अनुसूचित जाति, जनजाति, अनुसूचित जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ी जातियां, विकलांगता कल्याण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत संगठन और उल्लेखनीय कार्य कर रहे समाजसेवकों को सामाजिक न्याय विभाग द्वारा हर वर्ष विभिन्न पुरस्कार दिये जाते हैं। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाजभूषण पुरस्कार, साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार, पद्मश्री कर्मवीर दादासाहब गायकवाड पुरस्कार व संत रविदास पुरस्कार, शाहू, फुले, आंबेडकर पारितोषिक व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय प्राविण्य पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके बारे में जानकारी...
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाजभूषण पुरस्कार, साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार, पद्मश्री कर्मवीर दादासाहब गायकवाड पुरस्कार व संत रविदास पुरस्कार के लिए व्यक्तियों के लिए आयु की आवश्यकता, पुरुषों के लिए न्यूनतम 50 वर्ष और महिलाओं के लिए न्यूनतम 40 वर्ष है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाजभूषण पुरस्कार
यह पुरस्कार 51 व्यक्तियों को 15 हजार रुपये और 10 संस्थाओं को 25 हजार रुपये का है। इस राशि का भुगतान धनकर्ष के माध्यम से किया जाता है। व्यक्तियों के पास सामाजिक क्षेत्र में 10 वर्षों की व्यक्तिगत उत्कृष्टता होनी चाहिए। साथ ही संस्थानों के पास इस क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का उत्कृष्ट कार्य होना आवश्यक है। संगठन में कोई दुराचार नहीं होना चाहिए, पिछले 5 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट आवश्यक है।
साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार
इस पुरस्कार के लिए मातंग समाज सेवा और विकास के क्षेत्र में उनके काम के आधार पर चुना जाता है। किसी व्यक्ति या संगठन को एक से अधिक बार पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। 30 प्रतिशत पुरस्कार महिलाओं को दिया जाएगा। 25 व्यक्तियों को 25 हजार रुपये और 6 संस्थानों को 50 हजार रुपये यह पुरस्कार का स्वरुप है।
पद्मश्री कर्मवीर दादासाहब गायकवाड पुरस्कार
नवबौद्ध समाज के उत्थान हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्याय उन्मूलन, अन्धविश्वास परंपरा उन्मूलन, जनजागरण, भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के कल्याण के क्षेत्र में कार्य करनेवाली संस्था इस पुरस्कार के लिए एक संगठन और एक व्यक्ति का चयन किया जाता है। धनकर्ष के माध्यम से एक व्यक्ति को 21 हजार एक रुपये और एक संस्था को 30 हजार एक रुपये दिए जाते हैं। व्यक्तियों को इस क्षेत्र में कम से कम 15 वर्षों तक और संगठनों को कम से कम 10 वर्षों तक काम करना चाहिए। इस पुरस्कार के लिए जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।
संत रविदास पुरस्कार
चर्मकार समाज की उन्नति के लिए कार्य करनेवाली संस्था व व्यक्तियों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। धनकर्ष के माध्यम से एक व्यक्ति को 21 हजार एक रुपये और एक संस्था को 30 हजार एक रुपये दिए जाते हैं। एक व्यक्ति को एक से अधिक पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। लोक नियुक्त प्रतिनिधि पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।
शाहू, फुले, आंबेडकर पुरस्कार राज्य के छह राजस्व प्रभागों में से प्रत्येक में दो संगठन के अनुसार राज्य के 12 संगठनों को पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार में 7 लाख 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, सम्मान प्रमाण पत्र, सम्मान प्रमाण पत्र के लिए सिल्वर स्क्रॉल स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल शामिल हैं, यह पुरस्कार का स्वरुप है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय प्राविण्य पुरस्कार राज्यस्तर पर हर एक को 3 इस अनुसार 18 संगठनों को 3-3 पुरस्कार दिए जाते हैं। इस पुरस्कार का प्रारूप राज्य स्तर पर प्रथम 5 लाख, द्वितीय 3 लाख और तृतीय के लिए 2 लाख है। प्रत्येक श्रेणी से सर्वश्रेष्ठ संस्था को विभागीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रूपये दिये जाते हैं। प्रथम स्थान का पुरस्कार प्राप्त करने वाला संगठन 5 वर्षों तक पुनः पात्र नहीं होगा। जिन संगठनों के खिलाफ आपराधिक अपराध दर्ज किए गए हैं या सरकारी अनुदान का दुरुपयोग करते हुए पाया गया है, वे पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।
इच्छुक स्वयंसेवी संस्था और व्यक्तियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, समाज कल्याण के पास 15 अगस्त 2023 तक प्रस्तुत किया जाना चाहिए। नमूना आवेदन प्रपत्र और अधिक जानकारी सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की http://sjsa.maharashtra.gov.in इस वेब साइट पर उपलब्ध है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाजभूषण पुरस्कार, साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार, पद्मश्री कर्मवीर दादासाहब गायकवाड पुरस्कार व संत रविदास पुरस्कार के लिए व्यक्तियों के लिए आयु की आवश्यकता, पुरुषों के लिए न्यूनतम 50 वर्ष और महिलाओं के लिए न्यूनतम 40 वर्ष है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर समाजभूषण पुरस्कार
यह पुरस्कार 51 व्यक्तियों को 15 हजार रुपये और 10 संस्थाओं को 25 हजार रुपये का है। इस राशि का भुगतान धनकर्ष के माध्यम से किया जाता है। व्यक्तियों के पास सामाजिक क्षेत्र में 10 वर्षों की व्यक्तिगत उत्कृष्टता होनी चाहिए। साथ ही संस्थानों के पास इस क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का उत्कृष्ट कार्य होना आवश्यक है। संगठन में कोई दुराचार नहीं होना चाहिए, पिछले 5 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट आवश्यक है।
साहित्यरत्न लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे पुरस्कार
इस पुरस्कार के लिए मातंग समाज सेवा और विकास के क्षेत्र में उनके काम के आधार पर चुना जाता है। किसी व्यक्ति या संगठन को एक से अधिक बार पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। 30 प्रतिशत पुरस्कार महिलाओं को दिया जाएगा। 25 व्यक्तियों को 25 हजार रुपये और 6 संस्थानों को 50 हजार रुपये यह पुरस्कार का स्वरुप है।
पद्मश्री कर्मवीर दादासाहब गायकवाड पुरस्कार
नवबौद्ध समाज के उत्थान हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्याय उन्मूलन, अन्धविश्वास परंपरा उन्मूलन, जनजागरण, भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के कल्याण के क्षेत्र में कार्य करनेवाली संस्था इस पुरस्कार के लिए एक संगठन और एक व्यक्ति का चयन किया जाता है। धनकर्ष के माध्यम से एक व्यक्ति को 21 हजार एक रुपये और एक संस्था को 30 हजार एक रुपये दिए जाते हैं। व्यक्तियों को इस क्षेत्र में कम से कम 15 वर्षों तक और संगठनों को कम से कम 10 वर्षों तक काम करना चाहिए। इस पुरस्कार के लिए जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।
संत रविदास पुरस्कार
चर्मकार समाज की उन्नति के लिए कार्य करनेवाली संस्था व व्यक्तियों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। धनकर्ष के माध्यम से एक व्यक्ति को 21 हजार एक रुपये और एक संस्था को 30 हजार एक रुपये दिए जाते हैं। एक व्यक्ति को एक से अधिक पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। लोक नियुक्त प्रतिनिधि पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।
शाहू, फुले, आंबेडकर पुरस्कार राज्य के छह राजस्व प्रभागों में से प्रत्येक में दो संगठन के अनुसार राज्य के 12 संगठनों को पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार में 7 लाख 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, सम्मान प्रमाण पत्र, सम्मान प्रमाण पत्र के लिए सिल्वर स्क्रॉल स्मृति चिन्ह, शॉल और श्रीफल शामिल हैं, यह पुरस्कार का स्वरुप है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय प्राविण्य पुरस्कार राज्यस्तर पर हर एक को 3 इस अनुसार 18 संगठनों को 3-3 पुरस्कार दिए जाते हैं। इस पुरस्कार का प्रारूप राज्य स्तर पर प्रथम 5 लाख, द्वितीय 3 लाख और तृतीय के लिए 2 लाख है। प्रत्येक श्रेणी से सर्वश्रेष्ठ संस्था को विभागीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख रूपये दिये जाते हैं। प्रथम स्थान का पुरस्कार प्राप्त करने वाला संगठन 5 वर्षों तक पुनः पात्र नहीं होगा। जिन संगठनों के खिलाफ आपराधिक अपराध दर्ज किए गए हैं या सरकारी अनुदान का दुरुपयोग करते हुए पाया गया है, वे पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे।
इच्छुक स्वयंसेवी संस्था और व्यक्तियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, समाज कल्याण के पास 15 अगस्त 2023 तक प्रस्तुत किया जाना चाहिए। नमूना आवेदन प्रपत्र और अधिक जानकारी सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की http://sjsa.maharashtra.gov.in इस वेब साइट पर उपलब्ध है।
-गीतांजली अवचट, उपसंपादक
विभागीय सूचना कार्यालय, पुणे

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