पुणे, अगस्त (जिमाका)
महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल के माध्यम से शहद केंद्र योजना (मधुमक्खियों का पालन) पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। योजना के लाभ के लिए जिले में व्यक्तियों और संगठनों को आवेदन करने की अपील मंडल द्वारा की गई है।
इस योजना में शहद उद्योग का निःशुल्क प्रशिक्षण, सामग्री के रूप में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा और 50 प्रतिशत स्वयं निवेश करना आवश्यक है। सरकारी गारंटी मूल्य पर शहद खरीदने/विशेष शौक प्रशिक्षण की सुविधा, मधुमक्खी सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जन जागरूकता के लिए भागीदारी इस योजना की विशेषताएं हैं।
योजना के मुख्य तत्व और पात्रता :
व्यक्तिगत मधुमक्खी पालक के लिए आवेदक को साक्षर होना चाहिए। स्वयं का खेत होने को प्राथमिकता दी जायेगी। आयु 18 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। 10 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। केंद्रचालक प्रगतिशील मधुमक्खीपालक के लिए न्यूनतम 10 वीं उत्तीर्ण, आयु 21 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति के नाम पर कम से कम या उस व्यक्ति के परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि या किराए के आधार पर ली गई कृषि भूमि साथ ही लाभार्थी के पास मधुमक्खीपालन प्रजनन और शहद उत्पादन के बारे में लोगों को प्रशिक्षित करने की क्षमता और सुविधा होनी चाहिए।
केंद्रचालक संस्थाओं के लिए संस्था पंजीकृत होनी चाहिए। संस्था के नाम पर या किराये के आधार पर कम से कम एक हजार वर्ग मीटर उपयुक्त इमारत होनी चाहिए। साथ ही एक एकड़ कृषि भूमि खुद की या किराए पर होनी चाहिए। संस्था के पास मधुमक्खीपालन प्रजनन और शहद उत्पादन के बारे में लोगों को प्रशिक्षिण देने की क्षमता रहनेवाले सेवक होने चाहिए।
नियम और शर्तें :
लाभार्थी चयन प्रक्रिया के बाद प्रशिक्षण से पूर्व शहद व्यवसाय प्रारंभ करने के संबंध में मंडल को बंधपत्र लिखना अनिवार्य होगा। मंडल द्वारा निर्धारित स्थान पर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल, जिला कार्यालय, 24 ब, पुराना पुणे-मुंबई रोड, शासकीय दूध डेयरी के सामने, पुणे-3, टेलीफोन क्रमांक 020-25811859 पर संपर्क करें। यह अपील जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों ने की है।
महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल के माध्यम से शहद केंद्र योजना (मधुमक्खियों का पालन) पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। योजना के लाभ के लिए जिले में व्यक्तियों और संगठनों को आवेदन करने की अपील मंडल द्वारा की गई है।
इस योजना में शहद उद्योग का निःशुल्क प्रशिक्षण, सामग्री के रूप में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा और 50 प्रतिशत स्वयं निवेश करना आवश्यक है। सरकारी गारंटी मूल्य पर शहद खरीदने/विशेष शौक प्रशिक्षण की सुविधा, मधुमक्खी सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जन जागरूकता के लिए भागीदारी इस योजना की विशेषताएं हैं।
योजना के मुख्य तत्व और पात्रता :
व्यक्तिगत मधुमक्खी पालक के लिए आवेदक को साक्षर होना चाहिए। स्वयं का खेत होने को प्राथमिकता दी जायेगी। आयु 18 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। 10 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। केंद्रचालक प्रगतिशील मधुमक्खीपालक के लिए न्यूनतम 10 वीं उत्तीर्ण, आयु 21 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। व्यक्ति के नाम पर कम से कम या उस व्यक्ति के परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि या किराए के आधार पर ली गई कृषि भूमि साथ ही लाभार्थी के पास मधुमक्खीपालन प्रजनन और शहद उत्पादन के बारे में लोगों को प्रशिक्षित करने की क्षमता और सुविधा होनी चाहिए।
केंद्रचालक संस्थाओं के लिए संस्था पंजीकृत होनी चाहिए। संस्था के नाम पर या किराये के आधार पर कम से कम एक हजार वर्ग मीटर उपयुक्त इमारत होनी चाहिए। साथ ही एक एकड़ कृषि भूमि खुद की या किराए पर होनी चाहिए। संस्था के पास मधुमक्खीपालन प्रजनन और शहद उत्पादन के बारे में लोगों को प्रशिक्षिण देने की क्षमता रहनेवाले सेवक होने चाहिए।
नियम और शर्तें :
लाभार्थी चयन प्रक्रिया के बाद प्रशिक्षण से पूर्व शहद व्यवसाय प्रारंभ करने के संबंध में मंडल को बंधपत्र लिखना अनिवार्य होगा। मंडल द्वारा निर्धारित स्थान पर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य खादी और ग्रामोद्योग मंडल, जिला कार्यालय, 24 ब, पुराना पुणे-मुंबई रोड, शासकीय दूध डेयरी के सामने, पुणे-3, टेलीफोन क्रमांक 020-25811859 पर संपर्क करें। यह अपील जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों ने की है।

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