद इन सबसे दूर रहने की उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि हमें हमारी धऱोहर को संभाल कर रखना चाहिए। हमारा देश Spiritual Capital है और हमेशा से अहिंसा, सत्य बोध का प्रणेता रहा है।
हमें आपस में प्यार मोहब्बत, अच्छा व्यवहार, अहिंसा, आदर एवं सत्कार सदैव शांति बनाई रखनी चाहिए। अनेकता में एकता के सिद्धांत को मुख्य रूप से अंगीकृत करना चाहिए, जिसके लिए हमारा राष्ट्र भारत जाना जाता है।
केंद्र सरकार की रोजगार योजना की तर्ज पर इस पावन अवसर पर माननीय प्रधान नियंत्रक महोदय के हाथों से 06 (छह) अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। विशेष उल्लेखनीय है कि 1999 से संगठन में 18 (अठारह) अनुकंपा आधारित व्यक्तियों को नियुक्ति देने का मामला अटका हुआ था, विलंबित हुआ था जिसे प्रधान नियंत्रक महोदय डॉ. राजीव एस. चव्हाण, भा.र.ले.से. रा.र.अ. प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे सहानुभूतिपूर्ण विचार कर छह नियुक्तियां करवाई हैं। कुल 18 अनुकंपा के मामले थे, जिसमें कोर्ट कचहरी में चार समेत विलंबित, विचाराधीन हैं। बचे हुए में से छह की नियुक्ति हो गई, बाकी आठ की 01 अक्टूबर तक नियुक्ति देने का कृत संकल्प माननीय प्रधान नियंत्रक महोदय ने भरी सभा को दिया। इस परोपकारी कृत्य से हमें लालफीताशाही का मानवीय चेहरा देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, 2 एमटीएस पदों पर नवनियुक्त कर्मियों तथा दिव्यांग कर्मी को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उक्त अवसर पर एस.ए.एस. के मेधावी सक्षम कर्मचारी को भी पुरस्कृत किया।
तत्पश्चात अति विशेष अतिथि डॉ. प्रज्ञा चव्हाण, एमबीबीएस, एमडी महोदया ने कार्यालय परिसर में स्थित अमृत वाटिका में वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संवर्धन के प्रति अपनी श्रद्धा भक्ति को प्रकट करते हुए कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों तथा उनके बच्चों द्वारा देशभक्ति पर गीतों का शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाया गया।
कर चले हम फिदा, वतन पे जो फिदा होगा, है प्रीत जहाँ की रीत सदा आदि देशभक्ति गीतों से सभागृह में उपस्थित सभी लोग भाव-विभोर हुए।
धन्यवाद ज्ञापन के बाद, देश के प्रति स्वाभिमान व प्रेम की भावना के साथ ‘जय हिन्द’ के नारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का सुचारु रूप से संचालन श्रीमती मधु गांधी, व.ले.अ और श्रीमती सुहाना आरिफ, स.ले.अ ने किया।
यह जानकारी पुणे के रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।

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