पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती इंदु दुबे के कुशल नेतृत्व में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पुणे रेल मंडल पर सोमवार दिनांक 31 जुलाई को मनाई गई। अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री बृजेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर मुंशी प्रेमचंद जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर पुष्पांजली अर्पित की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य साधना की है, जो हमारे लिए अनमोल धरोहर है एवं ऐसी विरासत है जिसके बिना हिंदी के विकास का अध्ययन अधूरा है। मंडल के हिंदी पुस्तकालय में मुंशी प्रेमचंद का संपूर्ण साहित्य रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी पाठकों के लिए उपलब्ध किया गया है।
इस अवसर पर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह ने मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके साहित्य में जीवन के मूल्यों के बारे में बताए गए विचारों को अपने दैनिक आचरण में लाने पर बल दिया।
राजभाषा अधिकारी डॉ. शंकरसिंह परिहार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का जीवन एवं कार्य अत्यंत प्रेरणास्पद रहा है। प्रेमचंद का साहित्य यह हिंदी साहित्य का एक अभिन्न अंग है। साहित्यिक अध्ययन में प्रेमचंद का महत्व श्रेष्ठ है। जयंती के कार्यक्रम द्वारा उन्हें याद करने का यह एक अच्छा अवसर है जिससे हिंदी के प्रचार प्रसार को बल मिलेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर विकास पाराशर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का सूत्र-संचालन वरिष्ठ अनुवादक राजू तलेकर ने किया। आभार प्रदर्शन राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रामदास भिसे द्वारा दी गई है।
मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती इंदु दुबे के कुशल नेतृत्व में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पुणे रेल मंडल पर सोमवार दिनांक 31 जुलाई को मनाई गई। अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री बृजेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर मुंशी प्रेमचंद जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर पुष्पांजली अर्पित की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य साधना की है, जो हमारे लिए अनमोल धरोहर है एवं ऐसी विरासत है जिसके बिना हिंदी के विकास का अध्ययन अधूरा है। मंडल के हिंदी पुस्तकालय में मुंशी प्रेमचंद का संपूर्ण साहित्य रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी पाठकों के लिए उपलब्ध किया गया है।
इस अवसर पर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह ने मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके साहित्य में जीवन के मूल्यों के बारे में बताए गए विचारों को अपने दैनिक आचरण में लाने पर बल दिया।
राजभाषा अधिकारी डॉ. शंकरसिंह परिहार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का जीवन एवं कार्य अत्यंत प्रेरणास्पद रहा है। प्रेमचंद का साहित्य यह हिंदी साहित्य का एक अभिन्न अंग है। साहित्यिक अध्ययन में प्रेमचंद का महत्व श्रेष्ठ है। जयंती के कार्यक्रम द्वारा उन्हें याद करने का यह एक अच्छा अवसर है जिससे हिंदी के प्रचार प्रसार को बल मिलेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर विकास पाराशर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का सूत्र-संचालन वरिष्ठ अनुवादक राजू तलेकर ने किया। आभार प्रदर्शन राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया।
यह जानकारी पुणे रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रामदास भिसे द्वारा दी गई है।

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