हड़पसर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
अण्णाभाऊ साठे का साहित्य परिवर्तन की दिशा और प्रेरणा बन गया है। महाराष्ट्र के समग्र निर्माण और परिवर्तन में अण्णाभाऊ साठे के साहित्य का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। आज भी बड़ी संख्या में छात्र एवं विद्वान उनके साहित्य का शोध अध्ययन करते नजर आते हैं। यह विचार शिवसेना (ठाकरे गुट) हड़पसर विधानसभा मतदार संघ के संघटक संजय सपकाल ने व्यक्त किए।
शिवसेना (ठाकरे गुट) हड़पसर विधानसभा मतदार संघ की ओर से लोकशाहीर, साहित्यकार, उपन्यासकार अण्णाभाऊ साठे की 103 वीं जयंती मनाई गई। विधानसभा संघटक संजय सपकाल की ओर से अण्णा भाऊ साठे की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित करके अभिवादन किया गया, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां राजेंद्र शिर्के, विश्वास राजगे, मंगेश कांबले, अनिल राजगे, राकेश लंडगे, गणेश राजगे, अक्षय पोटे, रोहित थोरत, भाऊ माकर, कुणाल सपकाल, गणेश जाधव, सुरेश दोरी, परमेश्वर पंचम, संजय सूर्यवंशी, तानाजी घोलप, दुर्गा आप्पा कांबले, बसवराज ऊगार, अरुण पाटिल आदि के साथ शिवसैनिक प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
अण्णाभाऊ साठे का साहित्य परिवर्तन की दिशा और प्रेरणा बन गया है। महाराष्ट्र के समग्र निर्माण और परिवर्तन में अण्णाभाऊ साठे के साहित्य का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। आज भी बड़ी संख्या में छात्र एवं विद्वान उनके साहित्य का शोध अध्ययन करते नजर आते हैं। यह विचार शिवसेना (ठाकरे गुट) हड़पसर विधानसभा मतदार संघ के संघटक संजय सपकाल ने व्यक्त किए।
शिवसेना (ठाकरे गुट) हड़पसर विधानसभा मतदार संघ की ओर से लोकशाहीर, साहित्यकार, उपन्यासकार अण्णाभाऊ साठे की 103 वीं जयंती मनाई गई। विधानसभा संघटक संजय सपकाल की ओर से अण्णा भाऊ साठे की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित करके अभिवादन किया गया, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां राजेंद्र शिर्के, विश्वास राजगे, मंगेश कांबले, अनिल राजगे, राकेश लंडगे, गणेश राजगे, अक्षय पोटे, रोहित थोरत, भाऊ माकर, कुणाल सपकाल, गणेश जाधव, सुरेश दोरी, परमेश्वर पंचम, संजय सूर्यवंशी, तानाजी घोलप, दुर्गा आप्पा कांबले, बसवराज ऊगार, अरुण पाटिल आदि के साथ शिवसैनिक प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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